तब ये वाक्य बन गया था नारा: 'जीत चाहे जिसकी हो, सरकार तो जोगी जी ही बनाएंगे'
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तब ये वाक्य बन गया था नारा: 'जीत चाहे जिसकी हो, सरकार तो जोगी जी ही बनाएंगे'
रायपुर के निजी अस्पताल में अजीत जोगी का निधन हो गया.

छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के इतिहास में पहली बार विधानसभा चुनाव (Assembly Election) में बीजेपी-कांग्रेस (BJP-Congress) के सीधे मुकाबले के बीच अजीत जोगी (Ajit Jogi) की पार्टी मजबूती से खड़ी थी.

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रायपुर. अक्टूबर-नवंबर 2018 की बात है, पहली बार मैं प्रदेश स्तर पर विधानसभा चुनाव की कवरेज कर रहा था. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के इतिहास में पहली बार विधानसभा चुनाव (Assembly Election) में बीजेपी-कांग्रेस (BJP-Congress) के सीधे मुकाबले के बीच जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे (जेसीसीजे) मजबूती से खड़ी थी. कांग्रेस से बगावत कर जून 2016 में इस पार्टी को खड़ा करने वाले थे छत्तीसगढ़ की राजनीति के सबसे चर्चित चेहरे अजीत जोगी. प्रदेश में अब तक बीजेपी और कांग्रेस के बाद वोट समीकरण के आधार पर मजबूत मानी जा रही बहुजन समाज पार्टी के साथ अजीत जोगी की पार्टी ने गठबंधन कर लिया था और प्रदेश की सभी 90 विधानसभा सीटों पर इनके प्रत्याशी उतारे गए.

चुनाव में राजनीतिक दलों के अपने-अपने दावे थे. बड़े-बड़े राजनीतिक जानकार जीत हार का समीकरण बनाने में जुटे थे. इस बीच जमीनी स्तर पर जिससे भी बात हुई, सब चुनाव में अजीत जोगी की भूमिका को ही महत्वपूर्ण मान रहे थे. चुनाव में एक वाक्य लोगों के लिए नारा बन गया था, वो वाक्य था- 'जीत चाहे जिसकी हो, सरकार तो जोगी जी ही बनाएंगे'.

किंग मेकर माने जा रहे थे जोगी!
विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान बीजेपी की स्थिति पहले से कमजोर और कांग्रेस की थोड़ी बेहतर मानी जा रही थी. इससे पहले के तीन विधानसभा चुनावों में दोनों ही पार्टियों के बीच जीत हार का अंतर 3 से 5 सीटों का ही रहा था. ऐसे में समीकरण लगाए जा रहे थे कि इस बार अजीत जोगी की पार्टी व बसपा गठबंधन को को 5 से 7 सीटें मिलेंगी. ज​बकि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियों को को 40 से 47 के बीच सीटें मिलेंगी. 90 विधानसभा सीटों वाले छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने के लिए 46 सीटों की जरूरत होगी. ऐसे में अजीत जोगी, जिसको समर्थन देंगे, उसकी ही सरकार बन जाएगी. इस समीकरण के तहत ही 'जीत चाहे जिसकी हो, सरकार तो जोगी जी ही बनाएंगे' का नारा प्रचलित हो गया था.



जोगी पास, बीजेपी फेल


11 दिसंबर 2018 को आए छत्तीसगढ़ विधानसभा के चुनाव परिणाम हैरान करन वाले थे. 90 में से कांग्रेस को 68 सीटों पर एकतरफा बहुमत मिला. राज्य में 15 साल तक सत्ता करने वाली बीजेपी महज 15 सीटों पर ही सिमट गई. लेकिन पूर्वानुमान के मुताबिक अजीत जोगी की पार्टी जेसीसीजे और बसपा गठबंधन को 7 सीटें मिलीं. इनमें से अकेले 5 सीटें अजीत जोगी की पार्टी को ही मिले. इसके बाद जानकार कहने लगे कि जोगी तो चुनाव में पास हो गए, लेकिन बीजेपी फेल हो गई, जिससे त्रिकोणीय चुनाव परिणाम के अनुमान गलत साबित हुए. बता दें कि छत्तीसगढ़ की राजनीति के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल अजीत जोगी का 29 मई को 74 साल की उम्र में निधन हो गया.
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