NIT रायपुर के ये स्टूडेंट्स घर बैठे देंगे ऑनलाइन एग्जाम, ऐसे सब्मिट होगी आंसर शीट, जानें पूरा टाइम टेबल
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NIT रायपुर के ये स्टूडेंट्स घर बैठे देंगे ऑनलाइन एग्जाम, ऐसे सब्मिट होगी आंसर शीट, जानें पूरा टाइम टेबल
एनआईटी में ऑनलाइन परीक्षा होगी.

एनआईटी पब्लिक एंड मीडिया रिलेशन सेल की चेयरपर्सन डॉ. स्वस्ति स्थापक ने बताया कि ओपन बुक क्वेश्चन के लिए फाइनल ईयर के छात्रों को सुबह 9 बजे क्वेश्चन ईमेल और वाट्सएप किए जाएंगे जिनके जवाब उन्हें शाम 4 बजे तक देने होंगे.

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रायपुर. कोरोना संक्रमण (Coronavirus) और लॉकडाउन (Lockdown 4.0) के चलते एनआईटी प्रबंधन (NIT, Raipur) ऑनलाइन एग्जाम लेने की तैयारी में है. रायपुर की सीनेट ने डिजिटल एग्जामिनेशन लेने का फैसला लिया है. फाइनल ईयर के स्टूडेंट ईमेल वाट्सएप या अन्य तरीकों से ऑनलाइन एग्जाम में शामिल हो सकेंगे. एनआईटी द्वारा ओपन बुक क्वेश्चन तकनीक अपनाई जाएगी. स्टूडेंट आंसर शीट की फोटो खींचकर ई-मेल या वाट्सएप से भेज सकेंगे. एनआईटी प्रबंधन एग्जाम की तैयारियों में जुटा हुआ है. वह फाइनल ईयर के लिए एग्जाम का टाइम टेबल भी जारी कर दिया गया है जिसमें 1 से 12 जून तक परीक्षाएं ली जाएंगी.

आपको बता दें की लॉकडाउन की शुरुआत में ही रायपुर एनआईआईटी को पूरी तरह से खाली करा दिया गया था और यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को उनके होमटाउन भेज दिया गया था. यहां पढ़ने वाले ज्यादातर स्टूडेंट अलग-अलग राज्यों से है और कोरोना संक्रमण के इस दौर में सभी छात्रों को फिजिकली सेंटर में बुलाकर एग्जाम कंडक्ट कराना काफी मुश्किल है. ऐसे में डिजिटल एग्जामिनेशन का यह फैसला लिया गया है. यह व्यवस्था अभी केवल फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स के लिए ही रखी गई है क्योंकि यहां के कई स्टूडेंट्स ऐसे भी हैं जिनका कैंपस सिलेक्शन हो चुका है. अगर समय पर उनका एग्जाम नहीं होता है तो इससे स्टूडेंट्स को नुकसान उठाना पड़ सकता है.

ओपन बुक क्वेश्च तकनीक का होगा इस्तेमाल



एनआईटी पब्लिक एंड मीडिया रिलेशन सेल की चेयरपर्सन डॉ. स्वस्ति स्थापक ने बताया कि ओपन बुक क्वेश्चन के लिए फाइनल ईयर के छात्रों को सुबह 9 बजे क्वेश्चन ईमेल और वाट्सएप किए जाएंगे जिनके जवाब उन्हें शाम 4 बजे तक देने होंगे. इस तकनीक को लेकर डॉ स्वस्ति ने कहा कि ओपन बुक क्वेश्चन कॉन्सेप्ट में ऐसा नहीं है कि छात्रों को जवाब पूरी तरह से बुक से ही देना होगा. उन्होंने बताया कि क्वेश्चन इस तरह तैयार किए जाते हैं जिनके लिए छात्रों को दिमाग लगाना ही होगा. साथ ही डॉ. स्वस्ति ने बताया कि कई छात्र दूरस्थ अंचल से भी है, इसलिए उन्हें पर्याप्त समय दिया जा रहा है ताकी वे अपना जवाब स्कैन करके या फोटो के साथ भेज सकें.




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