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अंतागढ़ टेपकांड: मंतूराम पवार के वकील ने केस से नाम लिया वापस, अब SIT को देंगे वॉइस सैंपल

अंतागढ़ टेपकांड: मंतूराम पवार के वकील ने केस से नाम लिया वापस, अब SIT को देंगे वॉइस सैंपल

मंतूराम पवार के वकील ने केस से अपना नाम वापस ले लिया है. (File Photo)

मंतूराम पवार के वकील ने केस से अपना नाम वापस ले लिया है. (File Photo)

मंतूराम पवार (Manturam Pavar) के वकील अमित बनर्जी ने अंतागढ़ केस से अपना नाम वापस ले लिया है.

    रायपुर. छत्तीसगढ़ के हाईप्रोफाइल अंतागढ़ टेपकांड (Antagarh Tape Kand) मामले में एक नया मोड आया है. टेपकांड के मुख्य गवाह मंतूराम पवार अब ये केस नहीं लड़ेंगे. बता दें कि, मंतूराम पवार के वकील ने केस से अपना नाम विड्रॉ कर लिया है. मंतूराम के वकील अमित बनर्जी ने केस से अपना नाम वापस ले लिया है. मंतूराम पवार के धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने के बाद उनके वकील ने नाम विड्रॉ कर लिया है. जानकारी के मुताबिक, अब मंतूराम पवार अपना वाइस सैंपल देने के लिए भी राजी हो गए हैं. अब 16 सितंबर को मंतूराम SIT को अपना वॉइस सैंपल देंगे. मंतूराम पवार ने कहा कि मैं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से भी कहूंगा कि वो अपने दामाद से वॉइस सैंपल दिलाएं. अमित और अजीत जोगी से भी कहूंगा वॉइस सैंपल दें.

    बढ़ी सुनवाई

    अंतागढ़ टेपकांड मामले की सुनवाई एक बार फिर आगे बढ़ा दी गई है. जानकारी के मुताबिक, अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी. बता दें कि, इस केस में आरोपी बनाए गए जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी इस वक्त अस्वस्थ्य हैं. इस वजह से केस के हियरिंग की डेट आगे बढ़ा दी गई है. अमित जोगी खुद अपने केस की पैरवी करना चाहते थे, लेकिन कुछ दिन पहले उनकी तबियत बिगड़ गई. इस वजह से वो कोर्ट में पेश नहीं हो सके. अब कोर्ट ने कहा है कि अमित जोगी के वकील ही इस केस में पैरवी करेंगे.

    नोटिस के बावजूद नहीं दिया था वॉयस सैंपल:

    अंतागढ़ टेपकांड मामले में एसआईटी (SIT) ने तत्कालीन कांग्रेस (Congress) उम्मीदवार रहे मंतूराम का वायस सैंपल और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी को भी वायस सैंपल देने के लिए तीसरी बार नोटिस भेजा था. इसके तहत उन्हें बीते 21 अगस्त को एसआईटी के सामने उपस्थित होना था, लेकिन इस पूरे मामले में अमित जोगी और उनके पिता अजीत जोगी ने अपना वायस सैंपल (Voice Sample) देन से साफ इनकार कर दिया है. उनका कहना है कि किसी को भी वॉयस सैंपल देने के लिए उन्हें बाध्य नहीं किया जा सकता है.

    क्या है अंतागढ़ मामला:

    साल 2014 में अंतागढ़ के तत्कालीन विधायक विक्रम उसेंडी (Vikram Usendi) ने लोकसभा का चुनाव (LokSabha Election) जीतने के बाद इस्तीफा दिया था. वहां हुए उपचुनाव (By Election)  में कांग्रेस ने पूर्व विधायक मंतू राम पवार को प्रत्याशी बनाया था. भाजपा से भोजराम नाग खड़े हुए थे. नाम वापसी के अंतिम वक्त पर मंतूराम ने अपना नामांकन वापस ले लिया था. इससे भाजपा (BJP) को एक तरह का वाकओवर मिल गया था. बाद में फिरोज सिद्दीकी नाम से एक व्यक्ति का फोन कॉल (Phone Call) वायरल हुआ था. आरोप लगे थे कि तब कांग्रेस में रहे पूर्व सीएम अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी ने मंतू की नाम वापसी कराई. टेपकांड में कथित रूप से अमित जोगी और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह (Dr. Raman Singh) के दामाद पुनीत गुप्ता के बीच हुई बातचीत बताई गई थी.

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    Tags: Ajit jogi, Antagarh bypoll, Bhupesh Baghel, BJP, Chhattisgarh news, Congress, Raipur news, Raman singh

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