मानसून सत्र: 7 महीने की भूपेश सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगा विपक्ष!

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जकांछ) ने भाजपा की तरफ हाथ बढ़ाया है.

Abdul Hameed Siddique | News18 Chhattisgarh
Updated: July 9, 2019, 10:01 AM IST
मानसून सत्र: 7 महीने की भूपेश सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगा विपक्ष!
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 12 जुलाई से शुरू होगा. भूपेश सरकार बनने के बाद विधानसभा का ये तीसरा सत्र होगा.
Abdul Hameed Siddique
Abdul Hameed Siddique | News18 Chhattisgarh
Updated: July 9, 2019, 10:01 AM IST
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 12 जुलाई से शुरू होगा. भूपेश सरकार बनने के बाद विधानसभा का ये तीसरा सत्र होगा. 7 महीने की भूपेश सरकार के खिलाफ इस सत्र में विपक्ष जोर शोर से मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहा है. इसको लेकर विपक्षी दल रणनीति भी तैयार कर लिए हैं. छत्तीसगढ़ के मुख्य अखबारों में से एक नईदुनिया ने मंगलवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

नईदुनिया ने लिखा है- छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जकांछ) ने भाजपा की तरफ हाथ बढ़ाया है. 12 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में जकांछ सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रही है. जकांछ-बसपा गठबंधन के केवल सात विधायक हैं, जबकि अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कुल 10 विधायकों की जरुरत पड़ेगी. इसी वजह से जकांछ ने भाजपा से मदद मांगी है. जकांछ के प्रमुख अजीत जोगी ने नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक से फोन पर बात भी की है. वहीं, कौशिक ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव पर विधायक दल की बैठक में चर्चा के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा.

इन मुद्दों पर घेरने की तैयारी
भाजपा विधायक दल की बैठक सत्र शुरू होने से एक दिन पहले 11 जून को रायपुर में होनी है. इस बैठक में भाजपा विधायक भीमा मंडावी की नक्सली हत्या, हिरासत में आदिवासी युवक की मौत के साथ कांग्रेस सरकार के वादों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जाएगी. बताया जा रहा है कि भाजपा किसानों की कर्ज माफी को भी सदन में उठाने की तैयारी में है। किसानों का सरकार ने कर्जमाफी का दावा किया है, लेकिन बड़ी संख्या में किसानों को कर्जमाफी का सर्टिफिकेट नहीं मिलने के कारण नया लोन नहीं मिल रहा है. इसको देखते हुए सरकार ने प्रदेश के एक हजार 333 सहकारी समितियों में कर्जमाफी का प्रमाणपत्र बांटने की जिम्मेदारी मंत्रियों और विधायकों को दी है. इसके साथ ही प्रदेश की कानून व्यवस्था और बदलापुर की राजनीति को लेकर भी भाजपा सरकार को घेरने की फिराक में है.

तीन खाद फैक्ट्रियों में छापा
राजधानी रायपुर के आस पास तीन खाद्य फैक्ट्रियों में प्रशासन की टीम ने छापामार कार्रवाई बीते सोमवार को की. दैनिक भास्कर ने लिखा है- भनपुरी, उरला और महासमुंद में तीन खाद फैक्ट्रियों पर छापा मारा गया. इनका स्टॉक जब्त कर लिया गया है और फैक्ट्रियों में खाद बनाने और बेचने पर भी रोक लगा दी गई है. कार्रवाई सोमवार को कृषि विभाग के उड़नदस्तों द्वारा की गुई. हाल ही में राजनांदगांव में भी कृषि विभाग ने एक फैक्ट्री पर कार्रवाई की थी. जिन फैक्ट्रियों में छापा मारा गया उनमें गड़बड़ी की शिकायत कृषि मुख्यालय पहुंची थी.

इनके यहां छापा
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भनपुरी औद्योगिक क्षेत्र स्थित माधव एग्रो केम में छापा मारने गई टीम को गोदाम में ही गंदगी मिली. इस वजह से वहां रखे गए खाद के स्टॉक में गुणवत्ता खराब होने की आशंका से कार्रवाई की गई. उरला स्थित अल्फा बायो प्रोडक्ट में मजदूरों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ के साथ बिना लाइसेंस बोरान की पैकिंग करने का खुलासा हुआ है. महासमुंद के बिरकोनी स्थित तुलसी फास्फेट लिमिटेड में फैक्ट्री व विक्रय परिसर की जांच में उर्वरक आदेश 1985 का उल्लंघन पाया गया. इसके आधार पर 21 दिन के लिए निर्माण पर रोक लगा दी गई है.

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First published: July 9, 2019, 7:06 AM IST
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