• Home
  • »
  • News
  • »
  • chhattisgarh
  • »
  • मानसून सत्र: छत्तीसगढ़ विधानसभा में MLA ने उठाए RTE के तहत एडमिशन पर सवाल, मंत्री ने गिनाए आंकड़े

मानसून सत्र: छत्तीसगढ़ विधानसभा में MLA ने उठाए RTE के तहत एडमिशन पर सवाल, मंत्री ने गिनाए आंकड़े

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 26 जुलाई से शुरू हो गया है.

छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 26 जुलाई से शुरू हो गया है.

छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) के मानसून सत्र में शुक्रवार को शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत होने वाले एडमिशन को लेकर सवाल-जवाब हुए.

  • Share this:

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) के मानसून सत्र में शुक्रवार को शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत होने वाले एडमिशन को लेकर सवाल-जवाब हुए. जेसीसीजे विधायक धर्मजीत सिंह ने आरटीई के तहत बच्चों के प्रवेश लक्ष्य पर सवाल उठाए. उन्होंने पूछा-  शैक्षणिक सत्र 2019 – 20 , 2020- 21 और 2021 – 22 में आरटीई के तहत कितने बच्चो को प्रवेश कराने का लक्ष्य रखा गया है और अभी तक कितनों को प्रवेश दिया गया? अल्पसंख्यक वर्ग द्वारा संचालित निजी स्कूलों के लिए क्या आरटीई लागू होता है?  अगर हां तो क्यों? अल्पसंख्यक वर्ग के लिए प्रदेश में कौन कौन से स्कूल संचालित हैं और यह स्कूल कहां कहां चल रहे हैं. क्या इन स्कूलों में अल्पसंख्यक बच्चों को प्रवेश के लिए सीट आरक्षित है?

जवाब में शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आकड़ो के साथ जवाब दिया. मंत्री ने बताया कि साल 2019 – 20 में 81242 आरक्षित सीट रही, जिसमें सिर्फ 48167 बच्चो को मिला प्रवेश. साल 2020- 21 के लिये आरक्षित सीटें 81242 थी जिसमे 52689 बच्चो को प्रवेश मिला. साल 2021-22 के लिए आरक्षण में 2246 सीटें बढ़ाई गईं. आरक्षण की कुल सीटों की संख्या हुई 83688 हुई, जिसके लिए प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है. जबकि अल्पसंख्यक वर्ग की संस्थाओ में यह प्रक्रिया लागू नहीं होती. क्योकि कानून में इसका प्रावधान नहीं है.

धान उठाव को लेकर सवाल
छत्तीसगढ़ में उपार्जन केंद्रों में 21 लाख 56 हज़ार क्विंटल धान उठाव के लिए शेष है. सदन में बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने पूछा कि समय पर धान नहीं उठाने का दोषी कौन है? सहकारिता मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा- 72 घंटे के भीतर धान उठाने का नियम है, लेकिन ये नियम तब बना था जब ख़रीदी कम होती थी. आज 92 लाख मीट्रिक टन ख़रीदी हुई है. धान का उठाव मिलिंग के लिए होता है. एफसीआई ने साठ लाख मीट्रिक टन चावल की डिमांड की थी लेकिन नहीं लिया. स्पीकर डॉक्टर चरणदास महंत ने सहकारिता मंत्री और खाद्य मंत्री को दिया निर्देश, जल्द से जल्द बैठक कर समाधान ढूंढें.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज