राजकीय सम्‍मान के साथ हुआ छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी का अंतिम संस्‍कार
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राजकीय सम्‍मान के साथ हुआ छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी का अंतिम संस्‍कार
रायपुर के निजी अस्पताल में अजीत जोगी का निधन हो गया.

छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Former CM AJit Jogi) का शनिवार की शाम 7.30 बजे राजकीय सम्‍मान के साथ गौरेला स्थित कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार किया गया.

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रायपुर. छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी (Former CM AJit Jogi) अब हमारे बीच नहीं हैं. शुक्रवार दोपहर रायपुर के श्री नारायणा अस्पताल में लंबे इलाज के बाद उनका निधन हुआ. 74 साल की उम्र में मौत से जोगी जंग हार गए. शुक्रवार रात उनका पार्थिव शरीर अस्पताल से उनके रायपुर स्थित बंगले लाया गया. जिस किसी ने भी अजीत जोगी के निधन की खबर सुनी, आखिरी दर्शन के लिए दौड़ पड़ा. कार्यकर्ताओं की आंखें नम थी, पूरा छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) शोक में डूब गया. सीएम भूपेश बघेल सहित सूबे के कई नामी चेहरे अजीत जोगी को श्रद्धांजलि देने सगौन बंगला पहुंचे थे. जबकि शनिवार की शाम 7.30 बजे राजकीय सम्‍मान के साथ उनका गौरेला स्थित कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार किया गया.

9 मई की सुबह गंगा इमली का बीज विंड पाइप में फंसने के बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ था. फिर उन्हें राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. अजीत जोगी करीब 20 दिनों तक वेंटिलेटर सपोर्ट में रहे. अस्पताल में भर्ती होने के बाद वे कोमा में चल गए थे. रेडियेशन से लेकर सॉंग थेरेपी के जरिए उनके ब्रेन को एक्टिव करने की लगातार कोशिश की जा रही थी. देश-विदेश के नामी डॉक्टरों से उनके ट्रीटमेंट को लेकर चर्चा की गई. अस्पताल की ओर से बताया गया कि शुक्रवार को दोपहर 1.30 बजे अजीत जोगी को दोबारा कार्डियक अरेस्ट आया, 3.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली.

बिलासपुर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम



शनिवार सुबह अजीत जोगी का पार्थिव शरीर रायपुर के सागौन बंगले से बिलासपुर के मरवाही सदन के लिए रवाना हुआ. राजधानी के जिस रास्ते अजीत जोगी निकले, लोगों की आंखें भर आईं. लोगों जहां खड़े थे वहीं से अजीत जोगी को श्रद्धांजलि दी. उनके समर्थकों में गम का माहौल था. जब तक सूरज चांद रहेगास जोगी जी का नाम रहे, के नारे के साथ रायपुर से उनकी अंतिम यात्रा बिलासपुर की ओर निकली. अजीत जोगी की अंतिम यात्रा सागौन बंगले से फाफाडीह, सिलतरा, धरसीवां, सिमगा, दामाखेड़ा, नांदघाट होते हुए बिलासपुर पहुंची.



गौरेला में तैनात किए गए 250 जवान
ईसाई रीति रिवाज से जोगी का अंतिम संस्कार हुआ. वहीं, गौरेला में सुरक्षा के मद्देनजर दो एसपी को तौनात किया गया. जबकि आईडी दीपांशु काबरा भी गौरेला पहुंचे. तकरीबन 250 पुलिस अधिकारी और जवानों की तैनाती कर दी गई. कोरोना काल के इस लॉकडाउन में सोशल डिस्टेंसिंग और महामारी अधिनियम के पालन के लिए अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी ने सभी से अपील करते हुए नियमों के पालन को सच्ची श्रद्धांजलि माना है.

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First published: May 30, 2020, 12:24 PM IST
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