सुर्खियां: छत्तीसगढ़ में घट गई बाघों की संख्या, भारी बारिश से प्रदेश में रेड अलर्ट जारी

देश में जहां बाघों की संख्या में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं छत्तीसगढ़ में पिछली गणना के मुताबिक 60 प्रतिशत बाघों की संख्या में कमी आई है.

News18 Chhattisgarh
Updated: July 30, 2019, 8:19 AM IST
सुर्खियां: छत्तीसगढ़ में घट गई बाघों की संख्या, भारी बारिश से प्रदेश में रेड अलर्ट जारी
विश्व बाघ दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाघों के लिए भारत को अनुकूल बताया. देश में पिछले चार सालों में बाघों की संख्या दोगूनी होने की जानकारी दी गई.
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Updated: July 30, 2019, 8:19 AM IST
विश्व बाघ दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बाघों के लिए भारत को अनुकूल बताया. देश में पिछले चार सालों में बाघों की संख्या दोगूनी होने की जानकारी दी गई. मध्यप्रदेश इस मामले में पहले तो कर्नाटक व झारखंड क्रमश: दूसरे और तीसरे नंबर पर है, लेकिन बांघों की संख्या के मामले में छत्तीसगढ़ की स्थिति बेहतर नहीं है. छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्याा में भारी कमी आई है. छत्तीसगढ़ के मुख्य अखबारों ने मंगलवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

नईदुनिया ने लिखा है- प्रदेश में बाघों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है. देश में जहां बाघों की संख्या में 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं छत्तीसगढ़ में पिछली गणना के मुताबिक 60 प्रतिशत बाघों की संख्या में कमी आई है. जबकि वर्ष 2014 में हुई बाघों की गणना में प्रदेश के अभयारण्यों में कुल 46 बाघों की संख्या दर्ज की गई थी. वहीं इस वर्ष हुई गणना में बाघों की संथ्या घटकर 19 पहुंच रह गई है.

वन विभाग का दावा
छत्तीसगढ़ के वन विभाग के अधिकारियों का दावा था कि इस वर्ष की गणना में भी बाघों की संख्या में इजाफा होगा, लेकिन एनटीसीए से जारी आंकड़ों ने वन विभाग के अधिकारियों की पोल खोलकर रख दी है. प्रदेश में बाघों की संख्या में अचानक गिरावट आने से वन विभाग में भी सन्नााटा पसर गया है. अधिकारी अब इसकी समीक्षा की बात कह रहे हैं.

पिछले महीने हुई थी गणना
ज्ञात हो कि प्रदेश में पिछले महीनों देहरादून की संस्था ने प्रदेश में बाघों की गणना की थी, जिसमें अचानक मार्ग टाइगर रिजर्व क्षेत्र, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व और इंद्वावती टाइगर रिजर्व इसके साथ ही गुरु घासीदास, भोरमदेव आदि में वैज्ञानिक पद्धति से तो कुछ जगहों में बाघों के मल को देखकर गणना की गई। गणना के मुताबिक बाघों की संख्या घट गई है, लेकिन एनटीसीए द्वारा जारी आंकड़े ने विभाग की आंखें खोल दी हैं. इस खबर को दैनिक भास्कर सहित अन्य दूसरे मुख्य अखबारों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

File Photo.

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यलो अलर्ट जारी
दैनिक भास्कर ने लिखा है- राजधानी रायपुर सहित बस्तर संभाग में मानसून सक्रिय है. बस्तर में दो दिन से लगातार भारी बारिश हो रही है, वहीं रायपुर में भी सोमवार तेज बारिश हुई. बस्तर संभाग में तेज बारिश के चलते इंद्रावती और शबरी नदी खतरे का निशान पार कर गई हैं. कई गांव टापू में तब्दील हो गए हैं. सुकमा से ओडिशा जाने का संपर्क कट गया है. वहीं, जगदलपुर में सड़कों व कॉलोनियों में जल भराव होने और घरों में पानी भरने के कारण कलेक्टर ने स्कूलों में छुट्‌टी घोषित कर दी है. जलभराव को देखते हुए राहत और बचाव कार्य जारी हैं.

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के अलग-अलग स्थानों के लिए रेड और यलो अलर्ट जारी कर दिया है. प्रदेश में रायगढ़, जांजगीर, बलौदाबाज़ार, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बालोद, धमतरी और महासमुंद के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं, रेड अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग ने बालोद, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर, बस्तर और दंतेवाड़ा जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की संभावना जताई है.
First published: July 30, 2019, 8:17 AM IST
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