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गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही अब छत्तीसगढ़ का नया जिला, इन खुबियों ने बनाई है अलग पहचान
Raipur News in Hindi

Devwrat Bhagat | News18 Chhattisgarh
Updated: February 10, 2020, 10:30 AM IST

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के 28वें जिले का कुल क्षेत्रफल 1 लाख 68 हजार 225 हेक्टेयर है. इस जिले में कुल सिंचित रकबा 6290 हेक्टेयर और कुल असिंचित रकबा 64 हजार 352 हेक्टेयर है.

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रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में 10 फरवरी से अब 28 जिले होंगे. बिलासपुर (Bilaspur) से अलग कर गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (Gorela-Pandra-Marwahi) को 28वां जिला बनाया गया है. इसके साथ ही इस क्षेत्र के लोगों की बहुप्रतिक्षित मांग पूरी हो गई है. सीएम भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने 15 अगस्त 2019 को स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की घोषणा की थी. नवगठित जिले में तीन तहसील और तीन विकासखण्ड गौरेला, पेण्ड्रा और मरवाही शामिल होंगे, जिनमें कुल 166 ग्राम पंचायतें, 222 गांव और 2 नगर पंचायत गौरेला और पेण्ड्रा समाहित होंगी.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के 28वें जिले का कुल क्षेत्रफल 1 लाख 68 हजार 225 हेक्टेयर है. इस जिले में कुल सिंचित रकबा 6290 हेक्टेयर और कुल असिंचित रकबा 64 हजार 352 हेक्टेयर है. इस नए जिले में मरवाही विधानसभा के 200 गांव और कोटा विधानसभा के 25 गांव, कोरबा लोकसभा क्षेत्र के 200 गांव और बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के 25 गांव समाहित हैं.

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नए जिले के शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.


पूरे देश में फैली है चावल की महक​

गौरतलब है कि गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही क्षेत्र पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखता है. छत्तीसगढ़ का प्रथम समाचार पत्र ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ का प्रकाशन मासिक पत्रिका के रूप में पेन्ड्रा से वर्ष 1900 में पंडित माधवराव सप्रे के संपादन में प्रकाशित हुआ था. यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से भरा-पूरा है. खनिज संपदा और औषधीय पौधे यहां की पहचान है. यहां के विष्णुभोग चावल की महक पूरे देश में फैली है. गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला दूरस्थ वनांचल में स्थित है. सीएम भूपेश बघेल का कहना है कि अब ​तक बिलासपुर का हिस्सा रहे मरवाही तहसील का जिला मुख्यालय की दूरी लगभग 165 किलोमीटर थी. जनसामान्य को शासकीय कार्य हेतु जिला मुख्यालय बिलासपुर आने जाने में अत्यधिक समय व संसाधन लगता है. नया जिला बनने से जनसामान्य को इससे राहत मिलेगी.

आदिवासी बाहुल्य इलाका
गौरतलब है कि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पूर्णता अधिसूचित क्षेत्र में है. आदिवासी बहुल एवं विशेष पिछड़ी जनजाति तथा बैगा जनजाति के हितों के संवर्धन एवं विकास में मदद मिलेगी. राज्य शासन द्वारा इस नए जिले के कलेक्टोरेट के लिए 63 पदों का सेटअप भी स्वीकृत किया गया है, जिनमें कलेक्टर सहित एक अपर कलेक्टर, एक संयुक्त कलेक्टर, तीन डिप्टी कलेक्टर, एक अधीक्षक, दो सहायक अधीक्षक, स्टेनोग्राफर वर्ग-1 का एक पद, सहायक ग्रेड-2 के 8 पद, सहायक ग्रेड-3 के 16 पद, स्टेनो टाइपिस्ट के तीन, वाहन चालक के 6 पद, दफ्तरी के एक, माल जमादार का एक, अर्दली के 3 पद, चौकीदार के 3 पद, भृत्य के 10 पद, फर्राश का 1 पद और अंशकालीन स्वीपर का 1 पद स्वीकृत किया गया है.ये भी पढ़ें:
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First published: February 10, 2020, 10:24 AM IST
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