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हनी ट्रैप केस: महिला गैंग के निशाने पर थे छत्तीसगढ़ के तीन अफसर, हो सकती है पूछताछ!

मध्‍य प्रदेश के बाद छत्‍तीसगढ़ से भी हनी ट्रैप के तार जुड़ रहे हैं. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

मध्‍य प्रदेश के बाद छत्‍तीसगढ़ से भी हनी ट्रैप के तार जुड़ रहे हैं. (प्रतीकात्‍मक फोटो)

हनी ट्रैप के तार छत्‍तीसगढ़ से भी जुड़ने की आशंका गहरा गई है. मामले की छानबीन कर रही मध्‍य प्रदेश SIT के अधिकारी छत्‍तीसगढ़ में भी कुछ लोगों से पूछताछ कर सकते हैं. हालांकि, प्रदेश के DGP ने का कहना है कि एसआईटी ने उनसे संपर्क नहीं साधा है.

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    रायपुर. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले (Honey Trap Case) के तार छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) से भी जुड़े हो सकते है. सूत्रों की मानें तो महिला गैंग (Lady Gang) के निशाने पर सूबे के तीन अफसर थे. जानकारी के मुताबिक, वन विभाग के दो अफसर (Forest Officer) और एक आईएएस अधिकारी (IAS) का संपर्क इन लोगों से था. वन विभाग के अधिकारी इस दौरान डीएफओ (DFO- Divisional Forest Officer) रैंक पर थे. अब वह प्रमोट होकर आईएफएस (IFS- Indian Forest Service ) बन गए हैं. वहीं, आईएएस अधिकारी पहले नक्सली इलाके में पदस्थ कलेक्टर थे, जो अब प्रमोट होकर मंत्रालय पहुंच गए हैं. कहा जा रहा है कि वन विभाग के अधिकारियों को एनजीओ (NGO- Nongovernmental Organization) का काम दिलाने के नाम पर पैसे लिए गए और लड़कियां पहुंचाई गई थीं. इसके साथ ही सूबे के कुछ और सफेदपोश और व्हाइट कॉलर लोगों के शामिल होने का अंदेशा जताया जा रहा है.

    हनी ट्रैप रैकेट में छत्तीसगढ़ के अधिकारियों का नाम सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि हनी ट्रैप मामले की जांच के लिए मध्य प्रदेश में एसआईटी का गठन कर दिया गया है. अब जांच अधिकारी मामले की छानबीन के लिए छत्तीसगढ़ भी आ सकते हैं. जानकारी के मुताबिक, कुछ अधिकारियों से पूछताछ भी हो सकती है. सूत्रों की मानें तो अधिकारियों की टीम छत्तीसगढ़ के लिए रवाना भी हो गई है.



    अधिकारियों ने कही ये बात 

    मध्य प्रदेश के हनी ट्रैप मामले के तार छत्तीसगढ़ से भी जुड़े हो सकते है. इस मसले पर डीजीपी डीएम अवस्थी का कहना है कि एसआईटी ने फिलहाल उनसे संपर्क नहीं किया है. डीजीपी का कहना है कि एमपी पुलिस अगर संपर्क करती है तो उन्हें पूरा सपोर्ट किया जाएगा. साथ ही गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का कहना है कि अभी ऐसा कोई क्लू सामने नहीं आया है. अगर एमपी पुलिस आती है तो सहयोग किया जाएगा. गृहमंत्री का कहना है कि जिनका भी नाम सामने आएगा, पुलिस कार्रवाई करेगी, किसी को रोका नहीं जाएगा.

    क्या है पूरा मामला?

    बता दें कि इंदौर नगर निगम (Indore Municipal Corporation) के एक इंजीनियर की शिकायत पर दर्ज एफआईआर (First Information Report, FIR) के बाद पुलिस ने इंदौर से दो महिलाओं और भोपाल (Bhopal) से तीन महिलाओं के साथ एक पुरुष को गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक, ये संगठित गिरोह के सदस्‍य हैं, जो बड़े नेताओं और आईएएस-आईपीएस अफसरों को अपने जाल में फंसाकर उन्‍हें ब्लैकमेल (Blackmail) करता था.

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