लोकसभा चुनाव 2019: राहुल गांधी के 'मिशन छत्तीसगढ़' को मुकम्मल करेंगे कांग्रेस के ये चेहरे!

राहुल गांधी (फाइल फोटो)
राहुल गांधी (फाइल फोटो)

बता दें कि सूबे की चार लोकसभा सीटे आदिवासी वर्ग के लिए और एक एससी के लिए आरक्षित है.

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छत्तीसगढ़ में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने 9 सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम का ऐलान कर दिया है. काफी मंथन के बाद पार्टी ने उम्मीदवारों की घोषणा की. केंद्रीय चुनाव समिति की दिल्ली में हुई बैठक के बाद नाम का ऐलान किया गया. पार्टी ने सरगुजा, रायगढ़, बस्तर, जांजगीर, कांकेर, बिलासपुर, राजनांदगांव, रायपुर और महासमुंद सीट पर अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है. गौरतलब हो कि कांग्रेस ने अब तक छत्तीसगढ़ की 11 सीटों में से 9 पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी. दुर्ग और कोरबा सीट के लिए प्रत्याशी का ऐलान होना बाकी है. बता दें कि सूबे की चार लोकसभा सीटे आदिवासी वर्ग के लिए और एक एससी के लिए आरक्षित है जबकि 6 सीटें सामान्य वर्ग के लिए है.

बता दें कि कांग्रेस ने सरगुजा से खेलसाय सिंह, रायगढ़ से लालजीत सिंह राठिया, बस्तर से दीपक बैज, जांजगीर-चांपा से रवि भारद्वाज, कांकेर से बिरेश ठाकुर को कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है. वहीं कांग्रेस ने बिलासपुर सीट से अटल श्रीवास्तव, राजनांदगांव सीट से भोलाराम साहू, रायपुर से प्रमोद दुबे और महासमुंद से धनेंद्र साहू को अपना प्रत्याशी बनाया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दुर्ग और कोरबा सीटों पर नामों की घोषणा अटकी हुई है. यहां पर जातिगत समीकरण के अलावा जीत सकने वाले प्रत्याशियों और दावेदारों के नामों को लेकर असमंजस की स्थिति के कारण टिकट तय नहीं हो सके हैं.

जानिए इन 9 चेहरों के बारे में जिन पर कांग्रेस ने लगाया है दांव



1. रायपुर लोकसभा सीट: छात्र राजनीति से शुरूआत करने वाला ये चेहरा चुनावी मैदान में
कांग्रेस ने रायपुर लोकसभा सीट से मौजूदा मेयर प्रमोद दुबे को चुनावी मैदान में उतारा है. अब प्रमोद दुबे रायपुर लोकसभा से कांग्रेस के प्रत्याशी होंगे. रायपुर से छाया वर्मा का टिकट काटते हुए पार्टी ने प्रमोद दुबे को अपना दावेदार बनाया है. प्रमोद दुबे छात्र नेता रह चुके हैं. उन्होंने 1985–1986 के बीच स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन लड़ा और वाइस प्रेसिडेंस बने. 1986–1987 के बीच वह स्टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट रहे. 1997–2000 के बीच वह रायपुर अर्बन एंड रूरल यूथ कांग्रेस के प्रेसिडेंट रहे. 2001 में उन्हें यूथ कांग्रेस के वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई. 2004–2009 तक वे पार्षद रहे. 2002 से 2010 तक वह हाउसिंग एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट रहे. 2015 में किरणमयी नायक की जगह प्रमोद दुबे रायपुर के 11वें मेयर बने.

chhattisgarh lok sabha election 2019
रायपुर लोकसभा सीट से प्रत्याशी प्रमोद दुबे


2. सरगुजा लोकसभा सीट: इस वरिष्ठ आदिवासी नेता पर पार्टी ने लगाया दांव

कांग्रेस ने सरगुजा लोकसभा सीट पर आदिवासी नेता खेलसाय सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है. वर्तमान में वे प्रेमनगर विधायक और सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) है. वे 1977 से 1980 रामानुजनगर के जनपद पंचायत अध्यक्ष रहे. 1990 से 1991 तक वे प्रेमनगर से विधायक रहे. 1991 से 2004 तक वे सरगुजा सांसद रहे. बता दें कि विधान सभा चुनाव 2018 में प्रेमनगर से भाजपा प्रत्याशी विजय प्रताप सिंह को 15340 मतों से उन्होंने शिकस्त दी.

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सरगुजा लोकसभा सीट से प्रत्याशी खेलसाय सिंह


3. रायगढ़ लोकसभा सीट: ये कद्दावर आदिवासी नेता हैं चुनावी मैदान में

रायगढ़ लोकसभा सीट से कांग्रेस ने लालजीत सिंह राठिया को अपना उम्मीदवार बनाया है. लालजीत सिंह राठिया धरमजयगढ़ सीट से मौजूदा विधायक हैं. लालजीत सिंह राठिया पूर्व मंत्री चनेशराम राठिया के बेटे हैं. लालजीत सिंह राठिया धरमजयगढ़ से दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए हैं. 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होने 40332 वोटों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की है. केंद्रीय राज्य मंत्री विष्णु देव साय का टिकट काटते हुए पार्टी ने लाल सिंह राठिया को टिकट दिया है.

