नान घोटाला मामले में विधानसभा सदन में घिरते जा रहे हैं पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह

रमन सिंह की फाइल फोटो
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छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने के बाद नागरिक आपूर्ति निगम में घोटाले को लेकर घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है.

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छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने के बाद नागरिक आपूर्ति निगम में घोटाले को लेकर घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है. कांग्रेस सरकार इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन कर सच्चाई सामने लाने की तैयारी में है. तत्कालीन समय के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह नान घोटाले के बाद विधानसभा में घिरते जा रहे हैं. लगातार सत्तापक्ष उनपर इस घोटाले को लेकर हमलावर है.

नान घोटाला मामले में बीते बुधवार को विधानसभा सदन में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का कहना है कि इस घोटाले की जांच हो चुकी है तो फिर एसआईटी गठन करने का कोई अर्थ ही नहीं है, लेकिन यह सरकार तो एसआईटी की सरकार है. डॉ. रमन सिंह ने कहा कि सरकार को एक और एसआईटी इस बात के लिए गठित करनी चाहिए कि किन किन मामलों में एसआईटी का गठन किया जाए.

दूसरी ओर सत्तारुढ़ पार्टी का साफ कहना है कि पूर्व सीएम गलत बोल रहे हैं. संसदीय कार्यमंत्री रविन्द्र चौबे का कहना है कि इस घोटले में जांच के दौरान जब्त लाल डायरी के सिर्फ पहले 6 पन्नो की जांच की गई थी और बाकी पन्नों को छोड़ दिया गया था. बाकी 107 पन्नों की जांच एसआईटी करेगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.



पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कहा है कि सरकार संतुष्ट नहीं है, इसी लिए इस मामले की एसआईटी से जांच करवा रही है, जो ठीक है. बहरहाल नान घोटाले के आरोपी सबके सामने आ पायेंगे या नहीं यह तो आने वाला समय ही तय करेगा, लेकिन कांग्रेस सरकार उन सभी मामलों को संज्ञान में ले रही हैं, जो शक के दायरे में हैं.
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