जब पद्म विभूषण तीजन बाई के सम्मान में राष्ट्रपति भवन ने छत्तीसगढ़ी में किया ट्वीट

खास बात यह रही है कि इस ट्विटर हैंडल पर हर अवॉर्डी का परिचय अंग्रेजी में दिया गया लेकिन तीजन बाई का परिचय छत्तीसगढ़ी में पोस्ट किया गया.

News18Hindi
Updated: March 16, 2019, 10:53 PM IST
जब पद्म विभूषण तीजन बाई के सम्मान में राष्ट्रपति भवन ने छत्तीसगढ़ी में किया ट्वीट
तीजन बाई को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्म विभूषण से सम्मानित किया.
News18Hindi
Updated: March 16, 2019, 10:53 PM IST
छत्तीसगढ़ की पंडवानी गायिका डॉक्टर तीजन बाई को शनिवार को देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया. तीजन बाई यह सम्मान पाने वाली छत्तीसगढ़ की पहली नागरिक हैं. इससे पहले भारत सरकार उन्हें पद्म भूषण और पद्मश्री से भी सम्मानित कर चुकी हैं. शनिवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने तीजन बाई को यह सम्मान दिया.

राष्ट्रपति के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर पद्म सम्मान पाने वाले सभी लोगों की फोटो के साथ देश की संस्कृति और समाज में उनके योगदान की जानकारी पोस्ट की गई. खास बात यह रही है कि इस ट्विटर हैंडल पर हर अवॉर्डी का परिचय अंग्रेजी मेदिया गया लेकिन तीजन बाई का परिचय छत्तीसगढ़ी में पोस्ट किया गया.

प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया ने ट्वीट किया, 'कला-क्षेत्र बर डॉ. तीजन बाई ल भारत के राष्ट्रपति कोविन्द ह पद्म विभूषण दे हे. डॉ. तीजन बाई ह छत्तीसगढ़ी संस्कृति ल ‘पंडवानी’ के प्रदर्शन से देश-दुनिया म पहुंचाइस हे, जेमा महाभारत के परसंग ल गायन, मंचीय प्रदर्शन अउ परम्परागत वाद्य यंत्रों के संग जीवंत करे जाथे.' (कला क्षेत्र में योगदान के लिए राष्ट्रपति कोविंद ने डॉक्टर तीजन बाई को पद्म विभूषण से सम्मानित किया. डॉक्टर तीजन बाई ने 'पंडवानी' के जरिये देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ की संस्कृति को पहचान दिलाई है. पंडवानी में महाभारत के प्रसंग को गायन, मंचीय प्रदर्शन और परंपरागत वाद्ययंत्रों की मदद से जीवंत किया जाता है.)


Loading...

तीजनबाई को भारत सरकार ने 1988 में पद्‌मश्री से सम्मानित किया था. 3 अप्रैल, 2003 को भारत के राष्ट्रपति डॉक्टर अब्दुल कलाम ने उन्हें पद्‌म भूषण से सम्मानित किया. इसके अलावा उन्हें 1994 में श्रेष्ठ कला आचार्य, 1996 में संगीत नाट्‌य अकादमी सम्मान, 1998 में देवी अहिल्या सम्मान, 1999 में इसुरी सम्मान प्रदान किया गया. 27 मई, 2003 को उन्हें बिलासपुर के गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी ने डीलिट की उपाधि दी थी.

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...