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CG Board: बोर्ड परीक्षाओं में राजधानी के स्कूल फिसड्डी, रायपुर से अच्छे हैं जशपुर के हाल
Raipur News in Hindi

News18 Chhattisgarh
Updated: February 24, 2020, 1:07 PM IST
CG Board: बोर्ड परीक्षाओं में राजधानी के स्कूल फिसड्डी, रायपुर से अच्छे हैं जशपुर के हाल
शिक्षा के क्षेत्र में प्रयोग भी राजधानी रायपुर के आधुनिक और श्रेष्ठ स्कूल बोर्ड की परीक्षा में अपना स्थान नहीं बना पा रहे हैं.

पर्याप्त संसाधन और आला अधिकारियों की मौजूदगी के बाद भी छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर (Raipur) शिक्षा के क्षेत्र में हर साल फिसड्डी साबित हो रहा है.

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रायपुर. पर्याप्त संसाधन और आला अधिकारियों की मौजूदगी के बाद भी छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर (Raipur) शिक्षा के क्षेत्र में हर साल फिसड्डी साबित हो रहा है. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (Chhattisgarh Board of Secondary Education) से संबंधित स्कूलों के आकड़े तो यही बयान कर रहे हैं. भौतिक संशाधनों के साथ ही शिक्षकों की कमी के बाद भी पिछड़े माने जाने वाले जिले शिक्षा के क्षेत्र में रायपुर से बेहतर आयाम लिख रहे हैं. हालात यह है कि राजधानी रायपुर छोटे जिलों से मुकाबलें कोसों दूर नजर आता है.

शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयोग भी राजधानी रायपुर (Raipur) के आधुनिक और श्रेष्ठ स्कूल बोर्ड की परीक्षा में अपना स्थान नहीं बना पा रहे हैं. जबकि यहां तमाम सुविधाएं,प्रशासन के आला अधिकारी और बेहतर शिक्षाविद अध्यापन का कार्य करा रहें हैं, जिसे हम पिछड़ा जिला मानते हैं. आलम ये है कि सीजी बोर्ड की परीक्षाओं में पिछले साल कक्षा 10वीं में रायपुर का स्थान 25वें और कक्षा 12वीं में 15वें स्थान पर था.

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बीते सत्र रायपुर से काफी बेहतर परिणाम जशपुर का था.


जबकि जशपुर नंबर-1



कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में पिछले सत्र में जशपुर 85.22 फीसदी अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा. इसके बाद दूसरे स्थान पर 84.85 अंकों के साथ सरगुजा रहा. इसके बाद घोर नक्सल प्रभावित जिला नारयणपुर तीसरे स्थान पर रहा. इस क्रम में 27 जिलों में से रायपुर का स्थान 25वें स्थान पर रहा. कक्षा 12वीं में भी रायपुर की स्थिति कुछ खास नहीं रही. इसमें भी जशपुर 90.09 प्रतिशत के साथ राज्य में पहले नम्बर, बालोद 87.21 प्रतिशत के साथ दूसरे, गरियाबंद 87.1 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा. इस क्रम में रायपुर 15वें स्थान पर रहा.

शिक्षक हैं अहम कड़ी
रायपुर के जेएन पाण्डेय स्कूल के लेक्चरर गिरीश ताम्रकार का कहना है कि परीक्षा दूसरी कक्षाओं तक ले जाने का माध्यम होती है. स्कूलों में सिलेबस महत्वपूर्ण है, जो स्कूल सिलेबस पूरा नहीं कर पाते उनको कोर्स पूरा करने में दिक्कत होती है. यह एक बड़ी खाई है. जब तक शिक्षक बालक और पालकों के बीच की कड़ी को नहीं समझा जाएगा. तब तक बेहतर परिणाम की कल्पना नहीं की जा सकती है.

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शिक्षकों की कमी भी शिक्षा के स्तर को खराब कर रही है.


गैर शिक्षकीय कार्य में साल भर लगे रहते है शिक्षक
निर्वाचन, जनगणना, पशुगणना, आर्थिक सर्वेक्षण पल्स पोलियो, मतदाता सूचि सहित कई गैर शिक्षकीय कार्य प्रदेश के शिक्षक करते हैं. प्रदेश में 40 हजार शासकीय और 10 हजार निजी स्कूल संचालित हैं. सीजी बोर्ड से संबंधित इस वर्ष 7 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहें है. 2 और 3 मार्च से परीक्षा शुरू हो रही है. कहीं ऐसा तो नहीं की 2020 के परिणाम में राजधानी रायपुर उसी स्थिति में ही हो.

कार्यशाला लगाई गई
रायपुर जिले के जिला शिक्षा अधिकारी जीआर चंद्राकर का कहना है कि बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए सभी प्राचार्यो की बैठक ली गई. कार्यशाला का आयोजन किया गया है. परिणाम बेहतर आए इस लिए कई तरह गुर बच्चों को सिखाए गए हैं. इस साल पिछले साल की तुलना में बेहतर परिणाम की उम्मीद है.

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First published: February 24, 2020, 1:07 PM IST
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