स्कूलों में अंडे की उबाल पर बवाल, सरकार ने कहा- बच्चों और पालकों से पूछकर निकालें ये रास्ता

शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि आगामी दो सप्ताह में शाला विकास समिति एवं पालकों की बैठक शाला स्तर पर आयोजित कराई जाए.

News18 Chhattisgarh
Updated: July 16, 2019, 7:05 PM IST
स्कूलों में अंडे की उबाल पर बवाल, सरकार ने कहा- बच्चों और पालकों से पूछकर निकालें ये रास्ता
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मिड-डे-मिल के मेन्यू में अंडा को शामिल करने के बाद प्रदेश की सियासत में घमासान मचा है.
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Updated: July 16, 2019, 7:05 PM IST
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील में अंडा परोसने के मामले में मचे बवाल के बीच सरकार ने एक मध्य रास्ता निकाला है. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मंगलवार की शाम जिला कलेक्टरों को मिड डे मील के मेन्यू के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया गया है. इसमें अंडा परोसने को लेकर एक नीति बनाकर उसके क्रियान्यवयन की बात कही गई है. शाला विकास समिति और पालकों के साथ बैठक कर नीति बनाने के निर्देश दिए गए हैं.

स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि बच्चों प्रोटीन एवं कैलोरी की पूर्ति के लिए मिड डे मील भोजन के साथ सप्ताह में कम से कम दो दिन अण्डा या दूध या समतुल्य न्यूट्रीशन मूल्य का खाद्य पदार्थ दिए जाने का उल्लेख एवं सुझाव है. चूंकि शाकाहारी परिवार के बालक एवं बालिकाएं भी शासकीय शालाओं में मध्याह्न भोजन ग्रहण करते हैं. ऐसे में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सुझाव के क्रियान्वयन के संबंध में कलेक्टरों को स्पष्टीकरण जारी किया गया है.

निकाला ये रास्ता
इस स्पष्टीकरण के तहत स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि आगामी दो सप्ताह में शाला विकास समिति एवं पालकों की बैठक शाला स्तर पर आयोजित कराई जाए. इस बैठक में ऐसे छात्र-छात्राओं को चिह्नित किया जाए जो मध्याह्न भोजन में अण्डा ग्रहण नहीं करना चाहते हैं. मध्याह्न भोजन तैयार करने के बाद अलग से अण्डे उबालने अथवा पकाने की व्यवस्था की जाए. इसके तहत जिन छात्र-छात्राओं को चिह्नित किया गया है. उन्हें मध्याह्न भोजन के समय अलग पंक्ति में बैठाकर मध्याह्न परोसा जाए.

..तो घर पहुंचाएं अंडे
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि जिन शालाओं में अण्डा वितरण किया जाना हो, वहां शाकाहारी छात्र-छात्राओं के लिए अन्य प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ यथा सुगंधित सोया दूध, सुगंधित मिल्क, प्रोटीन क्रंच, फोर्टिफाइड बिस्किट, फोर्टिफाइड सोयाबड़ी, सोया मूंगफल्ली चिकी, सोया पापड़, फोर्टिफाइड दाल इत्यादि विकल्प की व्यवस्था की जाए. पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि पालकों की बैठक में मध्याह्न भोजन में अण्डा दिए जाने के लिए आम सहमति न हो तो ऐसी शालाओं में मध्याह्न भोजन के साथ अण्डा न दिया जाए. बल्कि घर पहुंचकर ये आहार दिया जाए.

लगातार हो रहा था विरोध
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बता दें कि मिड डे मील के मेन्यू में अंडा शामिल करने का छत्तीसगढ़ के कबीर पंथ के लोग लगातार विरोध कर रहे थे. इनके समर्थन में बीजेपी भी सामने आई. इस मुद्दे को लेकर विधानसभा के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को काफी हंगामा हुआ था. इसके बाद आज ये पत्र जारी किया गया है.

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First published: July 16, 2019, 7:05 PM IST
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