गोबर पर सियासत: छत्तीसगढ़ में BJP के विरोध के बीच कांग्रेस सरकार को मिला RSS का साथ
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गोबर पर सियासत: छत्तीसगढ़ में BJP के विरोध के बीच कांग्रेस सरकार को मिला RSS का साथ
प्रदेश में गोधन न्याय योजना शुरू होने पर आरएसएस से जुड़े लोगों ने सीएम भूपेश को धन्यवाद दिया.

भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार (Congress Government) ने सरकारी दर पर किसानों से गोबर खरीदने का निर्णय लिया है.

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रायपुर. छत्तीसगढ़ में इन दिनों गोबर पर सियासत जोरों पर है. भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) के नेतृत्व में प्रदेश की कांग्रेस सरकार (Congress Government) ने सरकारी दर पर किसानों से गोबर खरीदने का निर्णय लिया है. गोबर का सरकारी दर 1.50 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है. इस फैसले के बाद से ही पूर्व की बीजेपी (BJP) सरकार में पंचायत मंत्री रहे वर्तमान कुरुद विधायक अजय चन्द्राकर (Ajay Chandrakar) कांग्रेस सरकार पर हमलावार हैं. उन्होंने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. अजय चन्द्राकर ने तो व्यंग्यात्मक अंदाज में मौजूदा सरकार को गोबर आधारित सरकार तक कह दिया.

छत्तीसगढ़ में गोबर पर सियासत के बीच कांग्रेस सरकार का समर्थन राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ ने किया है. आरएसएस के संगठन गौ ग्राम स्वावलंबन अभियान के एक प्रतिनिधिमंडल ने बीते मंगलवार को रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सीएम भूपेश बघेल से मुलाक़ात की. उन्होंने कहा कि इस फैसले से समाज स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ेगा. संगठन ने गोबर खरीदने के सरकार के फैसले को सही ठहराया है. इसके अलावा कुछ और मांगें भी की हैं. हालांकि इस बीच बीजेपी नेता अजय चन्द्राकर कांग्रेस सरकार पर लगातार हमलावार हैं.
'सरकार ने मानी हमारी बात'सीएम भूपेश से मिलने पहुंचे प्रतिनिधि मंडल के सदस्य व आरएसएस के विंग राष्ट्रीय किसान संघ के गरियाबंद जिला अध्यक्ष भुवनेश्वर साहू ने न्यूज 18 से दावा किया है कि राज्य सरकार ने उनके संघटन की बात मानी है. 4 नवंबर 2019 को गौ ग्राम स्वावलंबन अभियान के बैनर तले पूरे राज्य में प्रदर्शन कर सीएम के नाम कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें गोबर और गोमुत्र खरीदने की मांग की गई थी. हालांकि गोबर को 5 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदने की मांग थी, लेकिन सरकार ने फिलहाल 1.50 रुपये प्रति किलोग्राम ही दर तय किया है.

बीजेपी राजनीतिक दल
बीजेपी के विरोध और संघ के समर्थन के सवाल पर भुवनेश्वर कहते हैं कि 'बीजेपी एक राजनीतिक संगठन है. उसके अपने निर्णय हैं, लेकिन हमने पिछले साल राज्य सरकार से जो मांग की थी, उसमें से एक मांग पूरी हो गई है. इसलिए हमारे संगठन ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देने का निर्णय लिया था. इसके तहत ही हमने सीएम भूपेश बघेल से मुलाकात की और उनसे अन्य मांगों को मानने की भी मांग की है. गांव में गाय पालने से लोग कतराने लगे हैं, गायों को सड़क पर छोड़ दे रहे हैं. सरकार के गोबर खरीदने के निर्णय के बाद लोगों में गायों को फिर से पालेंगे'. बता दें कि प्रतिनिधि मंडल ने सीएम भूपेश बघेल से मुलाकात के बाद जो ज्ञापन सौंपा है, उसमें छत्तीसगढ़ प्रांत के संघ चालक बिसराराम यादव का भी नाम प्रमुखता से है.



21 जुलाई से होगी गोबर की खरीदी
छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रवींद्र चौबे ने बीते 4 जुलाई को गोबर खरीदने की योजना की की घोषणा करते हुए कहा कि 'समिति ने ने डेढ़ रुपये प्रति किलो के हिसाब से गोबर ख़रीदने की अनुशंसा की. इसे मंत्रिमंडल में पेश किया जायेगा. सरकार ने गोबर ख़रीदने की पूरी तैयारी कर ली है और गांवों में 21 जुलाई, हरेली त्यौहार के दिन से गोबर ख़रीदी की शुरुआत कर दी जायेगी'. सरकार ने 'गोधन न्याय योजना' का नाम दिया है. इस योजना को लेकर सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि पशु रखने के काम को व्यावसायिक रूप से फायदेमंद बनाने, सड़कों पर आवारा पशु की समस्या से निपटने और पर्यावरण सुरक्षा के लिहाज़ से योजना महत्वपूर्ण है.
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