छत्तीसगढ़ में समय से पहले मॉनसून ने दी धमक, पूरे राज्य में जमकर बरसेंगे मेघ

मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के ज्यादातर हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का अनुमान जाहिर किया है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy Rain) की संभावना जताई है. त्वरित पूर्वानुमान से आगामी चार घंटे के भीतर कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट (Heavy Rain Alert) जारी किया है

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रायपुर. इस बार मॉनसून छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) पर काफी मेहरबान है. रायपुर में पांच दिन पहले ही मॉनसून ने धमक दे दी है. साथ ही मॉनसून (Monsoon) ने एक सप्ताह पूर्व ही पूरे प्रदेश को कवर कर लिया है. मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy Rain) की संभावना जताई है. विभाग के त्वरित पूर्वानुमान से आगामी चार घंटे के भीतर कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. सरगुजा संभाग के सभी जिले, बिलासपुर संभाग के पेंड्रा, मुंगेली, बिलासपुर, जांजगीर, रायगढ़, दुर्ग और रायपुर संभाग के सभी जिले में बारिश हो सकती है. वहीं, कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जतायी गयी है.

मौसम वैज्ञानिक एच.पी चंद्रा ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ गया है. मॉनसून पूरे छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश भाग, पश्चिम उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्से, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख व पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कुछ हिस्सों में पहुंच गया है.

वहीं, मॉनसून की उत्तरी सीमा दीव, सूरत, नंदुरबार, भोपाल, नौगांव, हमीरपुर, बाराबंकी, बरेली, सहारनपुर, अंबाला और अमृतसर है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. चंद्रा ने कहा कि कल का निम्न दबाव का क्षेत्र बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी और पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के आसपास के तटीय क्षेत्रों पर बना हुआ है और संबंधित चक्रवाती परिसंचरण मध्य ट्रोपोस्फेरिक स्तर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है. इसके अगले दो-तीन दिनों के दौरान ओडिशा, झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है.

एक द्रोणिका मध्य पाकिस्तान से बंगाल की उत्तर-पश्चिम खाड़ी और पश्चिम बंगाल के आसपास के तटीय क्षेत्रों और दक्षिण हरियाणा, दक्षिण उत्तर प्रदेश में उत्तर ओडिशा के बीच कम दबाव के क्षेत्र तक, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश, उत्तर छत्तीसगढ़ और झारखंड होते हुए समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है.
एक पूर्व-पश्चिम  द्रोणिका 4.5 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर तक उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी से पश्चिम मध्य अरब सागर तक दक्षिण छत्तीसगढ़, उत्तर तेलंगाना, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और दक्षिण कोंकण होते हुए स्थित है.

उन्होंने कहा कि सोमवार 14 जून को छत्तीसगढ़ के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. प्रदेश में एक कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने और एक-दो जगहों पर अति भारी वर्षा होने की भी संभावना है. साथ ही राज्य में एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है.

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