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छत्तीसगढ़ राज्य में फेल होती स्वास्थ्य योजनाएं, इलाज के नाम पर वसूले जा रहे हैं पैसे!
Raipur News in Hindi

Om Jaisawal | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: September 6, 2016, 3:50 PM IST

छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार की अति महात्वकांक्षी स्वास्थ योजनाएं डॉक्टर की कमी की वजह से दम तोड़ती नजर आ रहीं हैं. मामला राज्य के जिला बलौदबाजार का हैं, जहां बेहतर स्वास्थ सुविधा के लिए 102 महतारी एक्सप्रेस,108 एम्बुलेंस, स्मार्ट कार्ड, चिरायु, जीवन दीप जैसे न जाने कितने प्रकार की महत्वकांक्षी योजनाएं चला रही हैं, पर इन योजनाओं से जनता को लाभ मिलता नहीं दिख रहा.

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छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार की अति महात्वकांक्षी स्वास्थ्य योजनाएं डॉक्टर की कमी की वजह से दम तोड़ती नजर आ रहीं हैं.

मामला राज्य के जिला बलौदबाजार का हैं, जहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए 102 महतारी एक्सप्रेस,108 एम्बुलेंस, स्मार्ट कार्ड, चिरायु, जीवन दीप जैसे न जाने कितने प्रकार की महत्वकांक्षी योजनाएं चला रही हैं, पर इन योजनाओं से जनता को लाभ मिलता नहीं दिख रहा.

आंकड़ों की माने तो यहां 20 बेड का अस्पताल है जहां 6 डाँक्टर सहित, कुल 29 स्टाफ है, फिर भी कोई इलाज कराने को तैयार नहीं. लोगों का कहना है कि यहां इलाज के नाम पर सुविधा कम और पैसे ज्यादा हैं. यहीं नहीं यहां डॉक्टरों की मौजूगी दिन में ही रहती है , रात को कोई डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं रहता, मराज इलाज के लिए तड़पते रहतें हैं.

एक मरीज का दावा है कि उसकी पत्नी के प्रसव के लिए उससे 500 रूपये मांगे गए ब्लाड टेस्ट, यूरीन टेस्ट करने के भी पैसे लिए गए, इतना ही नहीं मेरी पत्नि को प्रसव के दौरान लगने वाले इंजेक्शन को मुझे खरीद कर वापस जमा करने को कहा गया और प्रसव के बाद मिलने वाली राशि में से 50 रुपए और काटे गए.



अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, हर तरफ गंदगी, टस्ट के नाम पर ज्यादा पैसों की वसूली और दवाइयों की कमी एसे हालात में मरीज प्राइवेट अस्पताल में ही इलाज कराने को मजबूर हैं और सरकार से सवाल कर रहें हैं कि ऐसी स्वास्थ्य योजनाओं से किसे लाभ हो रहा है.

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First published: September 6, 2016, 12:57 PM IST
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