लोकसभा चुनाव 2019: छत्तीसगढ़ में क्या ओवर कॉन्फिडेंस है कांग्रेस?

छत्तीसगढ़ की कुल 11 लोकसभा सीटों में से दो चरण में 4 सीटों पर मतदान कार्य हो चुका है. अब तैयारी तीसरे चरण की है.

Awadhesh Mishra | News18 Chhattisgarh
Updated: April 20, 2019, 1:12 PM IST
लोकसभा चुनाव 2019: छत्तीसगढ़ में क्या ओवर कॉन्फिडेंस है कांग्रेस?
सांकेतिक तस्वीर
Awadhesh Mishra | News18 Chhattisgarh
Updated: April 20, 2019, 1:12 PM IST
छत्तीसगढ़ की कुल 11 लोकसभा सीटों में से दो चरण में 4 सीटों पर मतदान कार्य हो चुका है. अब तैयारी तीसरे चरण की है. मगर प्रचार-प्रसार की बात करें तो कांग्रेस ओवर कॉन्फिडेंट नजर आ रही है. छत्तीसगढ़ कांग्रेस 2018 के आखिर में जैसे ही 15 सालों के राज्य सत्ता का वनवास समाप्त कर सत्तासीन हुई. मानो कांग्रेस का कॉन्फिडेंस ओवर कॉन्फिडेंस में बदल गया हो. इसको लेकर विरोधी दल कांग्रेस पर हमलावार भी है.

दरअसल सूबे में संपन्न हुए दो चरणों के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी, मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी जैसे किसी भी बड़े नेताओं ने एक भी आमसभा को संबोधित नहीं किया. जबकि बीजेपी की ओर से खुद पीएम मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह सहित अन्य बडे़ नेताओं ने कई सभाओं को संबोधित किया. इन तमाम स्थितियों के बाद भी कांग्रेस को विश्वास है कि विधानसभा से ज्यादा जनता का आशीर्वाद मिलेगा. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया का कहना है कि जनता कांग्रेस के साथ है. लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस के पक्ष में ही परिणाम आएंगे.

बीजेपी प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास का कहना है कि विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद कांग्रेस ओवर कॉन्फिडेंस में है, लेकिन विधानसभा और लोकसभा चुनाव में अंतर होता है. लोकसभा चुनाव में जनता बीजेपी के साथ है. बता दें कि कांग्रेस ने साल 2018 में सिर्फ जीत ही हासिल नहीं की थी. बल्कि विधानसभा की 90 में से 68 सीटें जीत कर सूबे के इतिहास में नया रिकार्ड कायम किया था. माना जा रहा है कि यही रिकार्ड कांग्रेस के ओवर कॉन्फिडेंस का कारण बन गई.



वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक बाबूलाल शर्मा कहते हैं कि अगर कांग्रेस में ओवर कॉन्फिडेंस नहीं होता तो पूरे प्रदेश में पीसीसी चीफ भूपेश बघेल का वन मैन शो नहीं चल रहा होता. बल्कि विधानसभा चुनाव के तर्ज पर आला नेता एक मंच पर मंचासीन होते. सामुहिक सभाएं होती. बडे़-बड़े नेताओं का जमावड़ा होता. दरअसल 100 दिनी कांग्रेस की सरकार के 100 दिन में ही कई भेद खुल गए तो कई विवाद भी सामने आए. चाहे बात मंत्री मंडल गठन की हो या फिर लोकसभा में टिकट वितरण का. हरेक बार कांग्रेस की आपसी कलई खुलती नजर आई.
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First published: April 20, 2019, 12:59 PM IST
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