अब माइक्रो इरिगेशन के सहारे होगी छत्तीसगढ़ में खेती

पानी की कमी को देखते हुए सिंचाई विभाग ने माइक्रो इरिगेशन योजना पर काम शुरू कर दिया है.

Yugal Tiwari
Updated: April 17, 2018, 1:54 PM IST
अब माइक्रो इरिगेशन के सहारे होगी छत्तीसगढ़ में खेती
Now the use of micro irrigation will be done in Chhattisgarh.
Yugal Tiwari
Updated: April 17, 2018, 1:54 PM IST
छत्तीसगढ़ में दिनों दिन पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है. डेम और सिंचाई जलाशयों सूखने के कगार पर है. इतना ही नहीं भू-जल स्तर में भी काफी गिरावट आ रही है. आने वाले समय में पानी की उपयोगिता पर कार्य ठीक ढंग से नहीं हुआ तो पानी किल्लत से प्रदेश में हाय तौबा मचना लाजमी है.

बता दें कि राज्य में 2500 सिंचाई जलाशय है जिसमें 43 मध्यम और बड़े जलाशय है. 67 माइक्रो सिंचाई परियोजना पर सिंचाई विभाग ने काम शुरू कर दिया है. 33 फीसदी पानी से सिंचाई की योजना बना रही है विभाग. समुदाय आधारित सिंचाई पर सरकार जोर दे रही है. सिंचाई योजना से नए जलाशयों के लिए भूमि अधिग्रहण से मुक्ती मिलेगी.

योजना को लेकर किसान में खुशी है. किसानों का कहना है कि पहले पानी की किल्लत होती थी. पहले नहरों में पानी सीधे जाता था. अब ड्रिप लाइन से पानी सीधे खेतों तक पहुंचेगा. पहले किसानों को पानी की गर्मी में हो जाती थी. जिनकों कम पानी की जरूरत होती थी उनको ज्यादा पानी मिल जाता है. अब सबको सही मात्रा में सभी को पानी मिलेगा.

सुखे की स्थिति से निपटने जल संचय विभाग हर संभव उपाय कर रहा है. सिंचाई विभाग के सचिव सोनमणी बोरा ने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता है हर किसान के खेत में पानी पहुंचाना. इस बार हमारा फोकस माइक्रो इरिगेशन पर है. माइक्रो इरिगेशन से भू-अर्जन की स्थिति नहीं बनेगी.

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