हृदय रोगियों के लिए अब मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी की नई तकनीक

कार्डियक सर्जरी का नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले ओपन हार्ट सर्जरी का नाम आता है.लेकिन मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी की नई तकनीक आने के बाद अब मरीजों को ओपन हार्ट सर्जरी कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी.बल्कि कुछ खास उपकरणों की मदद से एक सर्जन छोटे से चीरे के जरिए हार्ट सर्जरी कर सकता है.

Devwrat Bhagat | News18 Chhattisgarh
Updated: September 17, 2018, 10:51 AM IST
हृदय रोगियों के लिए अब मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी की नई तकनीक
कार्डियक सर्जन डॉ.नितिन कुमार राजपूत नई तकनीक की जानकारी देते हुए
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Devwrat Bhagat | News18 Chhattisgarh
Updated: September 17, 2018, 10:51 AM IST
कार्डियक सर्जरी का नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले ओपन हार्ट सर्जरी का नाम आता है.लेकिन मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी की नई तकनीक आने के बाद अब मरीजों को ओपन हार्ट सर्जरी कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी.बल्कि कुछ खास उपकरणों की मदद से एक सर्जन छोटे से चीरे के जरिए हार्ट सर्जरी कर सकता है.रायपुर के एनएचएमएमआई नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में इस नई तकनीक के जरिये 100 से ज्यादा लोगों के हार्ट की सफल सर्जरी हो चुकी है. मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी को ओपन हार्ट सर्जरी के नवीनतम विकल्प के रूप में देखा जा रहा है.

एनएच एमएमआई के कार्डियक सर्जन डॉ. नितिन कुमार राजपूत ने बताया कि पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी में लगभग 8 से 10 इंच का चीरा लगाया जाता है लेकिन मिनिमल इनवेसिव तकनीक से अधिकांश मामलों में वही सर्जरी लगभग 2.5 इंच के चीरे से की जा सकती है.डॉ. राजपूत ने कहा कि मिनिमली इनवेसिव तकनीक का उपयोग कर दिल की कई बीमारियों का इलाज किया जा सकता है जैसे बाईपास सर्जरी, वॉल्व रिपेयर एंड रिप्लेसमेंट और दिल के छेद जैसे मामले.डॉक्टरों ने बताया कि इस तकनीक की कुछ सीमाएं भी हैं क्योंकि इमरजेंसी में और हर मरीज के लिए हर परेशानी के लिए इसका उपयोग नहीं किया जा सकता लेकिन रायपुर के एनएच एमएमआई में 100 मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी पूरी की गई हैं जिसे हॉस्पिटल के डायरेक्टर विनीत सैनी एक बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं.
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