हड़ताल पर गए अंबेडकर अस्पताल के जूनियर डॉक्टर, सुरक्षा और स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग

जूडा के प्रतिनिधि मंडल ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से मुलाकात की थी, लेकिन मंत्री की ओर से ठोस आश्वासन न मिलने पर हड़ताल करने का निर्णय लिया गया.

News18 Chhattisgarh
Updated: June 26, 2019, 11:24 AM IST
हड़ताल पर गए अंबेडकर अस्पताल के जूनियर डॉक्टर, सुरक्षा और स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल डॉ. भीमराव आंबेडकर मेमोरिलय हॉस्पिटल के जूनियर डॉक्टर (जूडा) बुधवार को हड़ताल पर हैं.
News18 Chhattisgarh
Updated: June 26, 2019, 11:24 AM IST
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े शासकीय अस्पताल डॉ. भीमराव आंबेडकर मेमोरिलय हॉस्पिटल के जूनियर डॉक्टर (जूडा) बुधवार को हड़ताल पर हैं. इसके चलते 300 जूनियर डॉक्टरों की सेवाएं बाधित हो गई है. इससे अस्पताल के करीब 950 मरीज प्रभावित हो रहे हैं. जूनियर डॉक्टर सुबह 8 बजे से खुलने वाली ओपीडी में नहीं गए. साथ ही वार्ड में भी रुटिन चेकअप के लिए वे नहीं पहुंचे. हालांकि दोपहर 2 बजे के बाद इमरेंजी सेवा में जाने की बात कही है.

बता दें कि मंगलवार की देर रात जूडा के प्रतिनिधि मंडल ने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से मुलाकात की थी, लेकिन मंत्री की ओर से ठोस आश्वासन न मिलने पर हड़ताल करने का निर्णय लिया गया. मंत्री ने प्रतिनिधि मंडल से कहा कि वेतन बढ़ोतरी की प्रक्रिया जारी है, एकाएक निर्णय नहीं लिया जा सकता. इसके बाद से जूडा के सदस्य हड़ताल पर चले गए हैं.

48 घंटे बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल
जूडा डॉक्टरों के प्रतिनिधि मंडल ने निर्णय लिया है कि रात आठ से सुबह नौ बजे तक वे सेवाएं देंगे. हड़ताल से हॉस्पिटल में भर्ती मरीजों के लिए अस्पताल प्रबंधन ने कंसल्टेंट डॉक्टरों को ड्यूटी में उपस्थित रहने का आदेश दिया है. इधर जूडा के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर उनकी मांगें 48 घंटे के भीतर पूरी नहीं की जाती हैं तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. इस दौरान वे इंमरजेंसी सेवाएं भी बंद कर देंगे.

ये है मांगें
जूडा की मांग है कि उनका स्टाइपेंड बढ़ाकर उन्हें सातवां वेतनमान दिया जाए. इसके साथ ही डॉक्टरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं. स्वास्थ्य का बजट बढ़ाया जाए. सीसीयू समेत ट्रामा में 24 घंटे सुरक्षा गार्ड हों. सभी वार्डों में सीसीटीवी लगाएं, ताकि किसी भी घटना के बाद आरोपी पकड़े जाएं. वार्ड में सुरक्षा गार्ड व पुलिस के जवान हर दो घंटे में निरीक्षण करें. सभी विभागों में स्टाफ की कमी दूर की जाए. अस्पताल चौकी में पुलिस जवानों की संख्या बढ़ाएं और अस्पताल के सभी स्थानों पर इमरजेंसी हेल्प लाइन नंबर दें.

ये भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, बढ़ गईं बेटियां, 40 हजार घरों में नहीं पहुंची बिजली 
Loading...

ये भी पढ़ें:- बस्तर: घर लौट रही बच्ची पर आवारा कूत्ते का हमला, नोचा कान

ये भी पढ़ें:- नक्सलगढ़ में 13 साल से बंद स्कूल में शुरू हुई पढ़ाई 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए रायपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: June 26, 2019, 11:18 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...