विधायक भीमा मंडावी हत्याकांड: NIA जांच को लेकर केन्द्र और राज्य सरकार आमने-सामने

विधायक भीमा मंडावी की मौत की जांच के लिए बीजेपी एनआईए को सौंपना नहीं चाह रही है. वहीं राज्य के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने केन्द्र सरकार को घेरते हुए कहा कि झीरम घाटी की घटना की रिपोर्ट एनआईए क्यों नहीं सौप रहा है.

Surendra Singh | News18 Chhattisgarh
Updated: June 6, 2019, 12:19 PM IST
Surendra Singh | News18 Chhattisgarh
Updated: June 6, 2019, 12:19 PM IST
बीजेपी विधायक भीमा मंडावी की हत्या मामले में राज्य की कांग्रेस सरकार और केंद्र सरकार के बीच मतभेद उभर आए है. एक ओर जहां राज्य सरकार ने विधायक हत्याकांड की न्यायिक जांच कराने की बात कही है. वहीं केंद्र सरकार ने इसकी जांच करने के लिए एनआईए को निर्देश दिए हैं. ऐसे में अब राज्य सरकार ने केंद्र से कहा है कि वो एनआईए जांच पर पुर्नविचार करे. राज्य की कांग्रेस सरकार एनआईए पर अपना भरोसा जता नहीं पा रही है. इसीलिए बीजेपी विधायक भीमा मंडावी की मौत की जांच के लिए एनआईए को सौंपना नहीं चाह रही है. राज्य के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने केन्द्र सरकार को घेरते हुए कहा कि झीरम घाटी की घटना की रिपोर्ट एनआईए क्यों नहीं सौप रहा है.

 एनआईए पहले दे झीरम घाटी की रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर एनआईए जांच पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है. राज्य सरकार ने विधायक भीमा मंडावी की हत्या के मामले में न्यायिक जांच का हवाला दिया है. वहीं दूसरी ओर एनआई को केंद्र सरकार से इस मामले की जांच के निर्देश मिल गया है. लेकिन राज्य की कांग्रेस सरकार को एनआईए पर भरोसा नहीं है. मामले में छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का कहना है सरकार को किसी भी जांच से परेशानी नहीं है. एनआईए जांच पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पहले एजेंसी झीरम घाटी की घटना का जांच रिपोर्ट दे. एनआईए ने इस जांच को पूरा करने में कितना समय लेगी. इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है.

राज्य सरकार की मंशा पर बीजेपी उठा रही है सवाल

केंद्र सरकार से निर्देश मिलने के बाद एनआईए ने जांच की तैयारी भी शुरू कर दी है. हालांकि 15 दिन बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार ने भाजपा विधायक भीमा मंडावी की हत्या के मामले की फाइल एनआईए को नहीं सौंपी है. जिस पर बीजेपी राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठा रही है. बहरहाल केंद्र और राज्य सरकार की टशन के बीच अब देखने वाली बात ये होगी कि आखिर इस मामले की जांच कब पूरी होती है. या फिर पहले की तरह ही कई घटनाओं की फाइलें जांच के लिए एजेंसियों के दफ्तरों में धूल खाती रहेगी.

यह भी पढ़ें -  रकम दोगुना करने का झांसा चिटफंड कारोबारी ने ऐसे की करोड़ों की ठगी 

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स      
 
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...