Sukma Encounter: नक्सली मुठभेड़ में अब तक 22 जवान शहीद, जानें 10 बड़े हमलों के बारे में सबकुछ

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के कई ग्रुप सक्रिय हैं.

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के कई ग्रुप सक्रिय हैं.

Chhattisgarh News: बीजापुर और सुकमा के जंगलों में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में अब तक 22 जवान शहीद हो चुके हैं. हालांकि अभी तक कई बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन हम यहां टॉप दस की चर्चा कर रहे हैं.

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रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के नक्सल प्रभावित बीजापुर और सुकमा जिले के बॉर्डर (Bijapur and Sukma Border) पर हुई मुठभेड़ में 22 जवानों के शहीद होने की खबर है. जबकि इस घटना में काफी संख्‍या में नक्‍सली भी मारे गए हैं. इस मामले पर राज्‍य के नक्सल विरोधी अभियान के पुलिस उप महानिरीक्षक ओपी पाल ने बताया था कि शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे बीजापुर-सुकमा जिले की सीमा पर जगरगुंड़ा थाना क्षेत्र (सुकमा जिला) के अंतर्गत जोनागुड़ा गांव के करीब नक्सलियों की पीएलजीए बटालियन और तर्रेम के सुरक्षा बलों के मध्य मुठभेड़ हुई. यह मुठभेड़ तीन घंटे से अधिक समय तक चली थी.

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बीजापुर और सुकमा जिले के बॉर्डर पर हुई मुठभेड़ ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश को दहला दिया है. हालांकि यह पहली बार नहीं है, जब नक्‍सली हमले (Naxalite Attacks) में जवानों ने अपनी जान गंवाई है. जानिए अब तक बड़े हमलों के बारे में...
श्यामगिरी- 9 अप्रैल 2019: दंतेवाड़ा के 2019 लोकसभा चुनाव में मतदान से ठीक पहले नक्सलियों ने चुनाव प्रचार के लिए जा रहे भाजपा विधायक भीमा मंडावी की कार पर हमला किया था. माओवादियों के इस हमले में भीमा मंडावी के अलावा उनके चार सुरक्षाकर्मी भी मारे गये थे.
दुर्गपाल- 24 अप्रैल 2017: सुकमा जिले के दुर्रपाल के पास नक्सलियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 25 जवान उस समय मारे गये, जब वे सड़क निर्माण में सुरक्षा के बीच खाना खा रहे थे.
दरभा- 25 मई 2013: बस्तर के दरभा घाटी में हुए इस माओवादी हमले में आदिवासी नेता महेंद्र कर्मा, कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 30 लोग मारे गए थे.
धोड़ाई- 29 जून 2010: नारायणपुर जिले के धोड़ाई में सीआरपीएफ के जवानों पर माओवादियों ने हमला किया. इस हमले में पुलिस के 27 जवान मारे गए.
दंतेवाड़ा- 17 मई 2010: एक यात्री बस में सवार हो कर दंतेवाड़ा से सुकमा जा रहे सुरक्षाबल के जवानों पर माओवादियों ने बारूदी सुरंग लगा कर हमला किया था, जिसमें 12 विशेष पुलिस अधिकारी समेत 36 लोग मारे गए थे.
ताड़मेटला- 6 अप्रैल 2010: बस्तर के ताड़मेटला में सीआरपीएफ के जवान सर्चिंग के लिए निकले थे, जहां संदिग्ध माओवादियों ने बारुदी सुरंग लगा कर 76 जवानों को मार डाला था.
मदनवाड़ा- 12 जुलाई 2009: राजनांदगांव के मानपुर इलाके में माओवादियों के हमले की सूचना पा कर पहुंचे पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार चौबे समेत 29 पुलिसकर्मियों पर माओवादियों ने हमला बोला और उनकी हत्या कर दी.
उरपलमेटा- 9 जुलाई 2007: एर्राबोर के उरपलमेटा में सीआरपीएफ और ज़िला पुलिस का बल माओवादियों की तलाश कर के वापस बेस कैंप लौट रहा था. इस दल पर माओवादियों ने हमला बोला, जिसमें 23 पुलिसकर्मी मारे गए.
रानीबोदली- 15 मार्च 2007: बीजापुर के रानीबोदली में पुलिस के एक कैंप पर आधी रात को माओवादियों ने हमला किया और भारी गोलीबारी की. इसके बाद कैंप को बाहर से आग लगा दिया. इस हमले में पुलिस के 55 जवान मारे गए.
बीजापुर- 4 अप्रैल 2021: हालिया घटना छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर सीमा पर स्थित टेकलगुड़ा गांव के पास हुई है. नक्सलियों के साथ हुई इस मुठभेड़ में 22 जवानों की शहादत होने की खबर है.
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