• Home
  • »
  • News
  • »
  • chhattisgarh
  • »
  • युवक ने विधायक दफ्तर के बाहर की आत्महत्या की कोशिश, SP ने खुद खून देकर बचाई जान

युवक ने विधायक दफ्तर के बाहर की आत्महत्या की कोशिश, SP ने खुद खून देकर बचाई जान

बिलासपुर में पिछले चार दिन के भीतर पुलिस की पिटाई का दूसरा मामला सामने आया है.

बिलासपुर में पिछले चार दिन के भीतर पुलिस की पिटाई का दूसरा मामला सामने आया है.

व्यवस्था सुधारने को लेकर युवक बार बार विधायक को पत्र लिख रहा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी.

  • Share this:
    छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में व्यवस्था से नाराज एक युवक ने विधायक दफ्तर के बाहर ही खुदकुशी की कोशिश की है. युवक को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है. व्यवस्था सुधारने को लेकर युवक बार बार विधायक को पत्र लिख रहा था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी. इससे नाराज युवक ने नींद की गोली खाकर खुदकुशी की कोशिश की. इस खबर को छत्तीसगढ़ के मुख्य अखबारों ने गुरुवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

    नईदुनिया ने लिखा है- सिहावा विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव के कार्यालय के बाहर बुधवार को नगरी निवासी ओमप्रकाश तातेड़ (32) ने नींद की गोली खाकर खुदकुशी की कोशिश की. कार्यालय परिसर में मौजूद कुछ लोगों ने युवक को आनन-फानन में इलाज के लिए नगरी के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया. डॉक्टरों के अनुसार युवक खतरे से बाहर है.

    सरकारी जमीन पर अतिक्रमण
    ओमप्रकाश तातेड़ (जैन) ने 15 दिन पहले विधायक लक्ष्मी ध्रुव के कार्यालय में एक पत्र छोड़ा था, जिसमें उसने नगरी में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर एक प्राइवेट स्कूल संचालित करने और कॉपी-कितान की आड़ में पालकों से मनमाना पैसा वसूलने की शिकायत की थी. पत्र में उसने 15 दिन में शिकायत का निराकरण नहीं होने पर आत्महत्या की धमकी भी दी थी. बुधवार को दोपहर ओमप्रकाश विधायक कार्यालय पहुंचा और बाहर निकलते ही नींद की गोलियां खा ली. गोली खाते ही वह अचेत होकर गिर गया. इसे देख कार्यालय परिसर में खलबली मच गई. पुलिस को घटना की सूचना दी गई. पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और युवक को नगरी के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया.

    प्रशासन से भी की थी शिकायत
    युवक ओमप्रकाश ने बताया कि इसी मामले की सालभर पहले नगरी एसडीएम, तहसीलदार, बीईओ, डीईओ और तत्कालीन कलेक्टर से भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. विधायक को बड़ी उम्मीद के साथ आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन इन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की. इस खबर को दैनिक भास्कर, पत्रिका, नवभारत सहित अन्य अखबारों ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

    SP Shalabh Sinha.


    एसपी ने बचाई जान
    इधर दूसरी ओर घोर नक्सल प्रभावित बस्तर में पुलिस का एक मानवीय चेहरा सामने आया है. बस्तर संभाग के सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र तेकेलगुड़ा निवासी महिला बुधरी (26 वर्ष) गंभीर रूप से बीमार है और उसे सीवियर एनीमिया है. जिला अस्पताल में भर्ती बुधरी के लिए पिछले तीन दिन से ब्लड की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी. महिला के साथ कोई अटेंडेंट भी नही था, केवल तीन माह की मासूम बधाी मौजूद थी। पता चला कि उसके पति भी कुछ दिन से बीमार हैं. पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया पर मैसेज के जरिए इस बारे में जानकारी मिली. पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा इस बात से द्रवित हो उठे. वे सीधे जिला अस्पताल पहुंचे और बीमार महिला को अपना खून देकर उसके जीवन की रक्षा की. महिला को दो यूनिट ब्लड की तत्काल आवश्यक्ता थी. एसपी शलभ सिन्हा के साथ ही एक अन्य जवान ने जिला अस्पताल पहुंचकर महिला को अपना खून दिया. इस खबर को मुख्य अखबारों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया है.

    ये भी पढ़ें:- स्त्री लज्जा भंग करने की शिकायत पर गंभीर हुआ हाई कोर्ट 

    ये भी पढ़ें:- 8 साल पहले हुआ था लापता, अब पता चला बन गया है माओवादी कमांडर

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज