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रेस्टोरेंट में काम दिलाने का झांसा देकर छत्तीसगढ़ की लड़कियों को जिस्म की मंडी में बेचा
Raipur News in Hindi

Ajeet Kumar | News18 Bihar
Updated: January 10, 2020, 4:09 PM IST
रेस्टोरेंट में काम दिलाने का झांसा देकर छत्तीसगढ़ की लड़कियों को जिस्म की मंडी में बेचा
रोहतास पुलिस द्वारा मुक्त कराई गईं छत्तीसगढ़ की लड़कियां

पूरा मामला रोहतास (Rohtas) जिले का है. बिक्रमगंज के डीएसपी राजकुमार के निर्देश पर थाना की पुलिस (Police) ने सक्रियता दिखाते हुए लड़की के निशानदेही पर बताए गए जगह पर छापेमारी (Raid) की तथा वहां से सभी लड़कियों को मुक्त कराया

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रोहतास. बिहार की रोहतास पुलिस (Rohtas Police) ने नाबालिग लड़कियों को बेचने के बड़े रैकेट (Racket) का खुलासा किया है. छत्तीसगढ़ और झारखंड की 7 लड़कियों को रोहतास पुलिस ने मुक्त कराया है. इन लड़कियों को रेस्टोरेंट में काम करने के नाम पर बुलाकर एक से सवा लाख में बेच दिया गया था और उन पर देह व्यापार करने का दबाव बनाया जा रहा था. इस मामले में एक महिला सहित चार शातिरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

झारखंड और छत्तीसगढ़ से लाई गई थी लड़कियां

मुक्त कराई गई लड़कियां छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर, ककनेशा, कोरिया तथा बाजरा की हैं. वहीं झारखंड के गढ़वा जिले के भंडरिया थाना की भी एक लड़की मुक्त कराई गई है. लड़कियों का कहना है कि वो लोग काफी गरीब मजदूर घर से हैं. घर की माली हालत काफी खराब है, यही सोच कर आ गईं कि नौकरी करके किसी तरह अपने तथा अपने परिवार का पेट पाल लेंगे लेकिन यहां आने पर कुछ और पाया. उन्हें जबरन देह व्यपार करने का दबाव डाला जा रहा था.

अपनों ने ही बेच डाला

लड़कियों ने बताया कि वो छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं. उनके जान पहचान के राजकुमार, महेश कुमार तथा अमित नामक युवक ने उन लोगों को रेस्टुरेंट में काम दिलाने के नाम पर रोहतास जिला के बिक्रमगंज ले आये और दुर्गा देवी नाम की एक महिला के हाथों प्रति लड़की एक से सवा लाख रुपये में बेच दिया. झारखंड की एक लड़की को 27 दिसंबर को लाया गया, जबकि छत्तीसगढ़ की छह लड़कियों को इसी 5 जनवरी को लाकर यहां रखा गया.

गंदा काम डालने का दबाव डालती थी महिला

दुर्गा देवी नामक महिला इन लड़कियों से गंदा काम करने का दबाव डालती रही तब लड़कियां समझ गईं कि वो लोग जाल में फंस गई हैं. उन लोगों का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया. उन्हीं लड़कियों में से एक लड़की किसी तरह भागकर बिक्रमगंज के ही बाजार पहुंची तथा लोगों से पुलिस का पता पूछते हुए थाना पहुंच गई, तब जाकर पूरे मामले का खुलासा हुआ.पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

बिक्रमगंज के डीएसपी राजकुमार के निर्देश पर थाना की पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए लड़की के निशानदेही पर बताए गए जगह पर छापामारी की तथा वहां से सभी लड़कियों को मुक्त कराया साथ ही एक महिला धंधेबाज दुर्गा देवी तथा उनके साथ तीन अन्य शागिर्दों को गिरफ्तार कर लिया. सभी लड़कियों को स्वास्थ्य जांच के लिए सासाराम के सदर अस्पताल लाया गया है. इसके बाद लड़कियों को उनके उनके घर भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

एक सप्ताह के अंदर 2 ठिकानों से मुक्त कराई गई 10 लड़कियां

इसी महीना के पांच जनवरी को बिक्रमगंज अनुमंडल के ही दिनारा से पुलिस ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर की तीन लड़कियों को कुछ इसी तरह से मुक्त कराया था. ठीक 4 दिन के बाद इसी इलाके से 7 और लड़की को मुक्त कराया गया. इन दोनों प्रकरण को जोड़ कर देखा जाए तो यह साबित करता है कि इस इलाके में लड़कियों के बेचने का कोई बड़ा रैकेट चल रहा है जो आदिवासी-जनजाति लड़कियों को छत्तीसगढ़ तथा झारखंड से लाकर यहां पर बेच रही हैं.

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First published: January 10, 2020, 4:08 PM IST
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