COVID-19: रायपुर में अस्पताल से डिस्चार्ज होकर भटक रहे मरीज, बोले- घर पहुंचवा दीजिए सरकार!
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COVID-19: रायपुर में अस्पताल से डिस्चार्ज होकर भटक रहे मरीज, बोले- घर पहुंचवा दीजिए सरकार!
परेशानियों की जानकारी देती मेकाहारा से डिस्चार्ज मरीज.

कोरोना की दहशत के बीच छत्तीसगढ़ सरकार कई अहम निर्णय ले रही है, लेकिन ऐसे ही कुछ निर्णय लोगों के लिए परेशानी का सबब भी बन रहे हैं.

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रायपुर. कोरोना वायरस (coronavirus) की दहशत के बीच छत्तीसगढ़ सरकार कई अहम निर्णय ले रही है, लेकिन ऐसे ही कुछ निर्णय लोगों के लिए परेशानी का सबब भी बन रहे हैं. ताजा मामला राजधानी रायपुर में सामने आया है. प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल मेकाहारा से मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है, लेकिन लॉकडाउन के कारण उन्हें घर तक जाने के लिए भी कोई साधन नहीं मिल रहा है. ऐसे में वो सड़क पर ही भटकने के लिए मजबूर हैं. ऐसे मरीजों ने सरकार से उन्हें घर पहुंचवाने की गुहार लगा रहे हैं.

छत्तीसगढ़ सरकार ने मेकाहारा अस्पताल को कोरोना अस्पताल के रूप में तब्दील कर दिया है. इसके मद्देनजर कई जनरल ऑपरेशन और सर्जरी के डेट आगे बढ़ दिए गए हैं. कई मरीजों को समय से पहले डिस्चार्ज कर दिया गया है, जिन मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है, उनमें प्रदेश के कई जिलों के अलावा मध्य प्रदेश के भी मरीज शामिल हैं. लॉकडाउन की स्थिति में डिस्चार्ज होने के बाद इन मरीजों के सामने सकुशल घर लौटने की चुनौती बन गया है.

पैसे तक नहीं हैं
मरीजों का कहना है, उनके पास ना खाने को पैसे है और ना ही घर लौटने के लिए कोई संसाधन. सोनू यादव अपने पिता का इलाज करवाने आये थे, उनके पिता को कैंसर है. उनकी सर्जरी हो चुकी है. अस्पताल ने उन्हें डिस्चार्ज भी कर दिया है, लेकिन वे लोग अभी घर नहीं जा पा रहे हैं. सोनू का कहना है कि प्राइवेट गाड़ियों के लिए बात हुई है वे लोग 12 हजार मांग रहे हैं. लॉकडाउन होने गाड़ी वाले भी दोगुने रुपए ले रहे है. उनका कहना है कि अस्पताल प्रबंधक ने एम्बुलेंस से घर पहुंचने की बात कही थी, लेकिन अभी तक ऐसी कोई पहल देखने को नहीं मिली है.
दूसरे राज्य के भी मरीज


अमरकंटक से अपनी माता का इलाज करने पहुंची शारद बघेल बताती हैं कि कोरोना के चलते मां का ऑपरेशन टल गया है. इस बीच लाॅकडाउन लगा गया तब से अस्पाताल में थे,अब डॉक्टर ने घर जाने को कह दिया है. लेकिन जाने का कोई साधन नहीं है. दूसरे राज्य होने से लंबे समय तक उन्हें प्रदेश में रूकना पड़ सकता है. घर जाने के लिए सरकार से गुहार लगा रही हैं.

वार्ड में और भी मरीज
इसी तरह अमरकंटक से ही आई शशि मोंगरे कैंसर का इलाज करवाने आई थी. वे पिछले डेढ़ माह से मेकाहारा में भर्ती थी अब उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है, वो कहती हैं कि मैं इस वक्त यहां अकेली हूं लॉकडाउन के कारण घर से भी कोई नहीं आ पा रहा है. मेरे अलावा भी कई मरीज हैं वार्ड में जो घर जाने के लिए किसी न किसी इंतजाम में लगे हैं. वे लोग भी दूसरे राज्यों से हैं और यहाँ फसे हुए हैं. अनूपपुर से अपना इलाज करवाने आये सुरेंद्र द्विवेदी ने बताया कि कोरोना के कारण हमारा ऑपरेशन टल गया है. अस्पताल ने हमें डिस्चार्ज कर दिया है. अब हम कहां जाएं.

..तो सरकार करेगी इंतजाम
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव का कहना है कि मेरी जानकारी में यह बात आई थी. प्रदेश के लिए 108 की सुविधा है, लेकिन जो बाहर से आएं हैं अभी फिलहाल वो लॉकडाउन के कारण जा भी नहीं पाएंगे. ऐसे में हम ट्रांसपोर्टर से बात करेंगे जो उन्हें उचित रेट में उन्हें छोड़ आये. मरीजों के लिए हर संभव इंतजाम सरकार करेगी.

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