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रिटायर्ड अफसरों ने किया आईजी कल्लूरी की नियुक्ति का विरोध, SIT गठित करने की मांग

निलेश त्रिपाठी | News18Hindi
Updated: January 25, 2019, 11:57 AM IST
रिटायर्ड अफसरों ने किया आईजी कल्लूरी की नियुक्ति का विरोध, SIT गठित करने की मांग
एसआरपी कल्लूरी. फाइल फोटो.

125 से अधिक लोगों ने एक बयान जारी कर राज्य सरकार से शिवराम प्रसाद कल्लूरी की नियुक्ति वापस लेने की मांग की है. इसमें रिटायर्ड आईएएस-आईपीएस, आईएफएस, शिक्षाविद, वकील शामिल हैं.

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  • Last Updated: January 25, 2019, 11:57 AM IST
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छत्तीसगढ़ के विवादित आईपीएस अधिकारी शिवराम प्रसाद कल्लूरी को राज्य सरकार द्वारा अहम पदों पर नियुक्ति का विरोध थम नहीं रहा है. आईपीएस कल्लूरी को एंटी करप्शन ब्यूरो और इकनॉमिक ऑफेंस विंग का आईजी नियुक्त किए जाने के बाद प्रदेश स्तर पर हो रहा विरोध अब देश स्तर पर पहुंच गया है. अब देश के कई रिटायर्ड अधिकारी, वकील, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कल्लूरी नियुक्ति के खिलाफ आवाज उठाई है.

125 से अधिक लोगों ने एक बयान जारी कर राज्य सरकार से कल्लूरी की नियुक्ति वापस लेने की मांग की है. इसमें मानवाधिकार संगठन, रिटायर्ड आईएएस-आईपीएस, आईएफएस, शिक्षाविद, वकील और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं. इस बयान में मांग की गई है कि उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में नियुक्ति के दौरान आईपीएस अधिकारी शिवराम प्रसाद कल्लूरी के खिलाफ गंभीर अपराध के आरोप लगे हैं. इसमें बस्तर के ताड़मेटला कांड सहित कई संवेदनशील मामले शामिल हैं. बयान में आपराधिक आरोप की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज के नेतृत्व में एक विशेष जांच कमेटी गठित करने की मांग की गई है. साथ ही कहा गया है कि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने तक कल्लूरी को निलंबित रखा जाए.

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शिवराम प्रसाद कल्लूरी के खिलाफ एसआईटी गठित करने की मांग का समर्थन करने वाले पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव व रिटायर्ड आईएएस अर्द्धेंदु सेन ने न्यूज 18 से चर्चा में कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नियुक्ति के दौरान शिवराम प्रसाद कल्लूरी पर कई गंभीर आरोप लगे. गंभीर आरोपों के बाद भी पिछली सरकार ने उन्हें हटाकर ही जिम्मेदारी पूरी कर ली थी, जो नाकाफी है. अब नई सरकार ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे दी है. सरकार की इस नियुक्ति पर मैं सवाल खड़े नहीं करता, लेकिन गंभीर आरोपों की जांच होनी चाहिए और जांच तक उन्हें मुख्य जिम्मेदारियों से हटाया जाना चाहिए.

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बयान जारी करने वालों में शामिल मानवाधिकार संगठन से जुड़ी कल्यानी कहती हैं कि निष्पक्षता और न्याय के लिए हम मांग करते हैं कि सरकार कल्लूरी के खिलाफ लगे आरोपों की जांच करने के लिए एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन करे. बयान जारी करने वालों में सेवानिवृत्त आईएएस अमिताभ पांडे, केशव देसीराजू, जे हरिनारायण, सुमंत्र गुहा, जी बालागोपाल, एमजी देवास्याम, वी रामानी, सी बालाकृष्णन, सुंदर बुर्रा, अरुण कुमार, सेवानिवृत्त आईपीएस डॉ. केएस सुब्रमण्यम, कल्याणी बेदुला, कव्या चौधरी, नंदिनी सुंदर सहित 125 से अधिक लोग शामिल हैं.

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First published: January 25, 2019, 11:57 AM IST
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