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सुर्खियां: भाजपा को ‘फाइनल’ में पाटना होगा लाखों वोटों का गड्ढा, नेताओं का दिल्ली में जमावड़ा

छत्तीसगढ़ लोकसभा चुनाव

छत्तीसगढ़ लोकसभा चुनाव

छत्तीसगढ़ के मुख्य अखबारों में एक दैनिक भास्कर ने लोकसभा चुनाव में आंकड़ों पर आधारित एक खास खबर बुधवार के अंक में प्रकाशित की है.

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लोकसभा चुनाव का शंखनाद होने के बाद अब जीत के समीकरण राजनीतिक दल तय कर रहे हैं. इसमें साल 2018 के विधानसभा चुनावों के परिणाम में जीत हार के आंकड़े पर भाजपा और कांग्रेस का विशेष फोकस है. छत्तीसगढ़ में 15 साल की सत्ता के बाद बाहर हुई भाजपा को अब “फाइनल’ मुकाबले यानी लोकसभा में लाखों वोटों का गड्ढा पाटना होगा. कांकेर और महासमुंद में तो भाजपा के मुकाबले कांग्रेस दो लाख वोटों की मार्जिन से आगे है. छत्तीसगढ़ के मुख्य अखबारों में एक दैनिक भास्कर ने लोकसभा चुनाव में आंकड़ों पर आधारित एक खास खबर बुधवार के अंक में प्रकाशित की है.

दैनिक भास्कर ने लिखा है- दुर्ग में कांग्रेस के ताम्रध्वज साहू जितनी मार्जिन से जीते थे, उससे 1.83 लाख ज्यादा वोट इस बार विधानसभा चुनाव में मिले हैं. दूसरी ओर, राज्य बनने के बाद यह पहला मौका है, जब भाजपा प्रदेश में सबसे कमजोर स्थिति में है. इसमें भी उसके लिए सबसे चिंताजनक बात यह है कि सरगुजा, रायगढ़ और कांकेर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली 24 विधानसभा सीटों में एक भी सीट उसके पास नहीं है. ऐसे समय में भाजपा को उम्मीद है कि 2014 में भी सरगुजा, बस्तर और कांकेर में विधानसभा सीटें कम थीं, लेकिन ज्यादा मार्जिन से लोकसभा में जीत हुई थी. हालांकि इसमें दुर्ग लोकसभा क्षेत्र अपवाद भी है, जहां नौ में सात सीटें होने के बावजूद भाजपा हारी थी.

दैनिक भास्कर ने लिखा है- भाजपा नेताओं का कहना है कि लोकसभा चुनाव में विधानसभा के परिणाम का असर नहीं पड़ेगा. भाजपा राष्ट्रीय मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी. इसके विपरीत कांग्रेस के नेताओं का दावा है कि जिस तरह विधानसभा चुनाव में भाजपा का सफाया हो गया है, उसी तरह लोकसभा में भी भाजपा हारेगी. कांग्रेस सरकार ने पिछले दो महीनों में जो काम किए हैं, उनका असर भी उसके पक्ष में पड़ेगा. घोषणा-पत्र के तकरीबन सारे प्रमुख वादे पूरे किए जा चुके हैं.



ऐसे समझें, 11 लोकसभा सीटों में वोटों के मार्जिन का गणित
सरगुजा: 2013 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 1,08,326 वोट से आगे थी, लेकिन लोकसभा चुनाव में भाजपा के कमलभान सिंह 1,47,236 वोटों की मार्जिन से जीते थे. इस बार कांग्रेस 2,27,958 वोटों की मार्जिन से जीती है.

रायगढ़: 2013 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 58876 वोटों की मार्जिन पर थी. लोकसभा में भाजपा के विष्णुदेव साय 216750 वोटों की मार्जिन से जीते थे. इस बार कांग्रेस 197759 वोटों की मार्जिन से जीती है.

जांजगीर-चांपा : 2013 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 31904 वोटों की मार्जिन पर थी. लोकसभा में भाजपा की कमला पाटले 174961 वोटों की मार्जिन से जीती थीं। इस बार कांग्रेस 92729 वोटों की मार्जिन से जीती है.

कोरबा : 2013 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से 99417 वोटों की मार्जिन पर थी. लोकसभा में भाजपा के बंशीलाल महतो 4265 वोटों की मार्जिन से जीते थे. इस बार कांग्रेस 58913 वोटों की मार्जिन से जीती है.

बिलासपुर: 2013 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 40203 वोटों की मार्जिन पर थी. लोकसभा चुनाव में भाजपा के लखनलाल साहू 176436 वोटों की मार्जिन से जीते थे. इस बार कांग्रेस 14212 वोटों की मार्जिन से जीती है.

राजनांदगांव: 2013 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 13538 वोटों की मार्जिन पर थी. लोकसभा चुनाव में भाजपा के अभिषेक सिंह 235911 वोटाें की मार्जिन से जीते थे. इस बार कांग्रेस 198817 वोटों की मार्जिन से जीती है.

दुर्ग: 2013 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 14964 वोटों की मार्जिन पर थी. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के ताम्रध्वज साहू 16848 वोटों की मार्जिन से जीते थे. इस बार कांग्रेस 200072 वोटों की मार्जिन से जीती है.

रायपुर: 2013 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 20192 वोटों की मार्जिन पर थी. लोकसभा चुनाव में भाजपा के रमेश बैस 171646 वोटों की मार्जिन से जीते थे. इस बार कांग्रेस 106954 वोटों की मार्जिन से जीती है.

महासमुंद: 2013 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 10500 वोटों की मार्जिन पर थी. लोकसभा चुनाव में भाजपा के चंदूलाल साहू 1217 वोटों की मार्जिन से जीते थे. इस बार कांग्रेस 207972 वोटों की मार्जिन से जीती है.

बस्तर: 2013 विधानसभा में कांग्रेस 48405 वोटों की मार्जिन पर थी. लोकसभा चुनाव में भाजपा के दिनेश कश्यप 124359 वोटों की मार्जिन से जीते थे. इस बार कांग्रेस 111417 वोटों की मार्जिन से जीती है.

कांकेर: 2013 में कांग्रेस 99658 वोटों की मार्जिन पर थी. लोकसभा चुनाव में भाजपा के विक्रम उसेंडी 35158 वोटों से जीते थे. इस बार कांग्रेस 238304 वोटों की मार्जिन से जीती है.

छत्तीसगढ़ के नेताओं का दिल्ली में जमावड़ा
लोकसभा चुनाव के लिए टिकटों की मांग के लिए नेताओं ने लॉबिंग शुरू और संगठन स्तर पर रणनीति भी तय की जा रही है. इसके लिए नेताओं का जमावड़ा दिल्ली में लगा है. नईदुनिया ने लिखा है- कांग्रेस में अगले नौ दिनों तक ताबड़तोड़ बैठकों का दौर रहेगा. पार्टी हाईकमान इसी बीच लोकसभा चुनाव का रोडमैप तैयार करेगा। प्रत्याशियों का नाम फाइनल करेगा. घोषणापत्र समिति की अंतिम बैठक होगी, जिसमें सभी राज्यों के रिसर्च विभाग के अध्यक्षों को घोषणापत्र दिखाया जाएगा. उसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी लोकसभा चुनाव का घोषणापत्र जारी करेंगे. इस दौरान छत्तीसगढ़ के आला नेताओं और टिकट के दावेदारों का दिल्ली में जमावड़ा रहेगा.
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