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रायगढ़ लोकसभा सीट से प्रत्याशी लालजीत सिंह राठिया


4. बस्तर लोकसभा सीट: इस तेजतर्रा नेता को कांग्रेस ने बनाया अपना प्रत्याशी

बस्तर लोकसभा सीट से कांग्रेस ने दीपक बैज को अपना उम्मीदवार बनाया है. दीपक बैज वर्तमान में चित्रकोट विधानसभा सीट से विधायक है. दीपक ने अपने राजनीति करियर की शुरुआत छात्र नेता के तौर पर की थी. NSUI के छात्रावास अध्यक्ष से शुरुआत करने के बाद वे कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष बने और काफी लंबे समय तक इस पोस्ट पर सक्रिय रहे. साल 2013 में कांग्रेस ने दीपक बैज को विधानसभा चुनाव में चित्रकोट विधानसभा सीट से टिकट दिया. बैज ने बीजेपी के कद्दावर नेता बैदुराम कश्यप को हराकर भारी मतों से जीत हासिल की थी. 2018 विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से टिकट दिया गया. इस बार दीपक ने अपनी प्रतिद्वंदी बीजेपी के लच्छुराम कश्यप को हराकर जीत हासिल की थी.

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बस्तर लोकसभा सीट से प्रत्याशी दीपक बैज


5. जांजगीर-चांपा लोकसभा सीट: साफ छवि वाले इस चेहरे पर पार्टी ने लगाया दांव

जांजगीर-चांपा लोकसभा सीट पर पार्टी ने रवि भारद्वाज को अपना उम्मीदवार बनाया है. रवि सारंगढ़ के पूर्व सांसद स्व. परसराम भारद्वाज के बेटे हैं. उनके पिता परसराम भारद्वाज 6 बार सांसद रह चुके है. रविशेखर भारद्वाज 20 सालों से राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय है. उन्होने 1998 में सारंगढ़ विधानसभा चुनाव लड़ा था लेकिन उस वक्त उनको हार का सामना करना पड़ा था. वर्तमान में रवि भारद्वाज कांग्रेस के सचिव हैं.

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जांजगीर-चांपा लोकसभा सीट से प्रत्याशी रवि भारद्वाज


6. कांकेर लोकसभा सीट: इस युवा चेहरे पर लगा है दांव

कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए कांकेर सीट से बिरेश ठाकुर को अपना उम्मीदवार बनाया है. कांकेर लोकसभा में पूर्व मंत्री अरविंद नेताम और महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम की दावेदारी को दरकिनार करके नए और युवा चेहरे बीरेश ठाकुर को मैदान में उतारा है. जानकारी के मुताबिक बीरेश की सक्रियता भानुप्रतापपुर जनपद अध्यक्ष के रूप में काफी रही. बीरेश विधानसभा में भी टिकट के दावेदारों में थे. बता दें कि बीरेश ठाकुर ने अब तक जो भी चुनाव लड़ा है. उसमें उनकी जीत ही हुई है.

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कांकेर सीट से प्रत्याशी बिरेश ठाकुर.


7. बिलासपुर लोकसभा सीट: इस चेहरे को मिला मौका

बिलासपुर से कांग्रेस ने अटल ​श्रीवास्तव को अपना प्रत्याशी बनाया है. वर्तमान में अटल श्रीवास्तव प्रदेश महामंत्री हैं. अटल अपने शुरुआती दौर में यूथ कांग्रेस से जुड़े और बिलासपुर जिला कांग्रेस कमेटी में 10 सालों तक महामंत्री रहे. अटल पिछले 3 साल से अधिक समय से प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री के पद को निभा रहे है. अटल सीएम भूपेश बघेल के बेहद करीबी माने जाते हैं.

बिलासपुर से कांग्रेस प्रत्याशी अटल श्रीवास्तव
बिलासपुर से कांग्रेस प्रत्याशी अटल श्रीवास्तव


8. राजनांदगांव लोकसभा सीट: इस चेहरे पर खेला गया दांव

राजनांदगांव सीट से कांग्रेस ने भोलाराम साहू को अपना प्रत्याशी बनाया है. भोलाराम साहू 80 के दशक में दो बार सरपंच थे. 2008 और 2013 में राजनांदगांव जिले के खुज्जी विधानसभा से वे विधायक थे. लेकिन 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उनकी टिकट काटते हुए छन्नी साहू को मैदान में उतारा था.

राजनांदगांव सीट से कांग्रेस प्रत्याशी भोलाराम साहू.
राजनांदगांव सीट से कांग्रेस प्रत्याशी भोलाराम साहू.


9. महासमुंद लोकसभा सीट: इस वर्तमान विधायक को मिला मौका

कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के लिए महासमुंद सीट से धनेंद्र साहू को अपना प्रत्याशी बनाया है. धनेंद्र साहू वर्तमान में अभनपुर के विधायक है. वे 2003 से 2013 तक विधायक रह चुके हैं.

महासमुंद सीट से प्रत्याशी धनेंद्र साहू.
महासमुंद सीट से प्रत्याशी धनेंद्र साहू.


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