नान घोटाला : पूर्व मुख्‍यमंत्री रमन सिंह की बढ़ी मुश्‍किल, एसआईटी करेगी 36 हजार करोड़ के घोटाले की जांच

छत्तीसगढ़ की नई सरकार ने फरवरी 2015 में सामने आए इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है.

Awadhesh Mishra | News18 Chhattisgarh
Updated: January 9, 2019, 12:32 PM IST
नान घोटाला : पूर्व मुख्‍यमंत्री रमन सिंह की बढ़ी मुश्‍किल, एसआईटी करेगी 36 हजार करोड़ के घोटाले की जांच
प्रतीकात्मक तस्वीर.
Awadhesh Mishra | News18 Chhattisgarh
Updated: January 9, 2019, 12:32 PM IST
छत्तीसगढ़ में करीब तीन साल पहले सामने आए बहुचर्चि नागरिक आपूर्ति निगम (नान) घोटाला मामले की नए सिरे से जांच की जाएगी. छत्तीसगढ़ की नई सरकार ने फरवरी 2015 में सामने आए इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है. एसआईटी का नेतृत्व आईपीएस एसआरपी कल्लूरी के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम करेगी. नए सिरे से जांच के लिए 11 बिन्दु तय किए गए हैं. जांच के बिन्दुओं को जानने से पहले जान लेते हैं कि आखिर कथित 36 हजार करोड़ रुपये का नान घोटाला है क्या?

12 फरवरी 2015 को छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक व राजनीतिक ​गलियारों में भूचाल आ गया. इसी दिन एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध शाखा ने प्रदेश में नागरिक आपूर्ति निगम (नान) के अधिकारियों और कर्मचारियों के 28 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा. इस कार्रवाई में करोड़ों रुपयों के साथ ही भ्रष्टाचार से संबंधित कई दस्तावेज़, हार्ड डिस्क और डायरी भी जब्त की गई थी. इस कार्रवाई ने भ्रष्टाचार की नई पोल खोल दी.

आरोप है कि छत्तीसगढ़ में राइस मिलरों से लाखों क्विंटल घटिया चावल लिया गया और इसके बदले करोड़ों रुपये की रिश्वतखोरी की गई. इसी तरह नागरिक आपूर्ति निगम के ट्रांसपोर्टेशन में भी भारी घोटाला किया गया. इस मामले में 27 लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ किया गया था. जिनमें से 16 के ख़िलाफ़ 15 जून 2015 को अभियोग पत्र पेश किया गया था. जबकि मामले में दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. आलोक शुक्ला और अनिल टूटेजा के ख़िलाफ़ कार्रवाई की अनुमति के लिये केन्द्र सरकार को चिट्ठी लिखी गई.

इन बिन्दुओं पर नए सिरे से होगी जांच

1. प्रकरण में विवेचना अवधी जून 2014 से पूर्व को शामिल किया जाएगा.
2. एसएस भट्ट से प्राप्त 113 पन्नों वाली डायरी के शेष 107 पन्नों की भी जांच की जाएगी.
3. केके बारिक के कम्प्यूटर से प्राप्त 127 पन्नों को विवेचना में शामिल किया जाएगा.
4. गिरीश शर्मा पर अनुपातहीन संपत्ती को भी विवेचना में शामिल किया जाएगा.
5. त्रिनाथ रेड्डी के घर के प्राप्त नकदी और दस्तावेज के आधार अनुपातहीन संपत्ती की जांच की जाएगी.
6. केके बारिक के घर से प्राप्त नकदी और दस्तावेजों के आधार पर अनुपातहीन संपत्ती की जांच होगी.
7.जीतराम यादव के घर से प्राप्त 36 लाख नकदी पर समानुपातिक संपत्ती अर्जित करने को विवेचना में शामिल किया जाएगा.
8. अरविंद ध्रुव से जब्त दस्तावेज और असमानिपातिक संपत्ती को विवेचना में शामिल किया जाएगा.
9. भ्रष्ट्राचार अधिनियम की 1988 की धारा 20 के तहत उक्त से जब्त राशी उक्त के द्वारा ली गई है ही माना जाएगा.
10. गिरीश शर्मा के कम्प्यूटर के प्राप्त 4 पन्नें जिसमें प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम लिखे हैं उसे भी विवेचना में शामिल किया जाएगा.
11. गिरीश शर्मा के कम्प्यूटर हार्ड डिस्क को भी विवेचना में शामिल किया जाएगा.

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