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छत्तीसगढ़ चुनाव: 2013 में रायपुर और बिलासपुर में भी हुई थी जीरो वोटिंग, ये है वजह

प्रतीकात्मक फोटो

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2013 में हुए विधानसभा चुनाव में 61 केन्द्रों में हुए जीरो वोटिंग को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू का कहना है कि चुनाव आयोग केवल मतदान के लिए लोगों को जागरूक कर सकता है जबकि मतदान स्थल तक पहुंचने और वोटिंग करने का फैसला खुद मतदाता का होता है.

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छत्तीसगढ़ में हुए साल 2013 के विधानसभा चुनाव में नक्सल प्रभावित इलाकों में ही नहीं बल्कि कई शहरों में भी जीरो वोटिंग हुई थी, जिसमें राजधानी रायपुर और बिलासपुर भी शामिल हैं.  2013 में हुए विधानसभा चुनाव में 61 मतदान केंद्रों में एक वोट भी नहीं डाला गया. जीरो वोटिंग वाले इन केंद्रों में ज्यादातर नक्सल पीड़ित इलाकों के मतदान केंद्र ही है, जिसमें दंतेवाड़ा, बीजापुर और कोंटा के ऐसे मतदान केन्द्र है जहां एक भी मतदाता ने वोटिंग नहीं की. लेकिन हैरानी की बात ये कि राजधानी रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े शहरों में भी 4 मतदान केंद्रों में एक भी वोट नहीं पड़ा.
शून्य मतदान वाले मतदान केन्द्र -
रायपुर उत्तर - 1 मतदान केन्द्र - बूथ क्रमांक - 181 सिविल लाइन, श्याम नगर
बिलासपुर - 3 मतदान केन्द्र - बूथ क्रमांक - 11,12,13 - अरविंद नंगर
बेलतरा - 4 मतदान केन्द्र - 135,136,137, 138 - रानी दुर्गावती नगर, ठाकुरदेव नगर
कसडोल - 2 मतदान केन्द्र - बूथ क्रमांक - 73, 74 - छेछर
आरंग - 1 मतदान केन्द्र - बूथ क्रमांक - 89 धोबभट्टी


लुंड्रा - 3 मतदान केन्द्र - बूथ क्रमांक - 31,39,44 - बांसा ,बकनाकला, चलगली
सारंगढ़ -2 मतदान केन्द्र- बूथ क्रमांक - 253,259 - कमरीद, बम्हनीपाली
चित्रकोट - 1 मतदान केन्द्र , बूथ क्रमांक - 120 - छोटे किलेपाल
दंतेवाड़ा - 6 मतदान केन्द्र , बूथ क्रमांक - 3 काउरगांव, 172 बड़ेगादम, 246,247 - पुरंगेल, अलनार, 256 - किडरीरास, 261 - बुरगुम
बीजापुर - 32 मतदान केन्द्र - बूथ क्रमांक - 1 और 2 - करकावाड़ा, पेनगुण्डा, बूथ -4 - चेरपल्ली, बूथ क्रमांक - 18 और 19 - पालसेगुण्डी,नेतीकाकलेर , बूथ क्रमांक - 23 और 24 - रेंगावाया, मुकाबेली, बूथ क्रमांक - 51 - बन्देपर्रे, बूथ क्रमांक - 61 से 65 - लंका माड, मुरूमवाडा, जाटलूर, बोटेर, कोमहू, बूथ क्रमांक - 122,123 और 125 - पीडियाकोट, कलहाजा, बाकेली, बूथ क्रमांक - 161 - मनकेली, बूथ क्रमांक - 171 और 172 - पेदाजोजेर, कमकानार, बूथ क्रमांक 189 से 191 - पुसनार क,ख,ग , बूथ क्रमांक - 198 सावनार, बूथ क्रमांक - 214 से 216 - पीडिया,अण्डरी, अण्डरी-2, बूथ क्रमांक - 219 - तर्रेम, बूथ क्रमांक - 222 और 223 - मारूड़बाका ख, भूसापूर, बूथ क्रमाक 228 और 229 - दारेली, दारेली 2, बूथ क्रमांक - 232- यमपुर
कोंटा - 14 मतदान केन्द्र - बूथ क्रमांक - 2 से 6 - उरसांगल, भीमापुर, पूवर्ती, सुरपनगुड़ा, चिमलीपेन्टा, बूथ क्रमांक - 9 से 11 - बैनपल्ली, गुमोड़ी,कामारामबूथ क्रमांक -15 - मुकरम, बूथ क्रमांक 17 - एलमपल्ली, बूथ क्रमांक - 155 - कोलईगुडा, बूथ क्रमांक - 160, गोरखा, बूथ क्रमांक - 162- भेजी 2,
कोंटा, बीजापुर और दंतेवाड़ा में नक्सल आतंक और मतदान केन्द्रों से दूरी जीरो वोटिंग की वजह बनी लेकिन राजधानी में जीरो वोटिंग की पड़ताल न्यूज़ 18 की टीम ने की. श्यामनगर स्कूल में पिछले साल जीरो वोटिंग हुई थी. पड़ताल में मालूम चला की इस बूथ में केवल 6 मतदाता ही थे. मरीन ड्राइव के निर्माण के दौरान इनका विस्थापन हो गया. 2013 में ये 6 वोटर मतदान के लिए नहीं आए इसलिए यहां जीरो वोटिंग हुई.

2013 में हुए विधानसभा चुनाव में 61 केन्द्रों में हुए जीरो वोटिंग को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू का कहना है कि चुनाव आयोग केवल मतदान के लिए लोगों को जागरूक कर सकता है जबकि मतदान स्थल तक पहुंचने और वोटिंग करने का फैसला खुद मतदाता का होता है.

जाहिर तौर पर यह आंकड़े कई सवाल खड़ा करते है. ज्यादातर जगहों में यही बात आई है कि मतदाता पर्याप्त संसाधनों के अभाव में मतदान केंद्रों तक नहीं पहुंचे है. ऐसें में उम्मीद यही है कि इस बार यह आंकड़े कम हो

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