Home /News /chhattisgarh /

सुकमा: शहीदों को श्रद्धांजलि देते वक्त नम हो गईं राजनाथ की आंखें

सुकमा: शहीदों को श्रद्धांजलि देते वक्त नम हो गईं राजनाथ की आंखें

Photo: Rajnath Singh (News18Hindi)

Photo: Rajnath Singh (News18Hindi)

छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले के बाद मौजूदा हालात की जानकारी लेने और शहीदों को श्रद्धांजलि देने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को रायपुर पहुंचे. इसके बाद एयरपोर्ट से राजनाथ माना स्थित चौंथी बटालियन के लिए पहुंचे, जहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी.

अधिक पढ़ें ...
    छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले के बाद मौजूदा हालात की जानकारी लेने और शहीदों को श्रद्धांजलि देने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार को रायपुर पहुंचे. इसके बाद एयरपोर्ट से राजनाथ माना स्थित चौथी बटालियन के लिए पहुंचे, जहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी.

    सुकमा हमले पर राजनाथ: CRPF पर सवाल नहीं, नक्सली बौखलाए

    राजनाथ के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री रमन सिंह और अन्य अधिकारी मौजूद थे. इस बीच मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुकमा हमले में हुई चूक को लेकर सीआरपीएफ से रिपोर्ट मांगी है.

    शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद चौथी बटालियन में राजनाथ ने सीआरपीएफ और आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) के बड़े अफसरों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की. इसके बाद वे रामकृष्ण अस्पताल में घायलों से मिलने पहुंचे.

    Video: सुकमा हमले में जख्मी जवान की मां ने कहा, 'बेटे ने 5 नक्सली मारे, मुझे नाज है'

    गौरतलब है कि सुकमा जिले में सोमवार को हुए इस वर्ष के सर्वाधिक रक्तरंजित नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 26 जवान शहीद हो गए और सात जवान घायल हो गए. घायलों का रायपुर के दो अस्पतालों में इलाज चल रहा है. आठ जवान लापता बताए जा रहे हैं जिसमें सीआरपीएफ का एक कमांडर शामिल है. नक्सली शहीद जवानों के हथियार लूट ले गए.

    राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस हमले की कड़ी निंदा की और शहीद जवानों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की.

    केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने कहा कि यह घातक हमला अपराह्न् 12.30 बजे उस समय हुआ, जब 14वीं बटालियन चिंतागुफा के पास दोरनापाल के जंगली इलाके में पहुंची थी.

    ये भी पढ़ें: पीएम मोदी ने कहा- जवानों की शहादत नहीं जाएगी व्यर्थ

    सीआरपीएफ के उपमहानिरीक्षक एम. दिनाकरन ने कहा कि सबसे पहले 11 शव बरामद हुए और 12वें जवान ने यहां एक अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. उसके बाद इलाके में चलाए गए तलाशी अभियान में 12 और शव बरामद हुए.

    आईजी ने कहा, "हमले में बड़ी संख्या में महिला नक्सली भी शामिल थीं. इनके पास पहली बार अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर जैसे घातक हथियार भी थे. जिसके कारण नक्सलियों ने वहां जमकर तबाही मचाई."

    इलाज के लिए रायपुर लाए गए घायल जवान शेख मोहम्मद ने भी ऐसा ही दावा किया है. उन्होंने कहा कि रोड ओपनिंग के लिए सीआरपीएफ के 74वीं बटालियन के कुल 90 जवान निकले थे. नक्सलियों ने दो अलग-अलग जगहों पर घात लगा रखा था. हमला इतना जोरदार था कि जवानों को संभलने का मौका नहीं मिला.

    मोहम्मद ने कहा कि तीन घंटे तक लगातार गोलीबारी जारी रही. कथित तौर पर नक्सलियों ने इस दौरान बारुदी सुरंग में भी विस्फोट किया.

    ये भी पढ़ें- आंखों देखी: जवान ने कहा, अचानक 300 नक्सली बरसाने लगे गोलियां

    हमले में घायल एक जवान ने कहा कि नक्सलियों के हमले का तरीका बिल्कुल पुराना था. इस बार भी उन लोगों ने ग्रामीणों को ही अपना ढाल बनाया. उन्हीं के माध्यम से रेकी करवाई और इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया. हमने नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब दिया और 12 से अधिक नक्सलियों को मार गिराया है.

    उल्लेखनीय है कि इसके पहले 2010 में इसी इलाके से थोड़ी दूर चिंतागुफा नामक स्थान पर नक्सली हमले में 76 जवान शहीद हुए थे. उसके बाद से अब तक का यह दूसरा सबसे बड़ा हमला है.

    Tags: Chhattisgarh news, Naxal attack, Sukma Attack

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर