विधायक ने कहा- जनता को मन के ब्रांड की नहीं मिल रही शराब, मंत्री जी बोले- जरूर पिलाएंगे
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विधायक ने कहा- जनता को मन के ब्रांड की नहीं मिल रही शराब, मंत्री जी बोले- जरूर पिलाएंगे
मंत्री ने जवाब में कहा कि क्रय नीति तत्कालीन सरकार ने जो बनाई है, उसी का पालन हो रहा है. (सांकेतिक फोटो)

छ्त्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) में शराब की उपलब्धता को लेकर सत्ता पक्ष के विधायक संतराम नेताम (MLA Santram Netam) ने ही सरकार से पूछा सवाल. विपक्षी BJP के सदस्य ने कंपनी विशेष से शराब (Liquor) की खरीदी को लेकर जताई आपत्ति.

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  • Last Updated: August 27, 2020, 2:37 PM IST
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रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र (Chhattisgarh Assembly) के दौरान एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां पर सत्तापक्ष यानि कांग्रेस के विधायक ने विधानसभा सत्र के दौरान सदन में अपनी ही सरकार को घेरने की कोशिश की है. खास बात यह है कि विधायक ने ऐसे मुद्दे को लेकर अपनी सरकार को घेरने का प्रयास किया है, जिसे सुनकर आप दंग रह जाएंगे. सत्तापक्ष के विधायक संतराम नेताम (MLA Santram Netam) ने सरकार से सवाल करते हुए कहा है कि बस्तर के लोगों की शिकायत है, वे जिस ब्रांड की शराब (Alcohol) चाहते हैं वह यहां पर नहीं मिल रही है. ऐसे में बस्तर के लोगों को दूसरे ब्रांड की शराब पीने पर मजबूर किया जा रहा है. इस दौरान विधायक ने कहा कि क्या आबकारी मंत्री जिस ब्रांड की मांग है, वह उपलब्ध कराने के निर्देश देंगे?

इस पर आबकारी मंत्री कवासी लखमा (Excise Minister Kawasi Lakhma) ने जवाब देते हुए भरोसा दिलाया कि जिस ब्रांड की मांग होगी, उस ब्रांड की शराब की आपूर्ति कराई जाएगी. खास बात यह है कि विधायक ने इस दौरान मंत्री से और अन्य सवाल भी किए. उन्होंने पूछा कि प्रदेश में कितनी देशी और विदेशी शराब की दुकानें संचालित हैं. वर्ष 2019-20 तक शासन को शराब के विक्रय से कितना लाभ हुआ. वहीं, संचालित शराब दुकानों में विदेशी मदिरा आपूर्ति के लिए देशी-विदेशी मदिरा किन किन कंपनियों और फर्मों से खरीदी जा रही है. उनके नाम व स्थान सहित जानकरी दें. साथ ही क्रय नीति कब बनाई गई, इसके बारे में भी डिटेल्स दें.

वर्तमान में 337 देशी 321 विदेशी शराब की दुकानें संचालित हैं
वहीं, मंत्री ने जवाब में कहा कि क्रय नीति तत्कालीन सरकार ने जो बनाई है, उसी का पालन हो रहा है. कंपनी की तरफ से जो लिस्ट आती है उसी के आधार पर रेट तय होता है. मार्केटिंग कॉर्पोरेशन खरीदता है, सरकार नहीं खरीदती है. मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 337 देशी 321 विदेशी शराब की दुकानें संचालित हैं. 2019 -20 तक शासन को शराब के विक्रय से 6000 करोड़ के आसपास का राजस्व प्राप्त हुआ है.
 जिस ब्रांड की शराब की डिमांड नहीं थी उसकी खरीदी क्यों


सदन में विधायक संतराम नेताम के अलावा पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने भी सरकार से सवाल पूछा है. उन्होंने कहा है कि जिस ब्रांड की शराब की डिमांड नहीं थी, उसकी खरीदी कर उसे कालातीत कर दिया गया. यह बेहद गंभीर विषय है.किसी व्यक्ति को उपकृत करने के लिए शराब की खरीदी की गई, बाद में उसे कालातीत कर दिया गया. अजय चंद्राकर ने कहा कि एक कंपनी विशेष से अधिक और एक कंपनी विशेष से कम खरीदी की गई. चंद्राकर ने अपने संबोधन के दौरान सत्ता पक्ष की ओर से टोकाटाकी पर नाराजगी भी जताई. इस पर संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि कवासी लखमा सक्षम मंत्री हैं. वह बेहतर ढंग से जवाब भी दे रहे हैं.
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