मंत्री ने सूडा को सौंपी वॉटर ट्रीटमेंट प्‍लांट विवाद सुलझाने की जिम्‍मेदारी

छत्‍तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल के दखल के बाद राजधानी रायपुर के रावणभाठा में बनने वाले वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है. उन्‍होंने प्‍लांट को लेकर नगर निगम और पीएचई के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने की जिम्‍मेदारी सूडा को सौंंपी है.

Devwrat Bhagat | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: January 13, 2018, 11:39 PM IST
मंत्री ने सूडा को सौंपी वॉटर ट्रीटमेंट प्‍लांट विवाद सुलझाने की जिम्‍मेदारी
नगर निगम ने वॉटर ट्रीटमेंट प्‍लांट निर्माण का काम शुरू कर दिया है.
Devwrat Bhagat | ETV MP/Chhattisgarh
Updated: January 13, 2018, 11:39 PM IST
छत्‍तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल के दखल के बाद राजधानी रायपुर के रावणभाठा में बनने वाले वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है. उन्‍होंने प्‍लांट को लेकर रायपुर नगर निगम और पीएचई के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने की जिम्‍मेदारी सूडा को सौंंपी है.

दरअसल प्लांट की जगह को लेकर नगर निगम और लोक स्‍वास्‍थ्‍य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के बीच विवाद के चलते प्लांट का निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो पा रहा था. इसके बाद निगम कमि‍श्नर रजत बंसल ने इसकी जानकारी विभागीय मंत्री अमर अग्रवाल को दी और मंत्री ने राज्य शहरी विकास अभिकरण यानी सूडा को ये विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी दे दी है.

आपको बता दें कि पीएचई के मुख्य अभियंता ने आपत्ति दर्ज कराई है कि वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनने से पीएचई दफ्तर में बड़ी गाड़ियों की आवाजाही बंद हो जाएगी, जबकि पीएचई कार्यालय में बड़ी-बड़ी खनन की मशीनें हैं. इसलिए पीएचई द्वारा वैकल्पिक मार्ग की मांग की गई है. फिलहाल रावणभाठा में अब चौड़ा रास्ता बनाकर विवाद सुलझाने की कोशिश की जा रही है. वहीं पूरा विवाद सुलझने से पहले ही 80 एमएलडी क्षमता वाला वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का काम भी निगम ने शुरू कर दिया है.

आपको बता दें कि यहीं से पूरे शहर को पानी सप्लाई किया जाता है और अब शहर की पानी की जरूरत को देखते हुए नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जा रहा है.
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