16 सांसदों ने छत्‍तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल को लिखी चिठ्ठी

सांसदों ने आगे लिखा है कि बस्‍तर में संघर्ष के दौरान डीजीपी रहे एसआरपी कल्‍लूरी की गतिविधियों की जांच की जाए और उन्‍हें जिम्‍मेदार ठहराया जाए. वहीं राज्‍य सरकार से मांग है कि बड़े प्रोजेक्‍ट के लिए खनन कंपनियों को दी गई जमीनों की जांच के लिए पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीका अपनाएं.

News18Hindi
Updated: February 13, 2019, 1:35 PM IST
16 सांसदों ने छत्‍तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल को लिखी चिठ्ठी
chhatisgarh CM bhupesh baghel
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Updated: February 13, 2019, 1:35 PM IST
छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल को 16 सांसदों ने मिलकर चिठ्ठी लिखी है. राज्‍य में आदिवासियों के साथ चल रहे संघर्ष पर विराम लगाने की मांग की है. सांसदों ने सीएम से अपील की है कि आदिवासियों का फेक एनकाउंटर, फेक सरेंडर करवाने वाले और रेप केस में आरोपी पुलिस जवानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. साथ ही संघर्ष के दिनों में विस्‍थापित हुए आदिवासियों के पुनर्वास की व्‍यवस्‍था की जाए.

सांसदों ने आगे लिखा है कि बस्‍तर में संघर्ष के दौरान डीजीपी रहे एसआरपी कल्‍लूरी की गतिविधियों की जांच की जाए और उन्‍हें जिम्‍मेदार ठहराया जाए. वहीं राज्‍य सरकार से मांग है कि बड़े प्रोजेक्‍ट के लिए खनन कंपनियों को दी गई जमीनों की जांच के लिए पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीका अपनाएं. सांसदों ने चिठ्ठी में आदिवासी, पत्रकार, वकीलों के खिलाफ दर्ज किए गए झूठे मुकदमों को वापस लेने की भी मांग की है.

सांसदों ने कहा कि वे सभी आदिवासी अधिकार राष्‍ट्रीय मंच की अावाज का समर्थन करते हैं. चिठ्ठी लिखने वालों में जितेंद्र चौधरी, एमडी सलीम, पी करुणाकरण, एम बी राजेश, राधेश्‍याम बिस्‍वास, बैद्य आदि शामिल हैं. सांसदों का कहना है कि मुठभेड़ के नाम पर आदिवासियों पर हो रहे अत्‍याचार अौर गिरफ्तारी पर रोक लगे. जबकि उन अधिकारियों पर कार्रवाई हो जिन्‍होंने सुप्रीम कोर्ट के सलवा जुडूम पर अाए 2011 के फैसले का उल्‍लंघन किया है.
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