Home /News /chhattisgarh /

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आगाज, Jharkhand CM हेमंत सोरेन बोले- जनजातीय वर्ग का हुआ सम्मान

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आगाज, Jharkhand CM हेमंत सोरेन बोले- जनजातीय वर्ग का हुआ सम्मान

rashtriya adivasi nritya mahotsav:  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन किया आदिवासी नृत्य महोत्सव का शुभारंभ.

rashtriya adivasi nritya mahotsav:  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन किया आदिवासी नृत्य महोत्सव का शुभारंभ.

Rashtriya Adivasi Nritya Mahotsav Raipur 2021: गुरुवार को राजधानी रायपुर (Raipur News in Hindi) में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव (National Tribal Dance Festival ) का शुभारंभ झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren)  ने किया. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य, आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने, संवारने और आगे बढ़ाने के लिए अभिनव कार्य कर रहा है. जनजातीय वर्ग के प्रति यह प्रयास मील का पत्थर साबित होगा. 

अधिक पढ़ें ...

    रायपुर. राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव (National Tribal Dance Festival  2021) का गुरुवार को भव्य आगाज हुआ. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य, आदिवासियों की संस्कृति को सहेजने, संवारने और आगे बढ़ाने के लिए अभिनव कार्य कर रहा है. उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह सिर्फ राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय वर्ग का सम्मान है. उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्ग सालों से शोषित रहा है. सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से पिछड़ा रहा है. उसे आगे बढ़ाने के लिए यह भव्य आयोजन पूरे देश के लिए एक संदेश है. उन्होंने कहा कि अगर हम सब चाहे तो यह जनजातीय वर्ग हमारे साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकता है, आगे बढ़ सकता है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का जनजातीय वर्ग के प्रति यह प्रयास मील का पत्थर साबित होगा.


    राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव और छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का शुभारंभ झारखण्ड के मुख्यमंत्री एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हेमंत सोरेन ने दीप प्रज्जवलित कर किया. इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने की. कार्यक्रम में राज्यसभा के पूर्व सांसद बीके हरिप्रसाद, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, युगाण्डा एवं फिलीस्तीन के कॉउंसलर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे.

    1 नवंबर तक होगा कार्यक्रम का आयोजन

    रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में 28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित होने वाले इस ‘राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव’ और छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में देश के 27 राज्यों और 6 केन्द्र शासित प्रदेशों के कलाकारों के साथ ही 07 देशों- एस्वातीनी, नाइजीरिया, उज्बेकिस्तान, श्रीलंका, यूगांडा, माली और फिलिस्तीन से आए लगभग 1500 कलाकार भाग ले रहे हैं. मुख्य अतिथि हेमंत सोरेन ने आगे कहा कि आज भौतिकवादी युग में जनजातीय समाज अपनी सभ्यता, संस्कृति को बचाने में लगा है. छत्तीसगढ़ सरकार के इस कार्यक्रम को देखकर यह महसूस हो रहा है कि इससे जनजाति वर्ग में आशा जगेगी. इससे उन्हें ताकत और ऊर्जा मिलेगी, वह अपनी संस्कृति और सभ्यता को अक्षुण्ण रखेंगे.

    उन्होंने कहा कि यहां आदिवासियों की कला, संस्कृति के साथ-साथ उनके उत्पाद के प्रदर्शन एवं विक्रय का मेला लगा है. सोरेन ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में आदिवासियों की बेहतरी और उनके कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का अध्ययन करते हैं और अपने राज्य में भी बदलाव की कोशिश करते हैं. उन्होंने जल-जंगल-जमीन जनजातीय समाज की आत्मा है. खेत-खलिहान, पशुधन और वनोपज इनकी सम्पत्ति है. छत्तीसगढ़ राज्य में लघु वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी और वनवासियों को तेंदूपत्ता से लेकर लघु वनोपजों का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तारीफ की और कहा कि उनका यह मानना है कि जब तक गांव समृद्ध नहीं होगा, तब तक शहर, प्रदेश और देश समृद्ध नहीं होगा. जनजातीय समुदाय की क्रय शक्ति बढ़े, इस पर ध्यान देने की जरूरत है.

    ये भी पढ़ें: राजस्थान में अनुकंपा नियुक्ति नियम में बड़ा बदलाव, अब विवाहित बेटी को भी मिलेगी नौकरी

    सीएम भूपेश बघेल बोले- एकता हमारी ताकत और पहचान है

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर कहा कि अनेकता में एकता हमारी ताकत और पहचान है. उन्होंने कहा कि इसे जोड़ने एवं संजोने के लिए विश्व के आदिवासियों को एक मंच पर लाने के लिए यह आयोजन किया जा रहा है, ताकि वह संस्कृति को, अपनी ताकत को जाने और आगे बढ़े. छत्तीसगढ़ आज आदिवासियों का वैश्विक मंच के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा हैं. उन्होंने कहा कि इसमें सफलता मिली है. यह राष्ट्रीय नृत्य महोत्सव का द्वितीय आयोजन है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में 42 जनजातियां और 5 विशेष पिछड़ी जनजातियां निवास करती है. इनकी जनसंख्या राज्य की कुल आबादी की एक-तिहाई है. सभी जनजातियों की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है. उनकी बोली, उत्सव, नृत्य, देवी-देवता भी अलग-अलग है. राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के माध्यम से जनजातियों की सांस्कृतिक विभिन्नता, उनकी कला को हमे एक मंच पर देखने और जानने का अवसर मिल रहा है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य में आदिवासी समुदाय की बेहतरी के लिए किए जा रहे कार्याें का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के नवनिर्माण में सबकी भागीदारी हो, सबका विकास हो, यह हमारी प्राथमिकता है.

    Tags: Bhupesh Baghel, Chhattisgarh news, CM Hemant Soren, Raipur news, Tribal cultural

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर