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छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, बढ़ गईं बेटियां, 40 हजार घरों में नहीं पहुंची बिजली

देश की नीति आयोग ने हेल्थ इंडेक्श जारी किया है. इसमें जहां देश के बड़े प्रदेशों की स्वास्थ्य सुविधाओं में गिरावट हुई है.

देश की नीति आयोग ने हेल्थ इंडेक्श जारी किया है. इसमें जहां देश के बड़े प्रदेशों की स्वास्थ्य सुविधाओं में गिरावट हुई है.

देश के बड़े राज्यों में सबसे खराब स्वास्थ्य व्यवस्था उत्तर प्रदेश और बिहार में है. वहीं छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था में लेकर सु​धार हुआ है.

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    देश की नीति आयोग ने हेल्थ इंडेक्श जारी किया है. इसमें जहां देश के बड़े प्रदेशों की स्वास्थ्य सुविधाओं में गिरावट हुई है, वहीं छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार हुआ है. इसके साथ ही नीति आयोग ने देश में बेटियों की संख्या को लेकर भी अपनी रिपोर्ट दी है. इस खबर को छत्तीसगढ़ के सभी मुख्य अखबारों ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया है. सभी अखबारों ने इस खबर को पहले पन्ने पर जगह दी है.

    नईदुनिया ने लिखा है- देश के बड़े राज्यों में सबसे खराब स्वास्थ्य व्यवस्था उत्तर प्रदेश और बिहार में है. वहीं छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था में लेकर सु​धार हुआ है. नीति आयोग के हेल्थ इंडेक्श 2019 में छत्तीसगढ़ 13वें स्थान पर है. 2015-16 में छत्तीसगढ़ का जहां 52.02 अंक था, वहीं 2017-18 में बढ़कर 53.36 हो गया है. इस मामले में देश में केरल पहले नंबर है. हालांकि पत्रिका ने अपनी रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ का 11वां रैंक होना बताया है.

    बढ़ गईं बेटियां
    दैनिक भास्कर ने लिखा है- देश के 21 बड़े राज्यों में से 12 में लड़कों की तुलना में लड़कियां कम हाे गई हैं. इनमें गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और हिमाचल जैसे बड़े राज्य शामिल हैं. साथ ही छत्तीसगढ़, हरियाणा, मध्यप्रदेश व पंजाब जैसे राज्यों में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है. झारखंड में जहां सबसे अधिक औसतन हजार पर 16 लड़कियां बढ़ी हैं, वहीं तेलंगाना में 17 कम हुई हैं. ये आंकड़े नीति आयोग की हेल्थ रैंकिंग में सामने आए हैं. इसमें 2013-15 काे आधार मानकर 2014-16 से तुलना की गई है. बेहतर स्वास्थ्य सेवाओ में केरल टॉप और उत्तर प्रदेश सबसे निचले पायदान पर कायम है. लड़कियों की संख्या में औसतन वृद्धि प्रति हजार पर तीन की हुई है.

    40 हजार घरों में बिजली नहीं
    राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री आरके सिंह से पूछा कि छत्तीसगढ़ में 40 हजार घर आज भी विद्युतीकृत नहीं हो पाए हैं, जिसके जवाब में केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ सरकार ने 14 जून को सूचित किया है कि राज्य में 40394 घर गैर विद्युतीकृत हैं. ये सभी घर बस्तर क्षेत्र के नक्सल प्रभावित जिले बीजापुर, कोंडागांव, सुकमा और नारायणपुर में हैं.

    जिस पर नेताम ने पूछा कि क्या इन गैर विद्युतीकृत घरों का विद्युतीकरण किए जाने की कोई समय सीमा तय की गई है, इस पर मंत्री ने जवाब दिया कि चूंकि यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित है इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार ने शेष गैर विद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण के लिए कोई समय सीमा के लिए प्रतिबद्धता नहीं की है. इस खबर को दैनिक भास्कर ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

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