Teacher's Day: इस परिवार के 52 सदस्य है शिक्षक, 6 पीढ़ियों से चली आ रही टीचर बनने की परंपरा

Raghwendra Sahu | News18 Chhattisgarh
Updated: September 5, 2019, 3:41 PM IST
Teacher's Day: इस परिवार के 52 सदस्य है शिक्षक, 6 पीढ़ियों से चली आ रही टीचर बनने की परंपरा
रायपुर के ठाकुर परिवार में शिक्षक बनने की परंपरा चली आ रही है.

इस परिवार (Family) की 6 पीढ़ियों (Generations) से घर के अधिकांश सदस्यों के शिक्षक ही बनने की परंपरा सी चली आ रही है. शिक्षक बनना ये अपना सौभाग्य मानते हैं.

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रायपुर: भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (Dr. Sarvepalli Radhakrishnan) की जयंती के मौके पर हर साल शिक्षक दिवस (Teachers' Day) मनाया जाता है. टीचर्स के दिन स्टूडेंट्स शिक्षकों (Teachers) के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं. यह दिन शिक्षकों के प्रति प्यार और सम्मान प्रकट करने का दिन होता है. इस खास मौके पर हम आपको मिलाते है छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के ऐसे परिवार से जिसमे 52 सदस्य शिक्षा के पेशे से जुड़े हुए हैं. इस परिवार (Family) की 6 पीढ़ियों (Generations) से घर के अधिकांश सदस्यों के शिक्षक ही बनने की परंपरा सी चली आ रही है. शिक्षक बनना ये अपना सौभाग्य मानते हैं.

पीढ़ियों से चली आ रही ये परंपरा

राजधानी रायपुर के कुशालपुर क्षेत्र में निवास करने वाले ठाकुर परिवार के अधिकांश सदस्य सिर्फ शिक्षकीय पेशे को ही अपनाने को महत्व देते है. इसके पीछे कारण है पीढ़ी दर पीढ़ी इस पेशे में मिलने वाला सम्मान और समाज के लिए शिक्षा की अलख जगाकर कुछ करने की लालसा. महामाई पारा पुरानी बस्ती के गनपत सिंधी स्कूल में पदस्थ शिक्षिका चंद्रकिरण ठाकुर के परिवार में अधिकांश सदस्य शिक्षक ही हैं. न केवल उनके मायके बल्कि ससुराल पक्ष में भी शिक्षकों की भरमार है.



परिवार के 52 सदस्य है शिक्षक

इस परिवार के कुल सदस्यों की बात करें तो 52 सदस्य शिक्षक है. हालांकि कई लोग रिटायर हो चुके तो कई सदस्य अब इस दुनिया में नहीं है. चंद्रकिरण ठाकुर और उनकी बेटी स्वाति ठाकुर एक ही स्कूल में पढ़ा रही हैं. एक बेटी सांत्वना ठाकुर महासमुंद (Mahasamund) के खल्लारी में पदस्थ है. इसी तरह उनके जेठ की लड़की रजनी क्षत्री रायपुरा के हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ हैं. इस तरह पूरे 52 सदस्य हैं जो शिक्षा की ही अलख जगाते रहे है. परिवार के ये सदस्य न केवल पढ़ाते है बल्कि जरुरतमंद छात्रों की मदद से भी पीछे नहीं हटते. चंद्रकिरण के स्कूल की प्रधानपाठक चित्रा नागपाल का कहना है कि वे बहुत ही उत्कृष्ट टीचर हैं और पूरा परिवार ही समाज के लिए एक उदाहरण है.

रायपुर के इस परिवार में 6 पीढ़ियों से चली आ रही शिक्षक बनने की परंपरा.

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चंद्रकिरण की बेटी स्वाति ठाकुर का कहना है कि दरअसल, हमारा पूरा परिवार शिक्षा के पेशे से ही जुड़ा हुआ है. हमारी माता जी शिक्षिका हैं. मेरे नाना शिक्षक थे, पर नानी भी शिक्षिका थीं. शिक्षक बनने की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है. हमारी मां कहती हैं कि शिक्षक बनने से अच्छा पेशा और कोई नहीं है. तब से ही मैने भी शिक्षक बनने का सोच लिया था. चंद्रकिरण के परिवार में शिक्षा के संस्कार इस तरह है कि परिवार के सदस्यों को देखकर सभी शिक्षक ही बनना चाहते हैंऔर पढ़ाई के दौरान ही इस पेशे में जाने का लक्ष्य तय कर लेते हैं. छात्रों का भी कहना है कि उनके शिक्षक बेस्ट हैं.

 

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First published: September 5, 2019, 1:35 PM IST
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