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अंतागढ़ टेपकांड मामला: वॉइस सैंपल की अनुमति लेने हाईकोर्ट जाएगी SIT

टेपकांड मामले के आरोपियों ने अपना वॉइस सैंपल देने से इंकार कर दिया था.

टेपकांड मामले के आरोपियों ने अपना वॉइस सैंपल देने से इंकार कर दिया था.

टेपकांड मामले में आरोपियों द्वारा वायस सेंपल देने से इनकार करने के बाद एसआईटी न्यायलय की शरण में जाने की तैयारी कर रही है.

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छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित अंतागढ़ टेपकांड मामले की पेच वॉइस सैंपल में आकर फंस गई है. मालूम हो की पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, अमित जोगी, मंतूराम पवार और डॉ. पुनीत गुप्ता ने मामले की जांच कर रही एसआईटी (Special Investigation Team) को अपना वॉइस सैंपल देने से साफ इंकार कर दिया था. अब SIT ने वॉइस सैंपल की अनुमति लेने के लिए हाईकोर्ट में आवेदन देने की तैयारी कर ली है. गौरतलब हो कि गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद डाॅ. पुनीत गुप्ता को वॉयस सेंपल के लिए एसआईटी ने बुलाया गया था. डॉ. पुनीत गुप्ता एसआईटी के दफ्तर तो पहुंचे लेकिन वॉयस सेंपल देने से इनकार कर दिया था. वहीं  मंतूराम पवार, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, पूर्व विधायक अमित जोगी ने भी अपना वॉयस सेंपल देने से मना कर दिया था. अब टेपकांड मामले में आरोपियों द्वारा वायस सेंपल देने से इनकार करने के बाद एसआईटी न्यायलय की शरण में जाने की तैयारी कर रही है.

क्या है मामला

बता दें  कि साल 2004 में कांकेर लोकसभा सीट पर बीजेपी के विक्रम उसेंडी की जीत के बाद अंतागढ़ विधानसभा की सीट खाली हो गई थी. इसके बाद इस सीट पर उपचुनाव हुआ इस उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मंतूराम पवार ने ऐसे वक्त पर अपना नाम वापस ले लिया, जब कांग्रेस कोई दूसरा प्रत्याशी नहीं उतार सकती थी. ऐसे में इस चुनाव में बीजेपी को एक तरह से वाक ओवर मिल गया उपचुनाव के बाद एक ऑडियो टेप सामने आया, जिसमें पैसों की लेनदेन के बाद मंतूराम पवार के नाम वापस लेने की बात सामने आई इसी मामले में एसआईटी जांच कर रही है.



 
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