21 हॉस्‍टल बनाने के लिए ट्राइबल लैंड बेचेगी भूपेश बघेल सरकार, जनजातीय परिषद की बैठक में लगी मुहर
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21 हॉस्‍टल बनाने के लिए ट्राइबल लैंड बेचेगी भूपेश बघेल सरकार, जनजातीय परिषद की बैठक में लगी मुहर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में जनजातीय परिषद की बैठक हुई. (फाइल फोटो)

छत्तीसगढ़ राज्य जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासी को बेचने के तौर-तरीकों पर विचार के लिए कमेटी बनाई गई है.

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  • Last Updated: September 11, 2020, 11:51 AM IST
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रायपुर. भूपेश बघेल सरकार ने तिलईडबरी, बिरारपानी, छिरहट्टा जिले में 21 नए हॉस्‍टल बनाने के लिए संरक्षित आदिवासी जमीन बेचने का फैसला किया है .  छत्तीसगढ़ राज्य जनजाति सलाहकार परिषद की बैठक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई थी. इसमें अचानकमार टाईगर रिजर्व में आने वाले तीन गांवों तिलईडबरी, बिरारपानी, छिरहट्टा से लोगों के विस्‍थापन पर मुहर लगाई गई थी. साथ ही प्रत्‍येक विस्‍थापित परिवार को 10 लाख रुपए या दो हेक्टेयर भूमि और 5000 वर्गफीट की बाड़ी बतौर मुआवजा देने का फैसला किया गया. बता दें कि मौजूदा नियमों के अनुसार आदिवासियों की जमीन किसी गैर आदिवासी को नहीं बेचा जा सकता है. अब इस नियम में बदलाव करने के बाद आदिवासी जमीनों को बेचा जाएगा.

रायपुर स्थित सीएम आवास में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में जाति प्रमाण पत्र जारी और कैंसिल करने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई. साथ ही बैठक में अगले शैक्षणिक सत्र से नए हॉस्टल बनाने को भी मंजूरी दी गई. परिषद ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 में 21 नए हॉस्टल बनाने को भी मंजूरी दी. इन हॉस्टलों में 14750 सीटों को स्वीकृति दी गई है. परिषद की बैठक में आदिवासियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार संबंधी समस्याओं को दूर करने पर बल दिया गया.

बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम भूपेश बघेल ने अचानकमार टाइगर रिजर्व के गांवों के लोगों के विस्थापन के बाबत कहा कि विस्थापितों को सरकार अच्छी जगह पर समुचित जमीन मुहैया कराएगी. विस्थापन से पहले सभी परिवारों की सहमति भी ली जाएगी. टाइगर रिजर्व के 19 गांवों के लोगों के विस्थापन को लेकर परिषद की बैठक में सहमति बनी. परिषद की बैठक में गांवों में राजस्व संबंधी समस्याओं के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया. सरकार इसके लिए गांव-गांव में कैंप लगाएगी.



आदिवासियों की जमीन गैर आदिवासी को बेचने या देने संबंधी नियमों में बदलाव को लेकर भी परिषद की बैठक में उप समिति के गठन का निर्णय लिया गया. इस समिति में विधायक मोहन मरकाम, लक्ष्मी ध्रुव, लालजीत राठिया, शिशुपाल सिंह सोरी और चिंतामणि महाराज शामिल होंगे. यह समिति संबंधित कानून के नियमों की जांच करेगी और इसके बाद आदिवासी जमीन गैर आदिवासी को बेचने के लिए नियमों में बदलाव को लेकर प्रस्ताव देगी.
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