ब्रेस्ट कैंसर से लड़कर नक्सल इलाके के लोगों की मदद करती हैं पुष्पा, पढ़ें Inspirational स्टोरी
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ब्रेस्ट कैंसर से लड़कर नक्सल इलाके के लोगों की मदद करती हैं पुष्पा, पढ़ें Inspirational स्टोरी
2018-2019 कार्यक्रम में सीएम भूपेश बघेल ने पुष्पा तिग्गा को सम्मानित भी किया था.

पुष्पा को जब मालूम हुआ कि उन्हें कैसर है, वो घबराई नहीं न ही उन्हें अपनी कोई चिंता थी. कुछ समय के इलाज के बाद फिर वो अपनी साइकिल लेकर निकल गईं लोगों की मदद करने.

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रायपुर. दूसरों की मदद करने का जज्बा हर किसी में नहीं होता. लेकिन छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के जशपुर (Jashpur) जिले की रहने वाली पुष्पा तिग्गा की ये इंस्पीरेशनल स्टोरी आपकों 'इंसान'  बनने के लिए जरूर मोटिवेट करेगी. पुष्पा तिग्गा ANM (स्वास्थ्य कार्यकर्ता) हैं. पिछले तीन सालों से वे ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) से पीड़ित हैं. पुष्पा उन लोगों को लिए लाइफ लाइन है जहां तक स्वास्थ्य सेवाएं नहीं पहुंच पाती. पुष्पा तिग्गा (Pusha Tigga) खुद साइकिल चलाकर उन नक्सली इलाकों (Naxalite Area) तक पहुंचकर लोगों की सेवा करती है जहां न रोड है और न ही कोई अस्पताल. पुष्पा को जब मालूम हुआ कि उन्हें कैसर है, वो घबराई नहीं न ही उन्हें अपनी कोई चिंता थी. कुछ समय के इलाज के बाद फिर वो अपनी साइकिल लेकर निकल गईं लोगों की मदद करने.

सालों से ऐसे कर रही लोगों की मदद

ANM (स्वास्थ्य कार्यकर्ता) पुष्पा तिग्गा घोर नक्सल प्रभावित इलाका कुन्ना में वे अपनी सेवाए दे हैं. अंदरूनी इलाका होने की वजह से आज भी यहां न तो रोड है न कोई आने-जाने का साधन है. कभी हार न मानने वाली पुष्पा तकरीबन 16 किलोमीटर दूर कुकानार से कुन्न तक खुद साइकिल चलाकर जाती हैं और लोगों की मदद करती है. कुन्ना में कई बार बीमारी फैली, लेकिन पुष्पा हमेशा लोगों के साथ ही. दवाओं के अवाला लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी समय-समय पर देती रहती हैं. कुन्न के लोगों को पुष्पा से ऐसा लगाव है कि वे उसे कहीं जाने ही नहीं चाहते. पुष्पा अब तक यहां 50 से ज्यादा डिलीवरी करवा चुकी हैं. गांव वालों का कहना है कि पिछले 23 सालों से पुष्पा यहां पदस्थ है.



पुष्पा को जब मालूम हुआ कि उन्हें कैसर है, वो घबराई नहीं न ही उन्हें अपनी कोई चिंता थी.




लोगों की मदद करने की जिद्द

दरअसल, जशपुर जिले की रहने वाली पुष्पा तिग्गा ने  2007 में ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजिका के रूप में अपनी नौकरी शुरु की थी. उनकी पहली पोस्टिंग सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित डब्बा इलाके में हुई थी. सालों बाद भी पुष्पा इसी इलाके में अपनी सेवाएं दे रही है. पुष्पा की मानें तो 2018 को अचानक उनके सीने में दर्द उठा. टेस्ट किया गया तो वे कैंसर पॉजिटिव मिली. उन्हें ब्रैस्ट में कैंसर था. लेकिन पुष्पा में मदद करने की ऐसी जिद्द थी कि कुछ समय के इलाज के बाद वे फिर साइकिल और अपने दवाओं का बैग लेकर निकल गई लोगों की मदद करने.

पुष्पा में मदद करने की ऐसी जिद्द थी कि कुछ समय के इलाज के बाद वे फिर साइकिल और अपने दवाओं का बैग लेकर निकल गई लोगों की मदद करने.


करती रहूंगी मदद- पुष्पा

पुष्पा तिग्गा कहती हैं कि लोगों की मदद करना मुझे अच्छा लगता है. कुकानार के लोग मेरे दिल के काफी करीब हैं. तबियत खराब होने की वजह से विभाग ने मेरा ट्रांसफर कर दिया था, लेकिन कुछ समय बाद फिर में कुकानार आ गई. लोगों के चेहरे पर खुशी के आगे मेरी बीमारी कम लगती है मुझे. मालूम हो कि बता दें कि राजधानी रायपुर में आयोजित कायाकल्प 2018-2019 कार्यक्रम में सीएम भूपेश बघेल ने पुष्पा तिग्गा को सम्मानित भी किया था.

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