Raipur News: कोविड टेस्टिंग का बहाना बनाकार पैथालॉजी लैब को निशाना बना रहे ऑनलाइन ठग

रायपुर में ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग कोविड की जांच लैब को बना रहे हैं शिकार.

रायपुर में ऑनलाइन ठगी करने वाले गैंग कोविड की जांच लैब को बना रहे हैं शिकार.

कोविड टेस्टिंग कराने का नया पैंतरा बनाकर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दो पैथालॉजी लैब से ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया. ठगी भी ऐसी कि पैथालॉजी लैब में कॉल करके ठग ने खुद को CISF का अधिकारी बताया. इसके बाद एयरपोर्ट में जवानों की कोविड टेस्ट कराने की बात कही.

  • Last Updated: May 19, 2021, 4:23 PM IST
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देवव्रत भगत, रायपुर. कोरोना काल में साइबर ठगों के निशाने पर अब पैथालॉजी लैब हैं. कोविड टेस्टिंग कराने का नया पैंतरा बनाकर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में दो पैथालॉजी लैब से ऑनलाइन ठगी की गयी है. ठगी भी ऐसी कि पैथालॉजी लैब में कॉल करके ठग ने खुद को CISF का अधिकारी बताया और एयरपोर्ट में जवानों की कोविड टेस्टिंग का बहाना बनाकर लिंक भेजा गया, जिस पर क्लिक करते ही अकाउंट खाली हो गया.

रायपुर एएसपी लखन पाटले ने बताया कि ठगी का शिकार राजधानी के मोवा इलाके में एक प्राइवेट लैब संचालक हैं, जिसके द्वारा घर पहुंचकर कोविड टेस्ट की सुविधा दी जा रही है. इस पैथालॉजी लैब के संचालक को जो कॉल आया था उसमें कॉल करने वाले ने खुद को CISF का अधिकारी बताकर एयरपोर्ट की सुरक्षा में लगे जवानों का कोरोना और ब्लड टेस्ट कराने की बात कही. साथ ही ये भी कहा कि इसका वे एडवांस में पेमेंट करेंगे और टेस्ट करने वाले को एयरपोर्ट में एंट्री के लिए एक कार्ड जारी किया जाएगा, जिसके लिंक में वे केवल 5 रु. जमा कर दें. इससे ये साफ हो जाएगा कि लैब का अकाउंट सही है और इससे दोनों खाते भी लिंक हो जाएंगे. इसके बाद टेस्टिंग का पूरा पैसा उनके खातों में आज जाएगा.

एडवांस अमाउंट मिलने के चक्कर में लैब संचालक झांसे में आ गये. उनके खाते में 5 रुपए जमा करा दिये और ठग की ओर से तुरंत 10 रू. उसके खाते में भी वापस जमा हुए और इसके बाद लैब के खाते से दो मिनट के भीतर 65 हजार रुपये उड़ा लिये गये. एएसपी ने बताया कि ऐसे कॉल रायपुर के दो और पैथालॉजी लैब को आया था लेकिन उन्होने लिंक नहीं खोला इसलिए बच गये.

इन मामलों को लेकर क्या कहते हैं साइबर एक्सपर्ट
साइबर एक्सपर्ट मोनाली गुहा का कहना है कि ठगों द्वारा मिलिट्री ऑफिसर या किसी बड़े ब्रांच का अधिकारी बताकर ठगी की जा रही है लेकिन इस ऑनलाइन ठगी के दौरान जब राशि भेजी जाती है. इसका मतलब ये नहीं होता कि आपके खाते में आने के बजाय ये एक तरह की मनी रिक्वेस्ट होती है, जिसके जरिए ठगी होती है. मोनाली का कहना है कि इस तरह के लिंक या रिक्वेस्ट को पढ़े बगैर बिल्कुल भी क्लिक ना करें. क्योंकि उनमें साफ शब्दों में लिखा होता है कि पैसे आपके खाते से कटेंगे लेकिन कॉलर की बातों में आकर अक्सर लोग ये गलती कर जाते हैं. ऐसे में अनजान व्यक्ति द्वारा अचानक इस तरह की बातें कर भेजे गये लिंक पर क्लिक करना ही नहीं चाहिए.

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