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नवनिर्वाचित सांसद डॉ. सरोज के सर हैं इन अनोखे रिकॉर्ड्स के ताज

निलेश त्रिपाठी | News18Hindi
Updated: March 23, 2018, 6:17 PM IST
नवनिर्वाचित सांसद डॉ. सरोज के सर हैं इन अनोखे रिकॉर्ड्स के ताज
डॉ. सरोज पांडेय.

छात्र राजनीति से अपने कॅरियर की शुरुआत करने वाली डॉ. सरोज पांडेय एक साथ महापौर, विधायक और सांसद रहकर विश्व रिकॉर्ड बना चुकी हैं.

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  • Last Updated: March 23, 2018, 6:17 PM IST
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छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की खाली एकमात्र सीट पर हुए चुनाव के परिणाम आ गए हैं. भाजपा भाजपा की कद्दावर नेता और राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सरोज पांडेय राज्यसभा सांसद पद के लिए निर्वाचित हो गई हैं. डॉ. सरोज पांडेय ने सीधे मुकाबले में कांग्रेस के प्रत्याशी लेखराम साहू को हराया.

छात्र राजनीति से अपने कॅरियर की शुरुआत करने वाली सरोज पांडेय के सर राजनीति के कई अनोखे रिकॉर्ड के ताज हैं. राजनीति में फर्स से अर्स तक का सफर तय करने वाली डॉ. सरोज पांडेय एक साथ महापौर, विधायक और सांसद रहकर विश्व रिकॉर्ड बना चुकी हैं. सरोज का ये रिकॉर्ड गिनिज व लिमका बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है.

डॉ. सरोज पांडेय संभवत: छत्तीसगढ़ की ऐसी पहली नेता हैं, जो अपने राजनीतिक कॅरियर में छात्रसंघ अध्यक्ष, महापौर, विधायक, लोकसभा सांसद व राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुई हैं. इसके अलावा दुर्ग में महापौर रहते लगातार दस साल तक बेस्ट मेयर का अवार्ड भी सरोज पांडेय को मिल चुका है.

दुर्ग के शासकीय महिला महाविद्यालय से छात्र राजनीति की शुरुआत करने वाली सरोज पांडेय पहली बार साल 2000 में दुर्ग नगर निगम की महापौर बनीं.
लगातार दो बार भाजपा से महापौर का चुनाव जीतने के बाद सरोज को साल 2008 में भिलाई के वैशाली नगर सीट से विधानसभा का भाजपा प्रत्याशी बनाया गया. इस चुनाव में उन्होंने अपने निकटम प्रत्याशी कांग्रेस के बृजमोहन सिंह को 15 ह​जार से अधिक वोटों से हराया.

साल 2009 के आम चुनाव में विधायक व महापौर सरोज को भाजपा दुर्ग की लोकसभा सीट का उम्मीदवार घोषित कर दिया. सरोज का सीधा मुकाबला भाजपा से ही अलग होकर लगातार तीन बार से लोकसभा सांसद रहे ताराचंद साहू था. सरोज ने लोकसभा चुनाव में भी जीत हासिल की. इसके बाद राष्ट्रीय राजनीति में भी उनका कद बढ़ता गया. सांसद रहते ही सरोज को भाजपा की राष्ट्रीय महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया.

हालांकि साल 2014 के आम चुनाव में सरोज को हार का सामना करना पड़ा. देश भर में नरेन्द्र मोदी लहर होने के बाद भी छत्तीसगढ़ से सरोज ही इकलौती भाजपा प्रत्याशी थीं, जिनकी हार हुई थी. इसके बाद राजनीतिक गलियारों में सरोज की आलोचना हुई और कहा जाने लगा कि इनका कॅरियर अब समाप्त है, लेकिन इसके बाद भी भाजपा ने उन्हें महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के दौरान बड़ी जिम्मेदारी दी और वे उसमें सफल हुईं. इसके बाद केन्द्रीय स्तर पर उनकी पकड़ और मजबूत होती गई.

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First published: March 23, 2018, 6:17 PM IST
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