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ये हैं बास्केटबॉल के 'द्रोणाचार्य', टीम की सफलता पर बन रही है फिल्म
Raipur News in Hindi

निलेश त्रिपाठी | News18Hindi
Updated: December 13, 2017, 11:46 AM IST
ये हैं बास्केटबॉल के 'द्रोणाचार्य', टीम की सफलता पर बन रही है फिल्म
छत्तीसगढ़ महिला बास्केटबॉल टीम के कोच राजेश पटेल.

छत्तीसगढ़ की महिला बास्केटबॉल टीम के कोच राजेश पटेल को यदि बास्केटबॉल का द्रोणाचार्य कहा जाए तो गलत नहीं होगा.

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  • Last Updated: December 13, 2017, 11:46 AM IST
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छत्तीसगढ़ की महिला बास्केटबॉल टीम के कोच राजेश पटेल को यदि बास्केटबॉल का द्रोणाचार्य कहा जाए तो गलत नहीं होगा. राजेश पटेल की कोचिंग में टीम ने राष्‍ट्रीय प्रतियोगिताओं में अब तक 103 मेडेल जीते हैं. इनमें से 69 प्रतियोगिताओं में टीम ने विजेता का खिताब व गोल्ड मेडेल जीते. इनकी टीम की सफलता पर फिल्म अभिनेत्री लारा दत्ता एक रियल स्टोरी फिल्म बनाने जा रही हैं. कानूनी प्र​क्रिया पूरी कर ली गई है.

61 वर्षीय राजेश पटेल भिलाई के सेक्टर—1 स्थित पंत स्टेडियम में बास्केटबॉल की कोचिंग देते हैं. भिलाई से ही छत्तीसगढ़ की टीम तैयार होती है. राजेश पटेल की कोचिंग में छत्तीसगढ़ की बालिका बास्केटबॉल टीम ने लगभग हर वर्ग में सफलता का परचम लहराया है. इसका नतीजा ही है कि टीम ने 103 में से 69 गोल्ड, 12 सिल्वर व 22 ब्रॉंज मेडेल टीम के खाते में है. बता दें कि बास्केटबॉल में ​ट्रॉफी के साथ मेडेल भी दिया जाता है.

अविभाजित मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ की सब जूनियर बालिका टीम देश की इकलौती ऐसी टीम है, जिसने सन् 1995 से 2016 तक सभी राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं जीती हैं.
राजेश पटेल की कोचिंग में ही छत्तीसगढ़ टीम ने यह सफलता हासिल की. इतना ही नहीं राजेश पटेल की कोचिंग में ही छत्तीसगढ़ की जूनियर व सीनियर महिला बास्केटबॉल टीम ने इंडियन रेलवे की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीत पर मार्च 2014 में ब्रेक लगाया था. इंडियन रेलवे लगातार 29 सालों से विजेता थी.



राजेश पटेल बताते हैं कि सन् 1973 में इंदौर के बास्केस्टबॉल स्टेडियम से उन्होंने करियर की शुरुआत की थी. सन् 1979 में खेल कोटे में उनकी नौकरी भिलाई स्टील प्लांट में लगी. इसके बाद से वे भिलाई में ही शिफ्ट हो गए. पहले पुरुष फिर सन् 1995 से उन्होंने महिला बास्केटबॉल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना शुरू किया. अब राजेश पटेल की तबियत कुछ ठिक नहीं रहती है. फिर भी मैदान पर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने से वे पीछे नहीं हटते हैं.



दिल्ली में लारा हुईं प्रभावित
राजेश पटेल बताते हैं कि सन् 2015 में छत्तीसगढ़ की बालिका टीम ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता जीता था. इसी दौरान इत्तेफाकन उनकी मुलाकात फिल्म अभिनेत्री लारा दत्ता से हुई. लारा छत्तीसगढ़ की बालिका टीम के प्रदर्शन से काफी प्रभावित हुई. इंडियन रेलवे के विजय रथ को रोकने की बात उन्हें क्लिक की. इसके बाद उन्होंने इस रियल स्टोरी पर फिल्म बनाने का निर्णय लिया. सन् 2016 के शुरुआती महीनों में ही फिल्म की स्टोरी पेटेंट करा ली गई. स्क्रिप्टिंग व कास्टिंग चल रही है. राजेश बताते हैं कि मार्च 2018 से फिल्म ​की शूटिंग शुरू हो सकती है.

खिलाड़ियों के लिए नि:शुल्क रहने खाने की व्यवस्था
राजेश पटेल की बालिका टीम में ज्यादातर खिलाड़ी गरीब परिवार से हैं. ऐसे में राजेश पटेल ने सामाजिक संगठनों की मदद से उनके रहने व खाने की व्यवस्था नि:शुल्क ​कर रखा. बाहर से आई खिलाड़ियों को वे अपने घर पर रखते हैं. इसके अलावा खेल संसाधन भी मुहैया कराते हैं.

ट्रॉफी के साथ बास्केटबॉल कोच राजेश पटेल. फोटो क्रेडिट: अनूप जायसवार


मिल चुके हैं ये अवार्ड
राजेश पटेल को उनकी बास्केटबॉल में उनके योगदान के लिए कई पुरस्कार मिल चुके हैं. इसमें विक्रम पुरस्कार, विश्वामित्र पुरस्कार, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, फिकी स्पोर्ट्स ग्लोबल पुरस्कार, सेल का बेस्ट पुरस्कार, राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार, नेशनल स्पोर्ट्स टाइम पुरस्कार, भीम चेतना पुरस्कार सहित अन्य शामिल है.

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First published: December 13, 2017, 11:46 AM IST
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