LPG की बढ़ती कीमतों से मिलेगी राहत, अब नाले की गैस से भी जलेगा चूल्हा, रायपुर में प्रयोग सफल
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LPG की बढ़ती कीमतों से मिलेगी राहत, अब नाले की गैस से भी जलेगा चूल्हा, रायपुर में प्रयोग सफल
इंडियन ऑयल (IOC)

एलपीजी (LPG) के दाम बढ़ने से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है. क्योंकि आपकी रसोई का चूल्हा अब नाले से बनी गैस (Gas) से भी जल सकता है और इसमें एलपीजी के मुकाबले खर्च भी आधा ही होगा.

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रायपुर. एलपीजी (LPG) के दाम बढ़ने से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है. क्योंकि आपकी रसोई का चूल्हा अब नाले से बनी गैस (Gas) से भी जल सकता है और इसमें एलपीजी के मुकाबले खर्च भी आधा ही होगा. क्या वाकई किसी बदबूदार नाले से निकलने वाली गैस से चूल्हा जलाया जा सकता है तो इसका जवाब है. हां. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की राजधानी रायपुर (Raipur) में गंदे नाले के पानी से उठ रही बदबू को मीथेन गैस में परिवर्तित करने की तकनीक पर रायपुर स्मार्ट सिटी (Smart City) को सफलता मिल गयी है. महज 75 हजार रुपये के खर्चे में ही कम से कम 200 घरों में इस गैस से एक महीने का खाना बनाए जाने का दावा किया जा रहा है.

राजधानी रायपुर (Raipur) के मारवाड़ी श्मशान घाट के बाजू से बहने वाले नाले में एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत ये प्रयोग सफल हो गया है. इसलिए अब इसे राजधानी के भीतर और बाहर बहकर निकलने वाले 1 हजार किलोमीटर के नाले में लगाकर शहर की आधी आबादी को सस्ते दर पर रसोई गैस मुहैया करना की योजना पर रायपुर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत काम शुरू कर दिया गया है.

रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने सफल प्रयोग किया है.




2 हजार 526 किलोमीटर के नाले नालियां



रायपुर स्मार्ट सिटी के जीएम एसके सुंदरानी ने न्यूज़ 18 को बताया कि रायपुर शहर भर में 2 हजार 526 किलोमीटर के नाले नालियां हैं, जिनमें 722 किलोमीटर तक ढके हुए हैं. बाकी ओपन ड्रेन है, जिसमें ऑर्गेनिक स्ट्रैंथ है इससे मिथने गैस बनायी जा सकती है. इसलिए इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लेते हुए स्मार्ट सिटी द्वारा ये कवायद शुरू की गयी है. रायपुर में हुए प्रयोग में महज पांच दिन में ही 2 हजार की प्लास्टिक टंकियां मीथेन गैस के कारण पानी की सतह से उठकर गैस बाहर निकलने लग गया. अब इस प्रयोग के बाद यहां टंकियों की संख्या बढ़ाने की कवायद शुरू होगी.

दिसंबर माह में भी LPG सिलेंडर महंगा हो चुका है.


500 लीटर गैस बनाने का अनुमान
एसके सुंदरानी ने बताया कि प्रयोग के तौर पर शुरू किये गये इस प्रोजेक्ट में हर दिन 500 लीटर गैस बनाने का अनुमान लगाया जा रहा है. इस प्रोजेक्ट को लेकर आम लोगों का कहना है कि एलपीजी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. ऐसे में नालों से निकलने वाली गैस से चूल्हा जलता है तो आम जनता के लिए काफी राहत होगी. मालवीय रोड में रहने वाली रेखा व्यास का कहना है कि अगर कम दाम में चूल्हा जलता है तो ये गृहणियों के लिए सबसे बड़ी राहत होगी. वहीं हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले जुबैर खान का कहना है कि एलपीजी आम लोगों के लिए महंगा होता जा रहा है और अगर इसका कोई विकल्प तैयार होता है वो भी कम कीमत में तो इस पर अच्छे से फोकस किया जाना चाहिए.

Chhattisgarh
गैस के व्यवसायिक उपयोग का परीक्षण करने के लिए नाले के करीब के घरों और चाय ठेलों में इसका प्रयोग किया जाएगा.


चाय ठेलों में प्रयोग
मारवाड़ी श्मशान घाट नाले में अभी केवल 2 हजार लीटर की दो बड़ी टंकियों से ही मीथेन गैस बनाकर प्रोजेक्ट की कंपनी ने दिखा दिया. अब इस गैस के व्यवसायिक उपयोग का परीक्षण करने के लिए नाले के करीब के घरों और चाय ठेलों में इसका प्रयोग किया जाएगा. स्मार्ट सिटी के जीएम एसके सुंदरानी का कहना है कि एलपीजी से आधी कीमत पर इस प्रक्रिया से लोगों चूल्हा जलेगा इतना ही नहीं बल्कि नालों की बदबू, गंदगी और मच्छरों से भी लोगों को मुक्ति मिलेगी और अगर ये प्रयोग पूरी तरह सफल होने के बाद मीथने के साथ ब्यूटेन और प्रोपेन गैस निकालने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी.

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