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लोकसभा चुनाव 2019: छत्तीसगढ़ की आधारशिला पर टिका है कांग्रेस का घोषणा पत्र!

निलेश त्रिपाठी | News18Hindi
Updated: April 2, 2019, 1:26 PM IST
लोकसभा चुनाव 2019: छत्तीसगढ़ की आधारशिला पर टिका है कांग्रेस का घोषणा पत्र!
राहुल गांधी.

माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2018 के लिए तैयार जिस फार्मूले से जन घोषणा पत्र तैयार किया गया था, कमोबेश उसी फार्मूले को लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने अपनाया है.

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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस अपने वादों का पिटारा मंगलवार को खोलने वाली है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी दिल्ली से जन घोषणा पत्र जारी करने वाले हैं. दिल्ली में आयोजित सीईसी की बैठक के बाद घोषणा पत्र जारी करने की तैयारी की जा रही है. कांग्रेस मजबूत घोषणा पत्र के रास्ते फिर से केन्द्र की सत्ता पर काबिज होने का प्रयास करेगी. ऐसे में घोषणा पत्र की आधारशिला की भूमिका महत्वपूर्ण है.

कांग्रेस के घोषणा पत्र की आधारशिला को मजबूत करने में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका है. क्योंकि छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव 2018 के लिए जिस फार्मूले से जन घोषणा पत्र तैयार किया गया था, कमोबेश उसी फार्मूले को लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने अपनाया है. इसके तहत आम लोगों से राय लेकर उनकी जरूरतों और सुझावों को शामिल किया जाना बताया जा रहा है. इसके अलावा जन घोषणा पत्र में जिन महत्वपूर्ण व बड़े वादों को शामिल किया गया है, उनकी आधारशिला भी छत्तीसगढ़ में ही रखी गई हैं.
रायपुर में किसान आभार रैली की फाइल फोटो.

छत्तीसगढ़ में हुई थी न्याय की घोषणा

कांग्रेस जन घोषणा पत्र में न्यूनतम आय योजना (न्याय) का वादा कर लोकसभा चुनाव में मास्टर स्ट्रोक खेलने का दावा कर रही है. इसके तहत देश के 20% सबसे गरीब परिवारों को हर साल 72 हजार रुपये देने का वादा है. छत्तीसगढ़ की धरती से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने 28 जनवरी 2019 को ही यूनिवर्सल बेसिक इनकम का आईडिया दिया था. विधानसभा चुनाव 2018 में भारी बहुमत से कांग्रेस की जीत के बाद राहुल गांधी पहली बार 28 जनवरी को छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए थे. राजधानी रायपुर के अटल नगर में किसान आभार रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने देश की जनता से ये वादा किया था.

हेल्थ स्कीम
कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में दूसरा बड़ा दांव हेल्थ स्कीम के तहत सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने का वादा कर खेला है. इस कमोबेश स्कीम को छत्तीसगढ़ में लागू करने का वादा कांग्रेस विधानसभा चुनाव में ही कर चुकी है. इतना ही नहीं आगामी सितंबर महीने से छत्तीसगढ़ में यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी भी है. यूनिवर्सल हेल्थ स्कीम के फायदे व सुझाव को लेकर राजधानी रायपुर में 15 मार्च को सेमिनार का आयोजन किया गया था. इसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी शामिल हुए और विषय विशेषज्ञों से चर्चा की थी.
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रायपुर में किसान आभार रैली की फाइल फोटो.

किसानों से वादा
कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में ​तीसरा बड़ा दांव किसनों को लेकर खेला है. इसमें किसानों के लिए अलग से बजट और कर्ज जमा नहीं करने वाले किसानों पर क्रिमिनल एक्ट के मामले दर्ज न करने का वादा किया है. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था. चुनाव में सूबे 90 में से 68 सीटों पर जीत के लिए इस वादे को मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है. इस मास्टर स्ट्रोक को दूसरे रूप में लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने खेलने की कोशिश की है.

कांग्रेस के घोषणापत्र में जीएसटी को नए तरीके से लाने के वादे पर भी जोर है. मिली जानकारी के मुताबिक जीएसटी को लेकर चर्चा के लिए कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ संगठन के पदाधिकारी व सीए रमेश वर्ल्यानी को दिल्ली बुलाया और उनसे सुझाव लिए थे. राहुल गांधी बार बार कह चुके हैं कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने लोगों को नोटबंदी और 'गब्बर सिंह टैक्स' की चपत लगाई, जबकि उनकी पार्टी सत्ता में असली जीएसटी लाएगी.
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First published: April 2, 2019, 12:12 PM IST
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