Home /News /chhattisgarh /

रमन सरकार के खिलाफ ही सड़क पर उतरे बीजेपी विधायक

रमन सरकार के खिलाफ ही सड़क पर उतरे बीजेपी विधायक

Photo: ETV

Photo: ETV

छत्तीसगढ़ सरकार में पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष और राज्य मंत्री (दर्जा प्राप्त) भाजपा विधायक देवजी भाई पटेल पार्टी लाइन को दरकिनार कर रमन सरकार के फैसले के विरोध में उतर आए हैं.

    छत्तीसगढ़ सरकार में पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष और राज्य मंत्री (दर्जा प्राप्त) भाजपा विधायक देवजी भाई पटेल पार्टी लाइन को दरकिनार कर रमन सरकार के फैसले के विरोध में उतर आए हैं.

    जनभा‌वना को समझते हुए देवजी भाई पटेल ने जनता के साथ जाने के फैसला लिया है. वे मुखरता से अपनी ही सरकार की आलोचना कर रहे हैं.

    दरअसल, रायपुर जिले में तिल्दा के पेन्ड्रावन जलाशय क्षेत्र में प्राइवेट सीमेंट कंपनी को माइनिंग की अनुमति रमन सरकार ने दी. इस अनुमति के बाद किसान सरकार से नाराज़ हैं.

    मामला तूल पकड़ते देख धरसींवा विधायक देवजी भाई पटेल जनता के साथ मैदान पर कूद पड़े हैं. देवजी कहते हैं कि मैंने पहले भी जनता से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखकर सत्ताधारी दल से विधायक रहते हुए भी विधानसभा में आवाज़ उठाई है. पेंड्रावन जलाशय के मुद्दे पर मैं किसानों के साथ खड़ा रहूंगा.

    विधायक पटेल का कहना है कि उन्होंने दिसंबर 2015 के विधानसभा सत्र में पेण्ड्रावन जलाशय पर प्रशासन की गलत अनुशंसा और अनुबंध निरस्त करने की मांग सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल से की थी. इसपर सदन में सिंचाई मंत्री ने अनापत्ति पत्र निरस्त करने की बात कहते हुए जिम्मेदार अधिकारियों की निर्देश देने की बात कही थी, लेकिन नतीजा शून्य निकला.

    मामला तूल पकड़ने पर सरकार ने साफ किया कि कंपनी को एनओसी नहीं दी गई है. देवजी भाई पटेल का कहना है कि अल्ट्राटेक से सरकार के अधिकारियों की मिलीभगत है, जिनके नामों का खुलासा वे जल्द करेंगे.

    देवजी ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री रमन सिंह से भी की है. उन्होंने कहा कि विधानसभा में भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएंगे.

    अब इस मामले पर अपने ही विधायक की पदयात्रा से सरकार भी मुश्किल में है. पार्टी भी पशोपेश की स्थिति में है. पार्टी में स्थिति को लेकर देवजी भाई पटेल का कहना है कि विधायक जनता के बदौलत हूं.

    क्या है पूरा मामला?
    पेंड्रावन जलाशय का निर्माण 1902 से 1908 के बीच हुआ. जलाशय का कुल कैचमेंट एरिया 25.27 वर्ग किलोमीटर है. जलाशय की कुल लंबाई 2360 मीटर है. इस विशाल जलाशय से पिछले 108 वर्षों में आसपास के गांव के लगभग 6000 किसानों को जलाशय का पानी मिल रहा है.

    बंगोली, धनसुली, मढ़ी और सारागांव जैसे 11 गांव सिंचाई सुविधा से लाभान्वित हैं. कथित रूप से इस संबंध में सिंचाई विभाग के पूर्व अभियंताओं की समिति, जिनमें पांच सदस्यों में वीके चेलानी, एमपी आनंद, यूके केशरवानी, डीजी तामस्कर की आधारहीन अनुशंसाओं के आधार पर निजी कंपनी को खनन के लिए दिया गया.

    Tags: Chhattisgarh news

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर