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स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 की सूची में रायपुर 10 पायदान नीचे खिसका

स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 की सूची में रायपुर 10 पायदान नीचे खिसका
स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 की सूची में रायपुर 10 पायदान नीचे खिसका

केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के स्वच्छ भारत मिशन के तहत कराए गए स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 की सूची में रायपुर 10 पायदान नीचे खिसक गया है. सर्वे में रायपुर को 139वां स्थान मिला है.

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से जारी स्वच्छता रैंकिंग में रायपुर नगर निगम के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है. मंत्रालय के स्वच्छ भारत मिशन के तहत कराए गए स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 की सूची में रायपुर 10 पायदान नीचे खिसक गया है. सर्वे में रायपुर को 139वां स्थान मिला है जबकि पिछली बार 129 स्थान था. वहीं प्रदेश के बाकी शहरों की स्थिति राजधानी से कहीं ज्यादा बेहतर है.

स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 में नगर निगम और स्मार्ट सिटी के दावों की सच्चाई सबके सामने आ गई है. स्वच्छता अभियान को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर रायपुर शहर की छवि एक बार फिर से धूमिल हुई है. बेहतर रेटिंग पाने के लिए नगर निगम ने लाखों रुपए खर्च कर बेहतर होने का दिखावा किया था. निगम के सारे अधिकारी इस काम में जुटे थे, लेकिन उनकी सारी मेहनत पर पानी फिर गया है. स्वच्छता सुधारने के लिए केंद्र और राज्य शासन से करोड़ों रुपए मिलने के बावजूद रैंक में पिछड़ना कई सवाल खड़ा करता है.

वहीं मामले में अधिकारियों का कहना है कि उन्हें भी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर रायपुर कहां पर आकर पिछड़ गया जबकि पब्लिक रिस्पांस और डॉक्यूमेंटेशन में रायपुर को कम अंक मिले हैं. बता दें कि प्रदेश में अंबिकापुर को 11वां रैंक मिला है, वहीं बिलासपुर को 22वां, कोरबा को 35वां, रायगढ़ को 54वां, राजनांदगांव को 59वां, भिलाई नगर को 71वां, जगदलपुर को 116वां रैंक और राजधानी रायपुर को 139वां रैंक मिला है.



अपनी इस पिछड़ी रैंकिंग को लेकर महापौर प्रमोद दुबे ने पक्षपात का आरोप लगाय है. महापौर का कहना है कि बिलासपुर को 22वां स्थान मिलना और रायपुर का 139वें नंबर पर चले जाना समझ से परे है.
बहरहाल, अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन पुरानी गलतियों से सबक लेकर सुधार की कोशिश करता है या फिर दूसरों की ही कमियां निकालने में वक्त जाया कर देगा.

 
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