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OPINION: भाजपा नेता ऐसे ही लड़ेंगे तो कैसे पूरा करेंगे छत्तीसगढ़ में मिशन-11

OPINION: भाजपा नेता ऐसे ही लड़ेंगे तो कैसे पूरा करेंगे छत्तीसगढ़ में मिशन-11

अमित शाह (फ़ाइल फोटो).

अमित शाह (फ़ाइल फोटो).

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ ही आला नेताओं को सोचना चाहिए कि अगर नेता नासमझ रहे और ऐसे ही आपस में ही लड़ेंगे तो 11 लोक सभासीटें जीतेंगे कैसे?

    चाल, चरित्र और चेहरे का नारा देने वाली छत्तीसगढ़ बीजेपी में आजकल जो कुछ भी हो रहा है उससे लगता नहीं की यह एक अनुशासित पार्टी है और लोकसभा की 11 सीट को जीतने के लिए तैयार है. विधानसभा चुनाव से पहले मिशन 65 की बात करने वाली बीजेपी, कार्यकर्ताओं के गुस्से के कारण मिशन 15 में तब्दील हो गई है. उसके बाद भी लोकसभा चुनाव के लिए एकजुटता दिखाने में फिर से असफल हो रही है. ताजा उदाहरण है बीजेपी प्रदेश प्रभारी डॉ. अनिल जैन की रायपुर भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने ही पार्टी के सीनियर प्रवक्ताओं को नहीं बुलाना.

    बात यहां तक पहुंची की वरिष्ठ भाजपा नेता और प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने को सोशल मीडिया में लिखना पड़ा की “पार्टी के पेड वर्कर हमसे ज्यादा शक्तिशाली हो गये हैं और यह पीड़ा बार-बार बताना भी अब अच्छा नहीं लगता.” बात केवल बुलाने तक ही सीमित नहीं है. पार्टी में अंतर्कलह इस मुकाम पर पहुंच चुका है कि नेता अपने प्रदेश प्रभारी को भी फूलमाला पहनाना नहीं चाहते हैं और बाद में राष्ट्रिय सह-संगठन मंत्री सौदान सिंह के निर्देश के बाद ही डॉ. अनिल जैन का फ़ूलमालाओं से स्वागत किया गया.

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    वैसे डॉ. अनिल जैन आए थे पत्रकारों के जरिये अपने कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित करने, लेकिन हुआ यूं कि जैन पत्रकारों को ही कांग्रेस का एजेंट बोल दिए, जिससे एक नया विवाद खड़ा हो गया है. मिशन 65 को भाजपा में आपसी अहम की लड़ाई के चलते कांग्रेस ने छिन लिया था और लगता है अभी भी बीजेपी के बड़े नेता इस बात को समझने को तैयार नहीं हैं कि जब तक वो खुद एकजुट नहीं होंगे ना छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से लड़ सकते हैं और ना ही जनता का विश्वास हासिल कर सकते हैं.

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    भले ही पिछला रिकॉर्ड भाजपा के साथ रहा है. लोकसभा चुनाव 2014 में छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा सीटों में भाजपा के खाते में 10 सीटें आईं थीं. फिर भी समय रहते भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ ही आला नेताओं को सोचना चाहिए कि अगर नेता नासमझ रहे और ऐसे ही आपस में ही लड़ेंगे तो 11 लोकसभा सीटें जीतेंगे कैसे?

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    Tags: Amit shah, BJP, Chhattisgarh news, Raipur news

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