Home /News /chhattisgarh /

छत्तीसगढ़: सड़क हादसों में हर साल मरते हैं करीब 4,000 लोग, जानिए- क्या है वजह

छत्तीसगढ़: सड़क हादसों में हर साल मरते हैं करीब 4,000 लोग, जानिए- क्या है वजह

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

छत्तीसगढ़ में तमाम तरह के जागरूकता अभियान और सख्ती के बावजूद सड़क दुर्घटनाओं में इज़ाफा हुआ है जो कि चिंताजनक है.

    छत्तीसगढ़ में हर साल 4 हजार से ज्यादा लोगों की मौत सिर्फ इसलिए हो जाती है क्योंकि यातायत के बेहद मामूली सुरक्षा मानकों की लोग अनदेखी करते हैं.  गाड़ियों की टक्कर और सही सड़क सुरक्षा उपायों की अनदेखी के चलते सड़क हादसे बेहद आम होते जा रहे है. वाहनों की भिडंत से हादसों से होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है. छत्तीसगढ़ में तमाम तरह के जागरूकता अभियान और सख्ती के बावजूद सड़क दुर्घटनाओं में इज़ाफा हुआ है जो कि चिंताजनक है.

    छत्तीसगढ़ में जिस गति से सड़कों का जाल बिछा है उसी गति से हादसे भी बढ़े हैं. एक नज़र उन आंकड़ों पर जो ये बताते हैं कि आखिर हर साल सड़क हादसों में कितनी दुर्घटनाएं हुई हैं और इसमें कितनी जानें गई हैं.

    छत्तीसगढ़ राज्य में घटित सड़क दुर्घटनाओं के वार्षिक आंकड़े -

    साल              दुर्घटना             मृतक            घायल

    2015             14,446            4,082         13,426

    2016             13,580            3,908         12,955

    2017             13,513            4,136          12,475

    ये आंकड़े देखकर आप समझ ही गये होंगे कि घर से बाहर जा रहा व्यक्ति सकुशल वापस आयेगा या नहीं ये विश्वास कोई नहीं दिला सकता. दुर्घटनाएं कहीं भी, कभी भी घटित हो जाती है. बच्चे, बूढ़े, युवा, महिलाएं इसकी चपेट में आते हैं. लेकिन हर दुर्घटना के पीछे किसी न किसी की जल्दबाजी या लापरवाही जरूर होती है. प्रदेश में अक्सर लोग यातायात के नियमों का उल्लंघन करते है और किसी तेज रफ्तार वाहन से टकरा कर अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं या किसी की जिंदगी खतरे में डाल देते हैं. छत्तीसगढ़ में शराबबंदी को लेकर कार्य कर रही सोशल एक्टिविस्ट ममता शर्मा का कहना है कि ड्रंक एंड ड्राइव, रोड एक्सीडेंट की सबसे बड़ी वजह होती है.

    ड्रंक एंड ड्राइव के अलावा सड़क हादसों के कारण -

    •  वाहन चलाने के दौरान सेल फोन या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल

    •  तेज रफ्तार से वाहन चलाने का शौक

    •  रेड लाइट जंपिंग

    •  सेफ्टी फीचर्स को नजरअंदाज करना

    •  सड़क पर चलने वाले मवेशी

    •  सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी

    •  सड़क निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी


    गाड़ी चलाने के दौरान सेल फोन या फिर दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल के कारण चालक का ध्यान हटने की वजह से सड़क दुर्घटना का खतरा बढ़ा है. सोशल एक्टिविस्ट ममता शर्मा का कहना है कि हाइवे पर चलने वाली ट्रकों में एक ड्राइवर द्वारा लगातार ड्राइविंग करना भी हादसों की बड़ी बजह होती है.

    एसपी ट्रैफिक अभिषेक वर्मा का कहना है कि सड़क हादसों से दूर रखने के लिए यातायात नियम और कानून आपकी बहुत मदद करता है. सड़क सुरक्षा उपाय वो हथियार है जो आपको मंहगे यातायात अर्थदंड, गंभीर अपराधों और ड्राइविंग लाइसेंस के निष्कासन से बचा सकता है. सड़क हादसों की संख्या घटाने के लिए सरकार ने कई सड़क यातायात और सुरक्षा नियम बनाए हैं और इसके लिए समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाए जाते हैं. स्कूली बच्चों के बीच जाकर उन्हें ट्रैफिक के नियम जैसे यातायत लाईटों को सीखाना, रोड चिन्हों को समझाना और सड़क पर वाहन चलाते हुए रक्षात्मक उपाय करना पुलिस सीखाती है. हांलाकि हेलमेट और यातायात नियम पालन नहीं करने पर कई बार ट्रैफिक पुलिस को सख्ती भी बरतनी पड़ती है.

    प्रदेश डीजीपी, डीएम अवस्थी का कहना है कि सड़कों पर दुर्घटनाएं ना हों  इसके लिए पुलिस रोड सेफ्टी नियमों का पालन कराने की कोशिश कर रही है. वहीं सड़क हादसों की स्थिति में त्वरित सहायता के लिए छत्तीसगढ़ में हेल्पलाइन 112 नंबर की सुविधा भी शुरू की गयी है, जिसमें तुरंत पुलिस, एंबुलेंस और मेडिकल की सुविधा घायलों को मिलती है.

    ये भी पढ़ें- विधायक मोहन मरकाम ने सड़क दुर्घटना में घायल को अपने वाहन से भेजा अस्पताल

    यह भी जानें - ISRO Recruitment Alert 2018: वैज्ञानिक/इंजीनियर के इतने पदों पर निकली भर्ती, ऐसे करें आवेदन

    Tags: 5 people injured in road accident, Car accident, Chhattisgarh news, Police

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर