बिगड़ा थाली का स्वाद, बारिश में बढ़े सब्जियों के दाम, 2000 रुपए किलो बिक रहा मशरूम

रायपुर के शास्त्री मार्केट में सब्जियां खरीदने पहुंचे लोगों का कहना है कि सब्जियों के दाम बढ़ने से उनके घर का बजट भी गड़बड़ हो गया है

News18 Chhattisgarh
Updated: August 2, 2019, 5:38 PM IST
बिगड़ा थाली का स्वाद, बारिश में बढ़े सब्जियों के दाम, 2000 रुपए किलो बिक रहा मशरूम
थोक और चिल्लर में सब्जियों के दाम में काफी फर्क आ गया है.
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Updated: August 2, 2019, 5:38 PM IST
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में बारिश की वजह से सब्जियों का आवक घटने लगा है. इसके चलते मार्केट में सब्जियों के दाम बढ़ना शुरू हो गया है. रायपुर के शास्त्री मार्केट में सब्जियां खरीदने पहुंचे लोगों का कहना है कि सब्जियों के दाम बढ़ने से उनके घर का बजट भी गड़बड़ हो गया है. मानसून आते ही मुनाफाखोरों भी बढ़ने लगती है. इस वजह से सब्जी के दाम आसमान छूने लगते है.  चिल्हर में सब्जी के दो से चार गुना बढ़ गए है. कुछ हफ्ते पहले सप्ताह तक बस टमाटर का रेट बढ़ा था, लेकिन अब बाकी सब्जियां भी महंगी हो गई है. खासकर थोक और चिल्लर में सब्जियों के दाम में काफी फर्क आ गया है.

एक नजर सब्जियों के रेट पर

खेखसा- 120 रुपए किलो

टमाटर- 40 और 50 रुपए किलो

गोभी- 80 रुपए किलो

गिलकी- 40 रुपए किलो

तोराई- 50 रुपए किलो
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शिमला मिर्च- 80 रुपए किलो

मुनगा- 70 रुपए किलो

टमाटर- 50 रुपए किलो

धनिया- 200 रुपए किलो

अदरक- 120 रुपए किलो

मशरुम- 2000 रुपय किलो

मूली और भट्टा,करेला 40 रुपय किलो

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लोकल मार्केट से सब्जियां नहीं पहुंच रही है, इस वजह से दाम बढ़ रहा है.


स्थानीय स्तर पर सब्जियों का आवक कम हो गया है. लोक बाजारों से सब्जी नहीं आने से आने वाले समय में दाम में और ज्यादा इजाफा हो सकता है. बाजार में भाव नियंत्रण की कोई व्यवस्था नहीं है इस वजह से मुनाफाखोरों को इसका सबसे बड़ा फायदा मिल रहा है.

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First published: August 2, 2019, 1:36 PM IST
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